गिरफ्तारी देने के लिए इकट्ठा हुए सैकड़ों कर्मचारी , लेकिन इंतजार करती रह गई रोडवेज बसें
- प्रशासन द्वारा मंगवाई गई रोडवेज की छह बसें तों डीएसपी के नेतृत्व में तैनात रहा भारी पुलिस बल
- धरना देने के बाद ताज पार्क पर ही गिरफ्तारी व रिहाई की कर दी गई औपचारिकता पूरी
- कर्मचारियों ने जमकर की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। सर्वकर्मचारी संघ के आह्वान पर मंगलवार को विभिन्न विभागों के करीब करीब 650 कर्मचारी सड़कों पर उतरे और जेल भरो आंदोलन के तहत गिरफ्तारी दी। लेकिन यह गिरफ्तारी महज औपचारिकता तक ही सिमित रही। कर्मचारियों की महज पांच मिनट के दौरान ही गिरफ्तारी से लेकर निजी मुचलके पर रिहाई का भी ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं तहसीलदार टीका राम ने ऐलान कर दिया। जबकि कर्मचारियों को गिरफ्तार कर ले जाने के लिए मंगवाई गईं 6 रोडवेज बसें खड़ी की खड़ी रह र्गईं।
कर्मचारी सुबह करीब 10 बजे से ही ताज पार्क में जुटने लगे। करीब ढाई घंटे तक कर्मचारियों का धरना चला। धरने का नेतृत्व संघ के कार्यकारी प्रधान सुरेश गुढ़ा ने किया जबकि अधिकतर सरकारी विभागों के कर्मचारी धरने में शामिल हुए। धरने के बाद कर्मचारियों को गिरफ्तारी देनी थी, जिसके चलते जहां डीएसपी राज सिंह भारी पुलिस बल के साथ पार्क के पास ही तैनात रहे। कर्मचारियों को ले जाने के लिए पुलिस की दो मिनी बसों के अलावा रोडवेज की भी छह बसें मंगवाई गईं। धरने के बाद नारेबाजी करते हुए कर्मचारियों ने गिरफ्तारी देने का ऐलान किया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट टीका राम ने उनकी सामूहिक गिरफ्तारी व साथ ही निजी मुचलके पर सिटी एसएचओ की ओर से रिहाई का ऐलान कर दिया। इसके बाद कर्मचारी रवाना हुए तो इसके करीब आधे घंटे बाद वहां से बसें डिपो के लिए रवाना र्हुइं।
प्रशासन की अपील को कर्मचारियों ने किया स्वीकार : गुढ़ा
सर्वकर्मचारी संघ के प्रधान सुरेश गुढ़ा का कहना है कि ड्यूटी मजिस्ट्रेट व पुलिस अधिकारियों ने कर्मचारियों से अपील की थी कि उन्हें यहीं पर सामूहिक गिरफ्तारी के बाद रिहा कर दिया जाए। यही कार्रवाई जेल ले जाने के बाद की जानी है, लेकिन यहीं पर मामला निपटा लिया जाए तो सभी के लिए सुविधाजनक होगा। इस पर सभी कर्मचारियों ने सहमति जता दी, जिसके बाद धरना स्थल पर ही गिरफ्तारी व रिहाई की औपचारिकता पूरी की गई।
सरकार की दमनकारी नीतियों का दिया जाएगा मुंहतोड़ जवाब
सर्वकर्मचारी संघ के कार्यकारी प्रधान सुरेश गुढ़ा ने कहा कि सरकार कर्मचारियों पर दमनकारी नीति लागू कर रही है। विधानसभा घेराव शांतिपूर्ण करने के दौरान भी पुलिस कार्रवाई कराई गई और उन पर आंसू गैस से लेकर पानी की बौछारें भी छोड़ी गई। कर्मचारियों पर मामले दर्ज कराए गए। यहीं नहीं केयू कर्मचारियों, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों पर एस्मा लागू कर दमनाकरी नीति का परिचय दिया। ऐसी नीति से सरकार कर्मचारियों की आवाज को दबाना चाहती है, लेकिन कर्मचारी इन नीतियों का मुहतोड़ जवाब देंगे। ब्लॉक प्रधान आनंद सिंह व रणबीर रोहिला ने कहा कि सरकार कर्मचारियों को किए वादे पूरे नहीं कर पाई है और अब अपनी नाकामी छिपाने के लिए कमचारियों पर लाठीचार्ज व हटाए जाने की कार्रवाई की जा रही है। हर दिन बेटियों की इज्ज्त से खिलवाड़ किया जा रहा है, लेकिन सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं का नारा दे रही है। नप एसोसिएशन राज्य सचिव सुभाष गुंसर व मैस वर्कर रामप्रकाश ने कहा कि सरकार ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा दे रही है और न ही रिक्त पदों को भरा जा रहा है। वर्तमान कर्मचारियों को भी सुविधाएं नहीं दी जा रही है। कर्मचारियों को कुंटिया प्रधान चंद्रपाल व भीम चंद सैनी के अलावा भी कई कर्मचारी नेताओं ने संबोधित किया और कहा कि कर्मचारियों की मांगें जल्द पूरी की जाए।
ये कर्मचारी रहे मौजूद
हेमसा से राजेश ढांडा, लखविंद्र सिंह, जनस्वास्थ्य विभाग से सुरेंद्र यादव, सुरेंद्र कुमार, स्वास्थ्य विभाग से अमरजीत कौर, कृष्णा देवी, प्रवीण कुमारी, पॉवर कारपोरेशन से जितेंद्र बंसल, सुशील शर्मा, राजकुमार लालर, नरेश कुमार, मैस वर्कर से सुभाष पारचा, अमन कुमार, अमन कुमार, बीज विकास निगम से केके डाबरा, आशा वर्कर रानी देवी, रोडवेज से बलवंत देशवाल, जसमेर सिंह, एसएफआई से रजत, पिहोवा से गुरचरण, बाबैन से हेमराज, जनसंघर्ष मंच से उषा देवी, सुदेश देवी, रिटायर्ड कर्मचारी संघ से राजेंद्र सिंह, बलवान मोर, केयूके से चंद्रपाल, एसकेएस के पूर्व प्रधान व आप नेता ओम सिंह, बिजली निगम से नरेश कुमार, पार्ट टाइम कर्मचारी नैब सिंह सहित लगभग सभी विभागों के कर्मचारी शामिल रहे।