अमर उजाला ब्यूरो
लाडवा।
श्री बालाजी शक्तिपीठ धाम में श्रावण मास के अवसर पर आयोजित शिव महापुराण की कथा के दूसरे दिन कथा वाचक राकेश गौतम ने भस्मासुर व अमर कथा का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव अतिशीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं और मनोवांछित वरदान देते हैं। एक बार भगवान शिव ने भस्मासुर से प्रसन्न होकर उसे भस्म कंगण दे दिया था जिस पर भस्मासुर भगवान शिव को ही भस्म करने चला था लेकिन भगवान का वही वरदान दुरुपयोग किए जाने के कारण भस्मासुर का काल बना था। कथा में अमर कथा प्रसंग की व्याख्या करते हुए राकेश गौतम ने कहा कि भगवान शिव माता पार्वती को अमर कथा सुना रहे थे तो एक तोते ने अमरकथा सुन ली जिससे अगले जन्म में वह तोता शुकदेव मुनी के रूप में विख्यात हुआ। सोमवार को कथा के दूसरे दिन मुख्य यजमान त्रिलोकी नाथ गर्ग व उनकी पत्नी ऊषा देवी ने विशेष पूजन किया। मंदिर के संचालक आचार्य अखिलेश शास्त्री ने भी भगवान शिव की महिमा का गुणगान किया। कथा में विजय गोयल, डा. अशोक बंसल, कृष्णा रहेजा, विजय मित्तल, पार्षद विजेश शर्मा, नितिन बंसल पे सपरिवार भगवान की आरती की। इस अवसर पर भावना शर्मा, उषा वधवा, सुनीता ढींगडा, कृष्णा गोयल, आशा ढींगडा, शिवानी गर्ग, विकास शर्मा, गीता आनंद, नरेश मेहता, शुभम गर्ग सहित अन्य श्रद्धालु उपस्थित थे।