अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। केयू के गैर शिक्षक कर्मचारी संघ का चुनाव तीन जनवरी को होगा। यह फैसला सोमवार को कुंटिया कार्यालय में आयोजित कुंटिया की जनरल बॉडी की बैठक में लिया गया। जरनल बॉडी की इस बैठक में यह चुनावी शड्यूल सर्वसम्मति से पारित किया गया।
केयू के सभी गैर शिक्षक कर्मचारी 11 से 14 दिसंबर तक वोट बनवा सकते हैं। 14 से 18 दिसंबर तक वोट से संबंधित अपनी आपत्ति दर्ज करवा सकते हैं। वहीं चुनाव लड़ने के लिए सभी उम्मीदवार 28 दिसंबर को नामांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद 31 दिसंबर दोपहर 2 बजे तक नामांकन वापस ले सकते हैं।
वहीं निवर्तमान कोषाध्यक्ष अनिल लोहट ने पूरे वर्ष का लेखा जोखा प्रस्तुत किया। इसके बाद बैठक में करीब 20 मिनट तक हंगामे की स्थित बनी रही। कर्ण सिंह ग्रुप व सुनील कक्कड़ ग्रुप के कई नेता मंच पर अपनी बात नहीं रख सके। उन्होंने रोष जताते हुए कहा कि निवर्तमान कार्यकारिणी तानाशाही रवैया अपना रही है। पूर्व कोषाध्यक्ष रहे रामेश्वर सैनी ने आरोप लगाया कि निवर्तमान कार्यकारिणी की वजह से करीब तीन माह से यह चुनाव अटका रहा। जिन मुद्दों को लेकर कुंटिया ने हड़ताल की, उन्हें पूरा कराने में निवर्तमान कार्यकारिणी पूरी तरह से विफल रही।
चार अक्तूबर को समाप्त हो गया था निवर्तमान कार्यकारिणी का कार्यकाल
निवर्तमान कार्यकारिणी का कार्यकाल 4 अक्तूबर 2018 को समाप्त हो गया था। हालांकि उस समय कई कर्मचारी नेता चुनाव की तैयारियां भी करने लगे थे, लेकिन कुंटिया का फर्म एंड सोसायटी एक्ट के तहत पंजीकरण न होने के चलते चुनाव प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई। चुनावी शेड्यूल को जारी करने के लिए कुंटिया की ओर से दो बार पहले भी जनरल बॉडी की बैठक बुलाई गई। लेकिन इनमें हंगामे के चलते निर्णय नहीं लिया जा सका। 22 नवंबर को कुंटिया का फर्म एंड सोसायटी एक्ट के तहत पंजीकरण कराया गया। उसके बाद अगले चुनाव का रास्ता साफ हो गया है।
कोर्ट ने कार्यकारिणी पदाधिकारियों की बैठक व धरने पर लगाया था स्टे
बता दें कि 29 सितंबर से 19 अक्तूबर तक अपनी मांगों को लेकर कुंटिया ने हड़ताल की थी। इस दौरान मामला केयू प्रशासन की ओर से अदालत में ले जाया गया। अदालत ने कुंटिया के 37 पदाधिकारियों व नेताओं के खिलाफ मामला चलाते हुए केयू परिसर में कोई बैठक, धरना व प्रदर्शन करने पर स्टे लगा दिया था।