कुरुक्षेत्र। हरियाणा लोक सेवा आयोग ने रविवार को सहायक जिला न्यायवादी (एडीए) भर्ती परीक्षा आयोजित की। जिले के परीक्षा केंद्रों पर आधे से भी कम अभ्यर्थी पहुंचे। जिले में 27 जगहों पर कुल 38 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इन केंद्रों पर 10,620 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी। हालांकि, केवल 5,475 अभ्यर्थियों ने ही परीक्षा में भाग लिया। इस प्रकार, 5,145 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा में अभ्यर्थियों की उपस्थिति 50 फीसदी से भी कम रही। कई परीक्षा केंद्रों के अधिकांश कमरे खाली दिखाई दिए। जिन कमरों में परीक्षा हुई, वहां भी दो से चार अभ्यर्थी ही बैठे थे।
सुबह परीक्षा शुरू होने से पहले बस अड्डे और रेलवे स्टेशन पर भी परीक्षार्थियों की भीड़ नहीं दिखाई दी, वहीं केंद्रों के भीतर तस्वीर अलग थी। कई कमरों में गिनती के अभ्यर्थी ही मौजूद थे जबकि परीक्षा दोपहर में समाप्त होने के बाद बाहर निकले अभ्यर्थियों ने पेपर को कठिन बताया। उनका कहना था कि सामान्य ज्ञान के कई प्रश्न उलझाने वाले थे और प्रश्नपत्र का स्तर यूपीएससी जैसी परीक्षाओं के बराबर था। परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों ने नाराजगी जाहिर की। कई अभ्यार्थियों ने शिकायत की कि नूंह, मेवात, फरीदाबाद, रेवाड़ी और सिरसा सहित कई जिलों के का केंद्र कुरुक्षेत्र दिया गया। अभ्यर्थियों ने बताया कि 150 से 200 किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर यहां पहुंचना पड़ा। कई परीक्षार्थियों ने कहा कि परीक्षा केंद्र काफी दूर मिलने से उन्हें अतिरिक्त खर्च और परेशानी उठानी पड़ी।
एक ही पाली में हुई परीक्षा, करीब 20 बसें चलाईं
एडीए परीक्षा एक ही पाली में आयोजित की गई। परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए रोडवेज विभाग ने जिले में करीब 20 विशेष बसों का संचालन किया। हालांकि लगभग सभी बसें खाली रही रही। जिसे बाद में अपने-अपने रूटों पर भेज दिया गया। जबकि पेपर के बाद कुछ मिनी बसों को केंद्रों के बाहर खड़ा किया तो वे भी खाली ही अपने डिपो में पहुंची।
अभ्यर्थी बोले- दूर केंद्र मिलने से कई उम्मीदवार पहुंचे ही नहीं
नूंह निवासी मुकुंद राठी और सिरसा निवासी शालिनी ने बताया कि प्रश्नपत्र काफी कठिन था और सामान्य ज्ञान के सवालों ने काफी उलझाया। उन्होंने कहा कि उनके परीक्षा केंद्र पर अधिकांश कमरे खाली थे और एक कक्षा में केवल पांच से सात अभ्यर्थी ही परीक्षा दे रहे थे। दोनों ने बताया कि वे सुबह करीब चार बजे घर से निकले, तब जाकर समय पर केंद्र पहुंच सके।
वहीं महेंद्रगढ़ से आए एक अन्य अभ्यर्थी सौम्य ने बताया कि वह एक दिन पहले ही कुरुक्षेत्र पहुंच गया था और रात जाट धर्मशाला में रुका। उसके अनुसार वहां भी परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों की संख्या उम्मीद से काफी कम दिखाई दी।