मथाना में नहीं डंप होगा शहर का कचरा, नई जगह का अभी चुनाव नहीं
- ग्रामीणों के आंदोलन के आगे झुका प्रशासन, पर शहर से रोज निकलने वाला 70 टन कचरा कहां जाएगा
- शहर की सफाई व्यवस्था चरमराने की आशंका, ग्रामीण 10 दिन से दे रहे थे धरना
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। गांव मथाना में करीब डेढ़ साल पहले शहर के कचरे के लिए बनाया गया डंपिंग पॉइंट सोमवार को बंद कर दिया गया है। इसके चलते शहर से रोज निकलने वाला 70 टन कचरा प्रशासन के गले की फांस बन गया है।
मथाना के ग्रामीण और भाकियू के लोग डंपिंग पॉइंट बंद करने को 10 दिनों से धरने पर बैठे थे। ग्रामीणों के विरोध के आगे प्रशासन सोमवार को झुक गया। सोमवार से ही डंपिंग पॉइंट पर कचरा डालना बंद करवा दिया गया। अब शहर का कचरा कहां डाला जाए, इसके लिए किसी जगह का चुनाव नहीं हो सका है। अब शहर की सफाई व्यवस्था चरमराने की आशंका है।
जिला प्रशासन ने ग्राम पंचायत के साथ किए समझौते के बाद करीब डेढ़ साल पहले ही गांव मथाना में कुरुक्षेत्र- सहारनपुर स्टेट हाईवे पर डंपिंग पॉइंट बनाया था। गांववासी पहले से ही इसका विरोध करते रहे तो पिछले 10 दिनों से भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष गुुणी प्रकाश के नेतृत्व में एवं महासचिव प्रवीण मथाना की अध्यक्षता में ग्रामीण स्टेट हाईवे पर ही धरना दे रहे थे। दो बार जिला प्रशासन से बातचीत भी हुई तो जिला उपायुक्त ने उन्हें इस मामले का समाधान करने का आश्वासन भी दिया था। सोमवार को भी सैकड़ों ग्रामीण जिला सचिवालय पहुंचे, जहां उन्होंने जोरदार प्रदर्शन किया और एडीसी के साथ बातचीत भी की। इसके बाद गुणी प्रकाश व प्रवीण मथाना ने प्रदर्शनकारियों के समक्ष ऐलान किया कि एडीसी ने आज से ही वहां कचरा डालना बंद करने के आदेश दे दिए हैं।
प्रदर्शनकारियों ने जेसीबी को डंपिंग पॉइंट से निकाला
प्रदर्शनकारी एडीसी अनीश यादव की ओर से डंपिंग पॉइंट बंद करने का आश्वासन मिलने पर धरना स्थल पर जाने लगे। जैसे ही वे डंपिंग पॉइंट पर पहुंचे तो वहां कचरे को व्यवस्थित करने में लगी जेसीबी को वहां से खदेड़ दिया। जेसीबी चालक ने तत्काल ही नगर परिषद अधिकारियों से संपर्क साधा तो उन्होंने भी उसे वापस बुला लिया।
नियमों को ताक पर रख कर बनाया गया था डंपिंग पॉइंट : गुणी प्रकाश
डंपिंग पॉइंट के विरोध में आंदोलन चला रहे भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुणी प्रकाश व प्रवीण मथाना ने आरोप लगाया कि फरवरी 2017 में बनाया गया यह डंपिंग पॉइंट नियमों का ताक पर रखकर बनाया गया। यह वन, जलवायु, वातावरण को लेकर जारी नोटिफिकेशन के अनुसार नहीं था। इससे मथाना के साथ-साथ करीब 25 गांवों के लोग प्रभावित थे। यह राजमार्ग, स्कूल, अस्पताल, प्ले ग्राउंड, आबादी के समीप बनाया गया, जो नियमानुसार नहीं है।
डंपिंग पॉइंट के लिए दो-तीन जगहों पर चर्चा
मथाना डंपिंग पॉइंट पर कचरा डालना बंद कर दिया गया है और सोमवार को भी दोपहर बाद कोई डंपर नहीं जाने दिया गया। नई जगह के लिए तलाश की जा रही है। दो-तीन जगहों पर चर्चा की जा रही है, लेकिन अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका है। शहर से हर रोज करीब 70 टन कचरा निकलता है, लेकिन मंगलवार को ही यह कहां डलेगा, हम समझ नहीं पा रहे हैं।
- रूप रविंद्र बिश्नोई, सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर परिषद