तीन साल पहले तोड़ी सड़क, दो साल पहले शुरू हुआ निर्माण, अब तक नहीं बनी तो भूख हड़ताल पर बैठे लोग
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। शहर के वार्ड नंबर-7 में महज एक किलोमीटर लंबी सड़क करीब तीन वर्ष पहले तोड़ी गई थी। दो वर्ष पहले विधायक सुभाष सुधा ने इसके निर्माण कार्य का नारियल तोड़कर शुभारंभ किया गया। इसके बाद भी अब तक यह सड़क नहीं बन पाई। इससे गुस्साए विभिन्न कॉलोनी के लोग रविवार को सड़कों पर उतर आए। उन्होंने इसी सड़क पर टेंट गाड़कर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। इस दौरान आक्रोशित लोगों ने नारेबाजी करते हुए सड़क निर्माण कार्य शुरू होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान कर दिया।
मामला मोहन नगर के पीछे से वशिष्ठ कॉलोनी के साथ जाने वाली 33 फुट चौड़ी सड़क का है। इसका निर्माण न होने की वजह से पहले दिन भूख हड़ताल पर लोक स्वराज जन सेवा ट्रस्ट के प्रधान रघुवीर गर्ग और रामनरेश यादव बैठे। वार्ड-23 के एमसी कृष्ण गुप्ता, वार्ड-8 के एमसी जोगिंद्र सिंह, एमसी राजकुमार, अंकित गुप्ता एडवोकेट भरत वधवा, मुकेश सिसौदिया, राजेश बेदी, पूनम सैनी, मूलखराज अनेजा, ओमप्रकाश, प्रमोद कुमार, सुनील कुमार सहित वशिष्ठ कॉलोनी, मोहन नगर, गांधी नगर आदि कॉलोनी के भी सैकड़ों लोग धरने पर बैठे। भूख हड़ताल और धरने पर बैठे लोगाें का आरोप है कि प्रदेश सरकार से लेकर जिला प्रशासन तक इस सड़क के निर्माण के लिए गंभीर नहीं है। उनके द्वारा बार-बार शिकायत करने के बाद भी सड़क नहीं बनी तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर हो गए। कॉलोनी वासियों का कहना है कि बेहद खस्ता हो चुकी इस सड़क को बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। करीब तीन वर्ष पहले इसे दोबारा बनाने के लिए तोड़ा भी गया। अप्रैल-2016 में विधायक सुभाष सुधा द्वारा यहां निर्माण कार्य का शुभारंभ नारियल तोड़कर और लड्डू बांटकर किया गया। इससे लोगों के चेहरे खिल उठे और उम्मीद हुई की जल्द ही सड़क बनेगी। छह माह तक भी कार्य नहीं हुआ तो फिर वहां पहुंचे विधायक को लोगों ने गुहार लगाई तो उन्होंने आश्वासन दे दिया। इसके बावजूद आज तक सड़क निर्माण कार्य नहीं किया गया।
आज ये नेता दे सकते हैं धरने को समर्थन
धरना दे रहे लोगों की मानें तो विभिन्न नेताओं ने उन्हें समर्थन देने का आश्वासन दिया है। सोमवार को इनेलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा, पूर्व विधायक रमेश गुप्ता, जयभगवान शर्मा आदि नेता धरना स्थल पर पहुंचेंगे। रविवार देर रात तक चलते रहे धरने को जिला परिषद के पूर्व चेयरमैन प्रवीण चौधरी भी समर्थन देने पहुंचे।
मंगलवार को दी थी प्रशासन को चेतावनी
धरना और भूख हड़ताल कर रहे लोगों ने मंगलवार को डीआरओ चांदी राम को ज्ञापन सौंपा था। अगले दिन एडीसी को भी ज्ञापन दिया था। इसमें सड़क बनाए जाने की मांग की गई थी। साथ ही ऐसा न करने पर रविवार से धरने और भूख हड़ताल की चेतावनी दी थी।
इन गांवों को जोड़ती है सड़क
यह सड़क शहर के मोहन नगर, वशिष्ठ कॉलोनी, कीर्ति नगर क्षेत्र, बिश्रगढ़, भवानी खेड़ा, सिंगपुरा, खेड़ी, सिरसला सहित करीब दर्जन भर गांवों को जोड़ती है। इस सड़क पर तीन निजी स्कूल और एक श्मशान घाट भी स्थित है। सड़क के क्षतिग्रस्त लोगों को यहां शवों को ले जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
एक किलोमीटर सड़क का होना है निर्माण
कॉलोनीवासियों का कहना है कि नगर परिषद द्वारा यह सड़क करीब एक किलोमीटर क्षेत्र में ही बनाई जानी है। यह लोगों की अनेकों वर्षों पुरानी मांग है। वे इसके लिए विधायक से लेकर जिला प्रशासन को भी अनेकों बार गुहार लगा चुके हैं। सड़क बनाया जाना तो दूर अब इस पर दूसरी बनाई जा रही सड़कों का मलबा भी डाला जाने लगा है। ऐसे हालत में यहां अनेकों लोग हादसे का शिकार हो चुके हैं।
सीवरेज और पानी के कनेक्शन लेते ही बना दी जाएगी सड़क : सुधा
विधायक सुभाष सुधा ने मामले को लेकर पत्रकारों से बातचीत में बताया कि सड़क पर सीवरेज और पेयजल की पाइप लाइन दबा दी गई है। लोगों के इनके कनेक्शन लेने के बाद सड़क निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। यहीं नहीं शहर की हर सड़क और अन्य विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है।