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यूजीसी नेट की परीक्षा, दुकानदारों की हुई चांदी

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कुरुक्षेत्र। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से रविवार को यूजीसी नेट की परीक्षा का आयोजन किया गया, जिसके लिए जिला भर में 22 परीक्षा केंद्र बनाए गए। इस परीक्षा के चलते दूर-दूर से आए परीक्षार्थियों को अपना बैग व अन्य सामान रखने के लिए जहां भारी परेशानी का सामना करना पड़ा वहीं दुकानदारों ने भी जमकर चांदी कूटी। कहीं 50 रुपये तो कहीं 100 रुपये तक वसूल कर दुकानदारों द्वारा सामान रखवाया गया, जिसका भुगतान करने के लिए परीक्षार्थियों को भी मजबूर होना पड़ा। अनेकों दुकानदारों ने इस परीक्षा के चलते ही रविवार को दुकानें खोली और जमकर कमाई भी की। अनेकों परीक्षा केंद्रों के आसपास भी यह सामान नहीं रखने दिया गया तो वहीं परीक्षार्थियों की गहन जांच के बाद ही केंद्र में प्रवेश करने दिया गया।
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परीक्षा दो चरणों में हुई, जिसका पहला पेपर सुबह साढ़े 9 से साढ़े 10 बजे तक हुआ तो दूसरा पेपर 11 बजे से दोपहर एक बजे तक हुआ। जिला भर में इस परीक्षा में शामिल होने के लिए 13 हजार 507 परीक्षार्थियों ने आवेदन किया था जबकि परीक्षा सुचारु रूप से हो, इसके लिए परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में धारा 144 भी लगाई गई, जिसके चलते फोटो स्टेट मशीनें तक बंद रखी गई तो वहीं इन परीक्षा केंद्रों के आसपास हथियार, मोबाइल, वाईफाई यंत्र लाने पर भी पाबंदी लगाई गई।

ये रहे नोडल अधिकारी
यूजीसी नेट परीक्षा के चलते बीडीपीओ थानेसर को 2, तहसीलदार थानेसर को 6, बीडीपीओ पिपली को 4, बीडीपीओ बाबैन को 3, नायब तहसीलदार बाबैन को 5 और नायब तहसीलदार लाडवा को 2 परीक्षा केंद्रों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया था।
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मजबूरी में देने पड़े बैग रखने के पैसे
परीक्षा देने के लिए यमुनानगर से आई सविता, कैथल वासी दीपिका व संयोगिता का कहना था कि वे परीक्षा देने के लिए अकेली ही पहुंची थी और उनके साथ कोई परिजन भी नहीं था। मजबूरी के चलते उन्हें अपने बैग व अन्य सामान दुकानों पर रखने पड़े, जिसके उन्हें 50 से 100 रुपये भी देने पड़े। उन्होंने बताया कि परीक्षा केंद्र में बेल्ट ,कड़े, पर्स, आभूषण आदि ले जाने पर पाबंदी थी और प्रवेश से पहले गहन जांच भी की जा रही थी, इसी के चलते उन्होंने अपना सामान बैग में रखकर दुकानों में रखना पड़ा।
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