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साल भर में चले ‘ढाई कोस’, नौ दिन के लिए दिखा रहे जोश

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अमर उजाला ब्यूरो
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कुरुक्षेत्र।
नौ दिल चले ढाई कोस कहावत वहां के लिए है, जहां काम बेहद धीमा चल रहा हो। लेकिन केबीडी तो इससे भी एक कदम आगे निकल गया। वह साल भर में केवल ‘ढाई कोस’ चला। यानी साल भर में भी वह अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के कार्यों को पूरा नहीं कर सका। अब महोत्सव में नौ दिन शेष रहने पर सभी कामों को समय रहते पूरा करने का दावा कर रहा है। वह भी गुणवत्ता के साथ। करोड़ों रुपये के विकास कार्य एक साल से धीमी गति से चल रहे हैं, लेकिन अब उनमें आई तेज रफ्तार देख लोग दंग हैं। साथ ही आनन-फानन में किए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता पर उठ रहे हैं। वजह साफ है कि यह तमाम कार्य अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव से पहले पूरा करने हैं। जल्दबाजी में हो रहे कामों की गुणवत्ता का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव में केवल नौ दिन शेष रह गए हैं। फिर भी प्रशासनिक अधिकारी दावा कर रहे हैं कि समय रहते सभी कार्य गुणवत्ता के साथ पूरे कर लिए जाएंगे।
ये काम कैसे समय रहते पूरे हो रहे हैं, इसकी बानगी ब्रह्मसरोवर में दिख रही है। आठ महीने से खाली होने के बावजूद यहां पर महाआरती स्थल का निर्माण नहीं कराया गया। अब यहां पर पानी भरने के बाद इस स्थल का निर्माण कराया जा रहा है। पानी में चिनाई होने से उसकी मजबूती कितनी होगी, इस बताने की जरूरत नहीं है। यह गड़बड़ी भी तब हो रही है, जबकि साल मार्च में केडीबी के अधीन सरोवर की एक दीवार गिरने से 21 यात्री जख्मी हो चुके हैं। गीता जयंती में महज नौ दिन बजे हैं और ब्रह्मसरोवर के करीब चार किलोमीटर के दायरे से लेकर शहर के चौक चौराहों और रेलवे रोड पर सिक्स लेन का निर्माण तक लटका हुआ है। ब्रह्मसरोवर की परिक्रमा में सैकड़ों पत्थर टूटे हुए है। लाइटिंग, सीसीटीवी कैमरे, कृष्णा सर्किट के तहत बनाई जा रही पार्किंग और टायलेट ब्लॉक का काम भी अधर में हैं।
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17 नवंबर से आगाज, 30 लाख लोगों के आने की उम्मीद
हरियाणा सरकार और जिला प्रशासन इस बार 17 नवंबर से तीन दिसंबर तक अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव मना रहा है। इसवमें 25 से 30 लाख लोगों के आने का अनुमान है। प्रशासन का दावा है कि वर्ष 2016 में इस उत्सव में करीब 20 लाख लोग आए थे। इस बार छह देशों के कलाकारों के अलावा देश के सभी राज्यों के कलाकारों के साथ ही मारीशस कंट्री पार्टनर की भूमिका में है। इसलिए पर्यटकों की संख्या में बढ़ने की उम्मीद लगाई जा रही है।
अधिकारी बोले, महोत्सव तक नहीं लग सकेंगी सभी लाइट
ब्रह्मसरोवर के दो हिस्सों के बीच सड़क और मध्य में स्थित पुरुषोत्तमपुरा बाग के दोनों हिस्सों के सौंदर्यीकरण के लिये सुंदर लाइटें लगाई गई हैं। इनका वजन डेढ़ क्विंटल से भी अधिक है। इन लाइटों का काम गीता जयंती से पहले पूरा होना है और अभी तक आधी लाइट ही लगी हैं। इन लाइटों को लगाने के लिए कंक्रीट का बेस तैयार किया जाता है। इसमें भी समय लगता है। केडीबी के एक अधिकारी ने माना कि गीता जयंती तक सभी लाइटों को सही तरीके से लगाना संभव नहीं है।

450 से ज्यादा पत्थर लगने हैं अभी
ब्रह्मसरोवर की करीब चार किलोमीटर की परिधि में लाल पत्थर लगा है। गीता जयंती से पहले इसके घाटों, सीढ़ियों और परिक्रमा स्थल पर टूटे हुए लाल पत्थरों को गीता जयंती से पहले बदला जाना है। मौके पर काम कर रही लेबर के अनुसार बहुत दिनों से इन पत्थरों का इंतजार हो रहा था। दो दिन पहले ही 450 से अधिक पत्थर आए हैं। ब्रह्मसरोवर की परिक्रमा में इस समय पत्थरों को जगह-जगह रखा गया है। यह कब तक लगेंगे, इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।
‘हमें मैटीरियल की डिलीवरी ही नहीं...’
केंद्र सरकार द्वारा कृष्णा सर्किट के तहत कुरुक्षेत्र के प्रमुख स्थलों के जीर्णोद्धार के लिए 97 करोड़ रुपये मंजूर हो चुके हैं। इतनी बड़ी धनराशि आने के बावजूद इसके पहले चरण में सिर्फ टायलेट ब्लॉक, लाइटिंग और पार्किंग का ही काम शुरू हुआ है। यह काम भी अधूरा है। मल्टी आर्ट कल्चर सेंटर के निकट से किरमिच रोड तक ब्रह्मसरोवर की पार्किंग के निर्माण के लिए तो सामान ही उपलब्ध नहीं हुआ है। एक दिन में दस हजार टाइलों केस्थान पर दो दिन काम बंद रहने के बाद सिर्फ चार हजार टाइल मिले हैं। पार्किंग तैयार करने के लिए 1500 से अधिक कर्व स्टोन की मांग की गई थी। लेकिन, अभी तक 500 ही साइट पर पहुंचे हैं।

कुप्रबंधन और धांधली के आरोप
श्रीब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के मुख्य सलाहकार और केडीबी के पूर्व मेंबर जयनारायण शर्मा एडवोकेट ने कहा कि गीता जयंती महोत्सव में कुप्रबंधन साफ दिख रहा है। जल्दबाजी में काम निपटाए जा रहे हैं। गुणवत्ता का ध्यान नहीं दिया जा रहा। इन कार्यों को निपटाने के लिए एक साल का समय था। स्थानीय नागरिक रंजन सोनी ने बताया कि जिन टूटे हुए पुराने पत्थरों को निकाला गया है। उनमें बड़ी धांधली हो रही है, क्योंकि उनकी जगह पर लगाए जाने वाले नए पत्थरों की मोटाई आधे से भी कम है।
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गीता जयंती से पहले पूरे होंगे सभी काम : डीसी
डीसी सुमेधा कटारिया का कहना है कि गीता जयंती से पहले सभी काम निपटा लिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस बार गीता जयंती की भव्यता देखने लायक होगी। इस आयोजन की गरिमा को देखते हुए पुख्ता प्रबंध किए जा रहे हैं। सभी कार्य पूरे करने के लिए युद्धस्तर पर काम हो रहा है। महाआरती स्थल पर पानी भरने के बाद निर्माण शुरू करने के सवाल पर उन्होंने कहा यह मामला उनके संज्ञान में अभी आया है।
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