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कोरोना से संक्रमित 33 नये मामले आए सामने, एक महिला की मौत

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जिले में वीरवार को 33 नये कोरोना संक्रमित मरीजों के साथ आंकड़ा 1104 तक पहुंच गया है। वहीं, उपचार के दौरान एक महिला की मौत कोरोना से मौत हो गई है। वहीं, 41 मरीजों को एक ही दिन में ठीक होने पर अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया है। अब तक जिले में कुल केस 1104 सामने आ चुके हैं, जबकि 20 मरीजों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा अब तक 684 मरीज कोरोना को मात देकर अपने घर वापसी कर चुके हैं और फिलहाल जिले में 400 एक्टिव केस हैं।
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जिले में इन इलाकों से मिले संक्रमित मरीज
जिला सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह ने वीरवार को देर सायं जारी एक हेल्थ बुलेटिन में कहा कि कुरुक्षेत्र में अलग-अलग जगहों से कोरोना वायरस से संक्रमित 33 नये केस सामने आए हैं, जिनमें माजरी मोहल्ला से 40 वर्षीय महिला, शादीपुर शाहाबाद से 49 वर्षीय व्यक्ति, बीएनसी कॉलोनी पिपली से 70 वर्षीय महिला, गांव गुमथला गढु से 28 वर्षीय युवती, गांव उमरी से 39 वर्षीय व्यक्ति, शाहाबाद से 54 वर्षीय महिला, चनहेडी मलिकपुर से 60 वर्षीय महिला, सौदागर मोहल्ला से 64 वर्षीय महिला, सेक्टर 8 से 34 वर्षीय व्यक्ति, कामरेड कालोनी से 55 वर्षीय महिला, सेक्टर 3 से 70 वर्षीय व्यक्ति, विष्णु कालोनी से 34 वर्षीय महिला, दीदार नगर से 60 वर्षीय व्यक्ति, गांव काली राणो से 11 वर्षीय बच्ची, गांव इशरगढ़ से 65 वर्षीय व्यक्ति, गांव रतगल से 26 वर्षीय व्यक्ति, सेक्टर 13 से 63 वर्षीय व्यक्ति, सेक्टर 7 से 43 वर्षीय व्यक्ति और 28 वर्षीय व्यक्ति, बाबैन से 74 वर्षीय व्यक्ति, 42 वर्षीय महिला, 19 वर्षीय युवक, 21 वर्षीय युवती, ईस्माइलाबाद से 75 वर्षीय महिला, 5 वर्षीय बच्ची, 35 वर्षीय व्यक्ति, 28 वर्षीय युवती, 29 वर्षीय व्यक्ति, व एक अन्य महिला, गांव मोरथली से 32 वर्षीय महिला, गांव तलहेडी से 65 वर्षीय व्यक्ति, सलपानी कलां से 59 वर्षीय व्यक्ति, गांव शाहपुर से 37 वर्षीय व्यक्ति शामिल है।
इन 41 मरीजों को किया डिस्चार्ज
कुरुक्षेत्र से 41 मरीजों की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने पर डिस्चार्ज कर दिया गया है, जिनमें पिहोवा से 28 वर्षीय व्यक्ति, 18 वर्षीय युवक, कठार मोहल्ला से 48 वर्षीय व्यक्ति, 25 वर्षीय व्यक्ति, 80 वर्षीय महिला, 30 वर्षीय महिला, 10 वर्षीय बच्चा, 8 वर्षीय बच्चा, 14 वर्षीय बच्चा, 32 वर्षीय व्यक्ति, गोपी विहार शाहबाद से 32 वर्षीय व्यक्ति, जिंदल कालोनी से 53 वर्षीय महिला, सेक्टर 30 से 62 वर्षीय व्यक्ति, संतोखपुरा से 5 वर्षीय बच्ची, 2 वर्षीय बच्ची, 23 वर्षीय महिला, घराडसी से 12 वर्षीय युवक, गांव ठोल से 35 वर्षीय व्यक्ति, गांव अंटहेडी से 52 वर्षीय व्यक्ति, गुरुनानक कालोनी पिहोवा से 60 वर्षीय महिला, 24 वर्षीय युवती, पिहोवा से 33 वर्षीय व्यक्ति, 40 वर्षीय व्यक्ति, 22 वर्षीय व्यक्ति, 40 वर्षीय व्यक्तिस, 22 वर्षीय युवक, 25 वर्षीय व्यक्ति, 29 वर्षीय व्यक्ति, 28 वर्षीय व्यक्ति, 22 वर्षीय युवक, 23 वर्षीय युवक, 21 वर्षीय युवक, 30 वर्षीय व्यक्ति, 20 वर्षीय युवक, 20 वर्षीय व्यक्ति, 22 वर्षीय युवक, पिहोवा से 65 वर्षीय महिला, गांव झांसा से 20 वर्षीय व्यक्ति, गांव ठोल से 10 वर्षीय बच्चा, 16 वर्षीष युवती, 7 वर्षीय बच्चा शामिलघ है।
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553 को घर में और 49 को होटल में किया क्वारंटीन
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कुरुक्षेत्र में दिसंबर माह से लेकर अब तक कुल 2951 लोग आए हैं, इनमें से 2349 लोग स्वास्थ्य विभाग की एडवाईजरी के अनुसार 28 दिन का समय चक्र पूरा कर चुके हैं और 553 व्यक्तियों को होम क्वारंटीन किया गया है तथा 49 को होटल में क्वारंटीन किया गया है। कोरोना वायरस की जांच के लिए अब तक 29239 में से 26874 सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। अब तक 1104 पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं। इनमें से 684 सैंपलों की रिपोर्ट जो पॉजिटिव थी वह सभी 684 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं और 20 कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मृत्यु हो चुकी है। कुरुक्षेत्र में में 400 एक्टिव केस हैं।
संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति करवाए कोरोना टेस्ट
सीएमओ ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव है, तो री-सैंपलिंग की कोई आवश्यकता नहीं है, 10 दिनों के बाद रोगी दूसरों को संक्रमित नहीं कर सकता। इसलिए मरीजों को 10 दिनों के बाद या पिछले 3 दिन से लक्षण न होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी जाती है। प्राथमिक संपर्कों के लिए वे सभी व्यक्ति जो पिछले 14 दिनों में किसी कोरोना पॉजिटिव मरीज के संपर्क में थे, प्राथमिक संपर्क कहलाते हैं और संभावना है कि वे भी संक्रमित हो सकते हैं, उनके लिए, दो बार सैंपल देना आवश्यक है, पहली सैंपल कोरोना मरीज के संपर्क में आने के बाद व दूसरा सैंपल 7 दिनों बाद लिया जाता है। सीएमओ ने कहा कि प्राथमिक संपर्कों के लिए दो बार सैंपलिंग जरूरी है। यह जरुरी नहीं की मरीज टेस्ट के समय ही पाजिटिव हुआ हो, वह मरीज 2-3 दिन पहले से भी संक्रमित हो सकता है और इस दौरान उसने और व्यक्तियों को भी संक्रमण फैला दिया हो, लेकिन छोटी अवधि के कारण यह अभी भी टेस्ट में न आ पाया हो, इसलिए सात दिन बाद सैंपलिंग करने से ऐसे मरीजों की पहचान की जा सकती है। अगर 7 दिनों के बार री-सैंपलिंग नहीं किया जाता है, तो ऐसे व्यक्ति संक्रमित बने रहेंगे और अपने निकट आने वाले लोगों में संक्रमण फैलाते रहेंगे। इसलिए प्राथमिक संपर्कों के लिए री-सैम्पलिंग करना आवश्यक है। कहा कि कुरुक्षेत्र में पहले सैंपल की तुलना में प्राथमिक संपर्कों में उनकी री-सैंपलिंग में ज्यादा मरीज पाए जा रहे हैं। इसलिए प्रत्येक प्राथमिक संपर्क को सैंपलिंग करवाने के लिए आगे आना चाहिए। केवल इस पद्धति का पालन करके, कोरोना मामलों की शृंखला को जल्द से जल्द तोड़ा जा सकता है।
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