तो भूकंप से कांपने लगी धरती, प्रशासन ने राहत कार्य चलाया
कुरुक्षेत्र।
सुबह 10 बजे एक दम से धर्म नगरी कांप उठी जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोग अपने घरों से निकलकर भागने लगे। कुछ लोग इस भगदड़ और कच्ची दीवारों के गिरने से घायल हो गए। प्रशासन तुरंत हरकत में आया और युद्घ स्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। घटना की सूचना मिलते ही जिले के बडे़ अधिकारी और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मोर्चा संभाल लिया। भूकंप में घायल लोगाें को जिला अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है। जहां दर्जनों डॉक्टर घायलों के इलाज में जुटे हैं।
चौक गए न आप कि आपके मोहल्ले में कोई भूकंप नहीं आया। यह कोई वास्तविक घटना नहीं बल्कि प्रदेश सरकार के निर्देश पर भूकंप राहत मॉक ड्रील थी, जिसमें भूकंप आने पर हालात से निपटने के लिए प्रशासन ने पुलिस ने नेताओं की मौजूदगी में मॉक ड्रिल किया। जिसे देख लोग भी दंग रह गए। इस मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, अग्रिशमन विभाग, रेडक्रास, रोड़वेज, पीडब्लयूडी सहित विभिन्न विभागों ने पहुंचकर भूकंप आने की स्थिति में किस तरह कार्य करके बचाव किया जाए और आमजन को सुरक्षित बाहर निकाला जाए, इसके बारे में न केवल पूरा अभ्यास किया बल्कि लोगों को भी ऐसे हालात को लेकर जागरूक किया गया। प्राकृतिक आपदा भूकंप आने पर राहत पहुंचाने और आपातकालीन स्थिति में किस तरह जनहानि होने से बचाया जाए, इसके बारे में इस मॉक ड्रिल के माध्यम से जिले में भी आमजन तथा स्कूली बच्चों को विस्तार पूर्वक समझाया गया। इसी दौरान यह भी आंकलन किया गया कि भूकंप के समय सभी विभागों के पास पर्याप्त मात्रा में संसाधन उपलब्ध है या नहीं। मॉक ड्रिल के दौरान भूकंप के लिए चयनित स्थानों से पीड़ितों को रेस्क्यू ऑपरेशनकरके स्थानीय सिविल अस्पताल में ले जाया गया और इसके साथ-साथ मौके पर ही प्रथम चिकित्सा सुविधा भी मुहैया करवाई गई। आग लगने की स्थिति में किस तरह बचाव कर उस पर काबू किया जाए, मॉक ड्रिल के माध्यम से अग्रिशमन विभाग ने डेमो करके दिखाया। इसके साथ-साथ इमारतों में फंसे घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया को भी पूरा किया गया। विभिन्न प्रकार की मशीनरी का प्रयोग कर भूकंप के दौरान गिरने वाली इमारतों, पेड़ों आदि को मुख्य मार्ग से हटाकर रास्ता साफ किया गया ताकि रेसक्यू ऑपरेशन सुचारु रूप से चलाया जा सके। मलबे में दबने वाली स्थिति में किस तरह से पीड़ितों को सुरक्षित बाहर निकाला जाए इसका भी डेमो किया गया।
यह अमला रहा भूकंप राहत मॉक ड्रिल में शामिल
मॉक ड्रिल में पुलिस प्रशासन द्वारा 10 पीसीआर, पुलिस जवान, एक अधिकारी के नेतृत्व में 10 जवान, वाकी-टाकी, ट्रैफिक प्रबंधन का इंतजाम किया गया था। नगर परिषद की तरफ से मोबाइल शौचालय, वाटर टैंक, राजस्व विभाग की तरफ से चैन सा कटर, इमारत को काटने के औजार, रोडवेज विभाग की तरफ से पांच बसें, वन विभाग की तरफ से 2 ट्रैक्टर ट्राली और 15 सदस्यों का स्टाफ, लोक निर्माण विभाग की तरफ से 3 ट्रक, जेसीबी, रोड रोलर सहित अन्य विभागों को भी अपने विभाग से संबधित सभी कार्य पूरे किए।
मॉक ड्रिल में इन जगहों पर आया भूकंप
मॉक ड्रिल के दौरान डिवाइन सिटी माल, महाराणा प्रताप पब्लिक स्कूल सेक्टर 7, श्री कृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक कालेज, नए बस स्टेंड के अलावा सेक्टर 13 में भूकंप आया, जहां लोगों में अफरा-तफरी मच गई। इन जगहों पर राहत टीमें भी मौके पर पहुंची और लोगों बचाया गया।
लोगों को जागरूक करने का किया प्रयास : डीसी
डीसी सुमेधा कटारिया ने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्देश पर भूकंप राहत मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया तो वहीं सरकारी विभागों के पास ऐसे हालात में निपटने के लिए क्या संसाधन है और किस स्तर तक ऐसे हालात में निपटा जा सकता है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को बचाया जा सके, यह भी स्पष्ट हो पाया है।