नोटबंदी के बाद भले ही 50 दिन में 50 करम हो गए, लेकिन अब हालात सामान्य हो रहे हैं। बैंक, प्रशासन और सरकार लोगों को अब राहत देते हुए मरहम लगाएगी। उम्मीद है कि नए साल से हालात बिल्कुल सामान्य हो जाएंगे। वहीं आम लोग इतनी परेशानी झेलने के बाद भी नोटबंदी को देशहित में करार दे रहे हैं और सरकार के फैसले को सराह रहे हैं।
जिले भर में करोड़ों रुपये की नई करेंसी पहुंचने के साथ-साथ छोटे नोट भी चलन में आ गए हैं। जिस कारण से बैंकों में अब लोगों की भीड़ छंटी हुई दिखाई दे रही है। एटीएम के बाहर भी लंबी लाईनें अब सिमट गई है। करेंसी आने से जहां आम लोगों को राहत मिली है वहीं बैंक अधिकारी भी चैन से काम करते हुए दिखाई दे रहे हैं। एक बैंककर्मी ने बताया कि सरकार के फैसले के बाद से बैंकों ने अपनी सारी ऊर्जा पुराने नोट जमा करने और नए नोट लोगों को उपलब्ध कराने में लगा दिया था। इस कारण से बैंक के सारे काम ठप हो गए थे, लेकिन अब उन पेंडिंग पड़े कामों पर फिर से फोकस होगा। वहीं आम लोग इतनी परेशानी झेलने के बाद भी नोटबंदी को देशहित में करार दे रहे हैं। वहीं छोटे दुकानदार से लेकर व्यापारी भी नोटंबदी से नाकारात्मक असर बता रहे हैं, जिसके साथ ही नोटबंदी देश के पक्ष में करार दे रहे है।
50 करोड़ से अधिक का फटका, फिर भी निराशा नहीं
नोटंबदी के चलते कुरुक्षेत्र के आम दुकानदारों से लेकर अन्य कारोबारियों को करीब 50 करोड़ से अधिक का फटका लगा है, जिसके बावजूद भी उन्हें नोटबंदी के निर्णय से उम्मीदें लगी हैं। कुरुक्षेत्र व्यापार मंडल के प्रधान फतेहचंद गांधी के मुताबिक नोटबंदी के बाद कारोबार महज 25 पैसे रह गया था और करीब एक करोड़ का नुकसान हर रोज कारोबारियों को उठाना पड़ा। आम जरूरत की चीजों के अलावा ऑटो मोबाइल, इलेक्ट्रिक, आभूषण, होटल सहित अन्य व्यवसायों में लगे लोगों को भारी नुकसान हुआ, इसके बावजूद आम दुकानदार भी सरकार के इस निर्णय को बड़ा कदम व भविष्य के प्रति सकारात्मक बता रहे हैं।
कुछ परेशानी हुई पर देशहित में कोई बात नहीं : कंसल
पिपली में निजी क्लीनिक चला रहे डॉ. पंकज कंसल का कहना है कि कुछ परेशानी नोटबंदी के कारण जरूर हुई है, लेकिन कोई बात नहीं। हमें अच्छे कार्य के लिए इतनी परेशानी उठाने से गुरेज नहीं करना चाहिए। अब सामान्य स्थिति होने लगी है।
पीएम का बड़ा व साहसिक रहा कदम : हरप्रीत सिंह
शहरवासी हरप्रीत सिंह ने कहा कि पीएम मोदी ने यह बड़ा व साहसिक कदम उठाया है। अब हालात ठीक हो चुके हैं, कुछ परेशानी शुरू के दिनों में हुई। ऐसी परेशानियों से हमें घबराने के जरूरत नहीं। सरकार के इस कदम से देश को बड़ा फायदा होगा।
ज्यादा नुकसान नहीं हुआ : मक्खन
शहर में ब्यूटी सैलून चला रहे मक्खन शर्मा ने बताया कि नोटबंदी का असर उनके कारोबार पर रहा, लेकिन अधिक नहीं। नोटबंदी से जहां ब्लैक मनी निकल कर बाहर आ रही है वहीं अब देश के आर्थिक हालात आम लोगों के हित में दिखाई देने लगे है। यह अच्छा फैसला है।
काफी समय पहले लिया जाना चाहिए था फैसला : धर्मवीर
रामगढ़ निवासी एवं कुरुक्षेत्र में दुकान चला रहे धर्मवीर ने बताया कि सरकार ने यह बड़ा फैसला लिया हुआ है। इससे देश की अर्थव्यवस्था सही पटरी पर आएगी। ऐसा फैसला काफी समय पहले लिया जाना चाहिए था।
अब सैलरी व बुढ़ापा पेंशन ने बढ़ाई चिंता
नोटबंदी के चलते पहले ही कुछ परेशानी झेल रहे बैंकों के अधिकारियों की सांसे अब जनवरी माह शुरू होते ही कर्मचारियों की दी जाने वाली सैलरी व बुढ़ापा पेंशन ने फूला दी है। अभी बैंकों के पास वीरवार तक के लिए कैश का स्टॉक है, लेकिन आरबीआई से अगले एक-दो दिन में नई करेंसी नहीं मिली तो समस्या होगी। बैंकों को इस बार एक साथ दो माह की जारी की गई दो माह की बुढ़ापा पेंशन ने भी परेशानी में डाल दिया है। अब कर्मियों को सैलरी व बुर्जुगों को पेंशन मिल पाएगी या नहीं, यह तो समय बताएगा।
कुरुक्षेत्र जिला के लोगों को मिले करीब 600 करोड़
पीएनबी के डीजीएम पीएस चौहान ने कहा कि नोटबंदी के बाद अब तक जिले में करीब 600 करोड़ रुपये बैंकों में आ चुके हैं। हालांकि नई करेंसी में करीब 400 करोड़ लेन-देन में प्रयोग आ गई है। उनका मानना है कि करीब 200 करोड़ की राशि लोगों ने बैंक व एटीएम से लेकर अपने पास स्टॉक कर ली है। यह राशि भी लेन-देन में आए तो कोई मुश्किल नहीं रहेगी। अब हालात सामान्य हो चुके हैं। अधिकतर एटीएम में पैसा है तो वहीं बैंकों में भी अब उपभोक्ताओं की भीड़ पहले की तरह नहीं रही है। अगले एक सप्ताह में ही स्थिति और भी बेहतर हो जाएगी।