अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
सड़कों पर दौड़ रहे छह हजार से अधिक ऑटो रिक्शा अब प्रशासन की गाइड लाइन पर ही चलेंगे, जबकि प्रशासन के मापदंडों की अनदेखी करने पर इन्हें बंद करने की योजना है। शायद इसके बाद लंबे अर्से से ऑटो रिक्शा की मनमानी से परेशान नागरिकों के अलावा उन यात्रियों और लोगों को राहत मिलेगी, जिन्हें मजबूरन इनमें सवार होकर एक जगह से दूसरी जगह जाना होता है। इसकी योजना डीसी के आदेश पर अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती समारोह की गरिमा को जहन में रखते हुए बनाई गई है। इसके बाद केवल वही ऑटो रिक्शा शहर की सड़कों पर दौड़ सकेंगे, जोकि प्रशासन द्वारा तय किये गये मानदंड पूरा करने में सक्षम होंगे। इसी के मद्देनजर मंगलवार को लघु सचिवालय में सिटी मजिस्ट्रेट कंवर सिंह के कार्यालय में आटो चालक यूनियन और अधिकारियों की एक संयुक्त बैठक बुलाई गई। इस मौके पर आरटीए सुनील, नवजोत कौर, यूनियन प्रधान प्यारा सिंह सहित यूनियन के अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
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अॅाटो रिक्शा पर लगेगी प्रशासन से सत्यापित रेट लिस्ट
सिटी मजिस्ट्रेट कंवर सिंह ने स्पष्ट किया कि भविष्य में अगर प्रशासन द्वारा तय की गई गाइड लाइन की अनदेखी की गई तो डीसी के आदेशानुसार आटो रिक्शा चालकों पर सख्त कार्रवाई होगी। उपायुक्त के आदेशानुसार आटो चालक यूनियन को पिपली से दोनों बस स्टैंड, छठी पातशाही, रेलवे स्टेशन और यूनिवर्सिटी थर्ड गेट का किराया निर्धारित करना होगा। प्रशासन द्वारा सत्यापित किराये की एक प्रति आटो पर भी चस्पा करनी होगी, ताकि प्रत्येक यात्री को स्थान के अनुसार किराए की सही जानकारी मिल सके। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय में यह शिकायतें सामने आई थी कि अधिकांश आटो चालक यात्रियों से ज्यादा किराया वसूल रहे हैं।
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सड़कों पर दौड़ रहे हैं कंडम ऑटो रिक्शा
अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव 2017 के साथ कुरुक्षेत्र के पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से उन ऑटो चालकों पर लगाम कसी जाएगी जो मापदंडों को पूरा नहीं करते हैं। इतना ही नहीं यूनियन के पदाधिकारियों से यह तथ्य भी सामने आए है कि आसपास के जिलों से कंडम आटो रिक्शा बगैर दस्तावेजों के सड़कों पर दौड़ रहे हैं जो कि पर्यावरण को लगातार दूषित तो कर ही रहे हैं, साथ में किसी भी दुर्घटना की सम्भावना से इनकार नहीं किया जा सकता। डीसी की ओर से सख्त हिदायत जारी की गई है कि बगैर दस्तावेज और प्रदूषण के मापदंडों पर खरा नहीं उतरने वाले आटो रिक्शा तुरंत बंद किए जाएं। हालांकि आटो रिक्शा यूनियन के प्रधान प्यासार सिंह और अन्य पदाधिकारियों के निवेदन करने पर आटो चालकों को दस्तावेज पूरा करने के लिए 2 दिन का समय दिया गया हैं।
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ट्रैफिक पुलिस दे चुकी है कई बार चेतावनी
प्रशासन के अलावा पिछले वर्षों में ट्रैफिक पुलिस अनेक बार आटो रिक्शा चालकों को चेतावनी दे चुकी है, लेकिन हर बार सारे नियम आटो रिक्शा के धुएं के साथ उड़ते नजर आए। इसी वर्ष ट्रैफिक पुलिस ने सभी आटो रिक्शा चालकों को पुलिस लाइन में बुलाकर चालक के साथ सवारी के बैठने के लिये बनाई गई सीटों को हटाने के आदेश के साथ सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी, इसके बाद आठ माह बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक आटो रिक्शा के आगे बनाई गई यह सीटें जस की तस लगी हुई हैं। दो दिन पहले विधायक सुभाष सुधा ने ब्रह्मसरोवर का दौरा किया था, इस दौरान उनके सामने ऑटो रिक्शा चालकों द्वारा तीर्थ यात्रियों से अधिक किराया वसूलने का मामला सामने आया था।
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संगठनों के प्रतिनिधियों ने की कार्रवाई की सराहना
वरिष्ठ अधिवक्ता केके कौशिक और अग्रवाल सम्मेलन के राष्ट्रीय सचिव खरैती लाल सिंगला,रोटरी क्लब के पूर्व अध्यक्ष रुपिंद्र सिंह चौहान,श्रीजयराम कालेज के संस्थापक सदस्य टेक सिंह लोहार माजरा ने प्रशासन के इस कदम की सराहना करते हुए मांग की कि मनमानी करने वाले ऑटो रिक्शा चालकों के खिलाफ सख्त एक्शन होना चाहिये, क्योंकि आए दिन इनकी वजह से लोगों को हादसे का शिकार होना पड़ता है। इनका कहना है कि यह पहली बार है,जब प्रत्येक आटो रिक्शा पर रेट लिस्ट लगाने की तैयारी की जा रही है।
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ये आती हैं समस्याएं
1. बगैर दस्तावेजों के ऑटो रिक्शा चलाना
2. ज्यादातर चालकों के पास लाइसेंस तक नहीं है
3. नशे में ऑटो रिक्शा को तीव्र गति से दौड़ाना
4. चलते-चलते अचानक कहीं भी आटो को रोकने से हादसे
5. यात्रियों से अधिक किराया वसूलना
6. क्षमता से तीन गुणा सवारियों को लोड करना
7. वाहनों पर प्रदूषण नियंत्रण जांच प्रमाण पत्र ना होना
8. सड़कों और चौराहों पर बीच में ऑटो रिक्शा को रोकना