‘सरकार बना रही बेवजह के दबाव, स्कूल चलाना हुआ मुश्किल’
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
जिला भर के निजी स्कूल संचालक मंगलवार को स्कूल बंद रखते हुए सड़कों पर उतर आए। सभी ने सरकार की निजी स्कूलों के प्रति नीतियों की कड़ी निंदा करते हुए जमकर रोष व्यक्त किया। इस दौरान सीटीएम को सीएम मनोहर लाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इससे पहले फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल वेल्फेयर एसोसिएशन के आह्वान पर जिला प्रधान कर्म सिंह के नेतृत्व में स्कूल संचालकों ने अपने-अपने स्कूल बंद रखे। एसोसिएशन के पदाधिकारी और स्कूल संचालक सुबह ही जिला सचिवालय में एकत्रित हुए। इसमें उन्होंने कहा कि सरकार की निजी स्कूलों के प्रति नीतियों के चलते अब स्कूल चलाना मुश्किल हो चुुका है। बेवजह ही सरकार स्कूलों पर अनेकों प्रकार के दबाव बना रही है।
इस दौरान कहा गया कि बसों को लेकर अनेकों प्रकार के टैक्स लगाए हुए हैं। आज तक सरकार ने 134-ए के तहत इन स्कूलों में दाखिल हुए बच्चों का भुगतान भी नहीं किया है। सरकार की ऐसी नीतियों के कारण ही निजी स्कूल संचालकों में सरकार के प्रति गहरा रोष है। उन्होंने मांग की कि 134-ए के तहत दाखिल विद्यार्थियों को लेकर सरकार संबंधित राशि स्कूलों को जल्द दें, सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को दी जाने वाली सुविधाएं निजी स्कूलों में भी दी जाएं, किसी भी स्कूल के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने से पहले शिक्षा विभाग द्वारा संबंधित मामले की गहन जांच की जाए। प्रदर्शनकारियों में ओमपाल शर्मा, बीडी गाबा, हीरालाल, राजीव चावला, बालकिश्न, इश्वर सिंह, शिव कुमार आर्य, प्यारा सिंह, बलजीत सिंह, बृजभूषण, मुकेश, सुरजीत सिंह, आदि स्कूल संचालक भी मौजूद थे।
यमुनानगर स्कूल की मृतक प्रिंसिपल के परिवार को दी जाएगी आर्थिक सहायता
निजी स्कूल संचालकों की ओर से प्रदर्शन के दौरान कुछ दिनों पहले ही यमुनानगर के एक स्कूल की प्रिंसिपल की गोली मारकर की गई हत्या पर भी रोष व्यक्त किया गया। स्कूल संचालकों ने इस दौरान प्रिंसिपल के परिवार को आर्थिक सहयोग दिए जाने का भी निर्णय लिया। कहा कि स्कूल संचालकों से लेकर स्कूल स्टाफ तक असुरक्षित है। यह सरकार की इन स्कूलों के प्रति उदासीनता का ही प्रमाण है।