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20 मई तक सभी राइस मिलर्ज को भेजनी होगी सीएमआर

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स्टाक में मिली कमी तो मिलरों पर होगी एफआईआर
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। 20 मई तक सभी राइस मिलर्स को सीएमआर यानी जीरी कूटने के बाद निकाले गए चावलों की सप्लाई संबंधित विभाग को अविलंब करवानी होगी। किसी भी प्रकार की देरी के लिए मिलर्स को कारण बताओ नोटिस जारी कर देरी का कारण पूछा जाएगा। इसके साथ ही स्टॉक भी अधिकारियों द्वारा जांचा जाएगा। अगर कम पाया गया तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। यह आदेश डीसी डॉ. एसएस फुलिया ने मिलर्स और अधिकारियों की मंगलवार को ली बैठक में दिए।
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उन्होंने डीएफएससी विरेंद्र चौधरी सहित सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस विषय को गंभीरता से लिया जाए। बैठक में उपस्थित मिलर्स को स्टॉक की व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी लेने के उपरांत डीसी ने डीएफएसएसी सहित संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीएमआर के लिए जितना माल भेजा गया था, उसमें से कितना स्टॉक बकाया है, उसकी जांच की जाए। यदि संबंधित मिलर्स के पास स्टॉक कम मिलता है तो एफआईआर करवाकर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए। यदि कोई अधिकारी लापरवाही बरतता पाया गया तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। डीसी ने मिलर्स की शिकायतों और समस्याओं को भी जाना और सुना। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि मिलर्ज की किसी प्रकार की कोई समस्या है तो प्राथमिकता के आधार पर उसे दूर किया जाए। बैठक में डीएफएससी ने बताया कि जिला के मिलर्स को लगभग 6 लाख मीट्रिक टन जीरी सीएमआर के लिए भेजी गई थी, जिसमें से 97 प्रतिशत की डिलीवरी हो चुकी है। यह चावल सेंटर पूल के लिए भेज दिया गया है। डीएफएससी ने यह भी बताया कि एक क्विंटल जीरी में निर्धारित मापदंड के तहत लगभग 67 प्रतिशत चावल निकलता है। जिसके लिए मिलर्ज को प्रति क्विंटल के हिसाब से 10 रूपए दिए जाते है इसके अलावा यातायात का खर्चा मिलर्स को अलग से दिया जाता है और यह कार्य सभी मिलर्स को निर्धारित समय के अनुसार करना होता है। उन्होंने यह भी बताया कि जिला में मिलर्ज की कुल संख्या 205 है। इस मौके पर संबंधित विभागों के अधिकारी और मिलर्ज उपस्थित रहे।
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