एचएसएससी की ओर से आयोजित हरियाणा पुलिस भर्ती प्रक्रिया में अभ्यर्थियों द्वारा नशे का उपयोग करने पर स्वास्थ्य मंत्री ने भी संज्ञान ले लिया है। स्वास्थ्य विभाग की ड्रग कंट्रोलर टीम ने भर्ती स्थल से 4 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान कुछ मेडिकल स्टोरों से अभ्यर्थियों ने स्टेमिना बढ़ाने वाली दवा खरीदी थी।
विभाग ने ऐसे 20 मेडिकल स्टोर संचालकों को चिन्हित करके उन्हें शो-कॉज नोटिस जारी किया है। भर्ती में शामिल होने वाले कई अभ्यर्थियों के नशे की हालत में उत्पात करने, अब तक तीन अभ्यर्थियों की मौत होने के बाद अधिकारियों से लेकर सरकार तक सचेत हो गई है। असिस्टेंट स्टेट ड्रग कंट्रोलर आदर्श गोयल ने बताया कि कुरुक्षेत्र में भर्ती के दौरान अभ्यर्थियों द्वारा ड्रग लेकर स्टेमिना बढ़ाने की बात सामने आई है।
इस पर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने संज्ञान लेते हुए निर्देश दिए हैं कि भर्ती स्थल से चार किलोमीटर तक के दायरे में आने वाले मेडिकल स्टोरों की जांच की जाए। इन्हीं निर्देशों के तहत यह कार्रवाई की गई। टीम ने सेक्टर 2, सेक्टर 3, पिपली क्षेत्र, उमरी रोड, आयुर्वेदिक कॉलेज रोड सहित चार किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी स्टोरों पर छापेमारी की गई।
असिस्टेंट स्टेट ड्रग कंट्रोलर आदर्श गोयल के मुताबिक हालांकि इन मेडिकल स्टोरों पर स्टेमिना बढ़ाने वाली या प्रतिबंधित दवाएं नहीं मिली। लेकिन यह बात सामने आई है कि अभ्यर्थियों ने इन दुकानों से मूव क्रीम, आयोडेक्स, दर्द की दवा डायक्लोफिनेट जरूर खरीदी है। हालांकि कहा जा रहा है कि यह दवाइयां अभ्यर्थियों ने फिजिकल के बाद खरीदी है।
कुरुक्षेत्र ड्रग कंट्रोलर सुमित दहिया ने बताया कि जिन स्टोरों से अभ्यर्थियों ने इस तरह की दवाइयां खरीदी है। उन सभी को शोकॉज नोटिस जारी किए गए हैं। टीम में असिस्टेंट स्टेट ड्रग कंट्रोलर गोयल के अलावा, डिप्टी स्टेट ड्रग कंट्रोलर एमपी गुप्ता, ड्रग कंट्रोलर करनाल गुरचरण सिंह, ड्रग कंट्रोलर यमुनानगर रितु मैहला, ड्रग कंट्रोलर कैथल और कुरुक्षेत्र के ड्रग कंट्रोलर सुमित दहिया शामिल थे।