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आज से गांव बंद - छुट्टी पर रहेंगे किसान

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आज से गांव बंद, छुट्टी पर रहेंगे किसान
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अमर उजाला ब्यूरो
शाहाबाद । एक जून से 10 जून तक किसान छुट्टी पर या गांव बंद का आह्वान राष्ट्रीय किसान महासंघ के अह्वान पर लिया है। इसी संदर्भ में किसानों व भाकियू कार्यकर्ताओं की बैठक मंडी परिसर में भाकियू प्रेस प्रवक्ता राकेश बैंस के नेतृत्व में हुई। इसमें गांवों में किसानों एवं भाकियू कार्यकर्ताओं की टीमों का गठन किया गया, ताकि किसानों को समझाकर रोका जा सके। इस अभियान को सफल बनाया जा सके।
राकेश बैंस ने कहा कि यह लड़ाई किसानों के हक की लड़ाई है। सरकार को चेताने के लिए इसे सफल बनाना आवश्यक है। दूसरी ओर सोशल मीडिया पर भी खूब प्रचार किया जा रहा है, जिसमें मनभावनी, दिल को छू लेने वाली वीडियो द्वारा प्रचार किया जा रहा है। बैंस ने कहा कि किसान अपनी तीन मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं जिसमें स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करना व कर्ज मुक्ति तथा किसान की न्यूनतम आय एवं फलों, सब्जियों और दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय होना शामिल है। जिसे लेकर देश में बड़ा आंदोलन चल रहा है । उन्होंने कहा कि आज भी किसानों की सूरजमुखी औने-पौने दामों पर बिक रही है। आज सरकार की गलत नीतियों के कारण किसान कर्ज तले दबा है। आत्महत्याएं करने को मजबूर है, परंतु केंद्र सरकार ने कर्ज माफी के लिए कोई कदम नहीं उठाया। इसलिए किसान अब छुट्टी पर रहेंगे। उन्होंने कहा कि अब किसान एक जून से अपनी अहमियत दर्शाने जा रहा हैं, क्योंकि किसान इस बार अपनी फल, सब्जी, दूध को सड़कों पर डालकर नष्ट कर देंगे पर बेचेंगे नहीं। इस अवसर पर जसबीर सिंह मामूमाजरा, बलविंद्र नलवी, अर्जुन भिंडर, बलविंद्र दामली, अनिल तनेजा, सुखचैन सिंह पाडलु, पवन कुमार, कुलदीप सिंह दिनारपुर सहित अनेक किसान मौजूद थे।
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किसान यूनियनों ने दी है बड़ी छूट
इतना बड़ा फैसला लेने के बावजूद किसान यूनियनों ने बड़ी छूट दी है, जिससे जनता को राहत मिलेगी। यह जानकारी देते हुए भाकियू प्रेस प्रवक्ता राकेश बैंस ने बताया कि उनकी लड़ाई सरकार से है न कि जनता से। इस लिए राष्ट्रीय महासंघ ने फैसला लिया है कि यदि किसी भी व्यक्ति को इस हड़ताल के दौरान दूध, फल, सब्जियां इत्यादि सामान की जरूरत है तो वह किसान के पास किसान के रेट अनुसार वस्तु खरीद सकता है। इस छूट में इस बात का ख्याल रखा जाएगा कि कोई भी व्यक्ति इसका व्यापारीकरण न कर सके।
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