अमर उजाला ब्यूरो
लाडवा।
नगरपालिका की जमीनों पर हो रहे अवैध कब्जों को लेकर नपा चेयरमैन व पार्षदों ने नगरपालिका के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अब नपा चेयरमैन, उपाध्यक्ष व पार्षदों ने सामूहिक इस्तीफे तक देने की चेतावनी दी है। इससे भाजपा सरकार व विधायक की किरकिरी होने के आसार बन गए हैं। नपा कार्यालय में सोमवार को नगरपालिका कार्यालय में एक प्रेस वार्ता करके नपा चेयरपर्सन साक्षी खुराना सहित 12 पार्षदों ने नगरपालिका सचिव हरिओम कंबोज पर सरकारी जमीनों पर कब्जे कराने व कब्जाधारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं करने के आरोप लगाए। पार्षदों ने विधायक के नजदीकी एक-दो लोगों पर नपा सचिव पर दवाब बनाकर अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ कार्रवाई न करने के आरोप भी लगाए। लाडवा नपा प्रधान व पार्षदों ने कहा कि यदि प्रशासन ने नपा सचिव के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो वे सामूहिक रूप से त्यागपत्र दे देंगे। सभी पार्षद अगले एक-दो दिन में जिला उपायुक्त व विधायक से मिल कर इस बारे में अपनी शिकायत देंगे। इस अवसर पर नपा कार्यालय में पार्षद कौशल्या खुराना, अनिल माटा, साक्षी खुराना, शालू बंसल, प्रीति शर्मा, जसबीर सहगल, दर्शन पोपली, सरिता ढींगडा, हरजिंद्र कौर, सुनील लोढ़ा, प्रदीप कुमार उपस्थित थे।
नपा चेयरपर्सन साक्षी खुराना व उपाध्यक्ष अनिल माटा सहित उपस्थित पार्षदों ने जानकारी देते हुए बताया कि लाडवा में वार्ड आठ, वार्ड नौ व वार्ड 15 में कुछ राजनीतिक रसूख वाले लोगों ने कब्जे कर लिए हैं। उन्होंने बताया कि वार्ड नौ में नगरपालिका के पशु बाडे़ को एक अस्पताल के मालिक ने कब्जे में ले लिया है। उसने इस पशु बाडे़ की चारदीवारी करा कर कब्जा कर लिया। वार्ड 15 में भी डाकखाने व खादी आश्रम के सामने नगरपालिका की सरेआम रास्ते पर एक दुकानदार ने कब्जे करना शुरू किया था तो पार्षदों ने जेई को भेज कर कब्जे का काम रुकवाया लेकिन नपा प्रशासन ने उस रास्ते पर किया गया अवैध निर्माण नही ढहाया।
इसी तरह वार्ड 8 में एक व्यक्ति ने भी सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया है जिसके खिलाफ कोई कार्रवाई नही की गई। उन्होंने कहा कि इन कब्जों की शिकायत मिलने पर उन्होंने नप सचिव को अवैध कब्जे हटाने के लिए लिखित में निर्देश दिए लेकिन नपा सचिव ने अवैध कब्जे हटवाने की कोई कोशिश नही की। उन्होंने कहा कि नगरपालिका सचिव हरिओम कंबोज सरकारी जमीनों से अवैध कब्जे हटवाने की बजाय अवैध कब्जों के मामलों को अदालतों में उलझाकर कब्जाधारियों का सहयोग करने का प्रयास कर रहे हैं। नपा चेयरपर्सन साक्षी खुराना व उपाध्यक्ष अनिल माटा ने बताया कि कब्जे न हटवाने व कब्जा करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज न कराने के बारे में पालिका सचिव से स्पष्टीकरण मांगा था। मगर नपा सचिव ने लिखित में बताया कि नगरपालिका प्रधान को स्पष्टीकरण मांगने का कोई अधिकार नही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि लाडवा में बिना नक्शा पारित कराए निर्माण हो रहे हैं, जिससे नगरपालिका को लाखों रुपये के राजस्व की हानि हो रही है। वार्ड 12 के पार्षद शालू बंसल सहित कुछ पार्षदों ने मार्केट कमेटी के एक निवर्तमान अध्यक्ष पर नगरपालिका के काम में दखल देने व अवैध निर्माण करने वालों को संरक्षण देने के खुले आरोप लगाए। पार्षदों ने नपा सचिव पर मनमर्जी से नपा कार्यालय में कर्मचारियों की नियुक्ति करने व नाजायज रूप से रिहायशी भत्ता लेने के आरोप भी लगाए।
नियमानुसार की गई है कार्रवाई : कंबोज
नपा सचिव हरिओम कंबोज से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अवैध कब्जों के मामले में उन्होंने कानून के अनुसार कार्रवाई कर दी है। अवैध कब्जा करने वालों को नोटिस दिया जा चुका है और पुलिस थाने में भी सूचना दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि उन पर लगाए गए आरोप बे बुनियाद हैं। जब उनसे पूछा गया कि उपरोक्त आरोप केवल प्रधान ने ही नही बल्कि 12 पार्षदों ने लगाए हैं, तो उन्होंने कहा कि पार्षदों की प्रधान के साथ मिलीभगत है और वे प्रधान के हाथ बिके हुए हैं।
अपनी सरकार में ही चेयरपर्सन की नही सुन रहे नपा सचिव
नपा चेयरपर्सन साक्षी खुराना भाजपा के ही कार्यकर्ता अमित खुराना की पत्नी हैं और अपने परिवार के दबदबे व भाजपा विधायक डॉ. पवन सैनी के आशीर्वाद से ही नगरपालिका की चेयरपर्सन बनी थी। अब अपनी सरकार में ही नगरपालिका कार्यालय में नपा सचिव से उनका 36 का आंकड़ा बना हुआ है। सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों के खिलाफ नपा चेयरपर्सन को अपने पाले के पार्षदों के साथ-साथ विपक्ष के पार्षदों का भी खुला समर्थन मिल रहा है।