फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kurukshetra News: 22 हजार छात्रों को नहीं मिल पा रहा बस पास का लाभ

विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। बस के इंतजार में खड़ी छात्राएं। संवाद
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। जिले में रोडवेज बस पास को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्राइवेट बस ऑपरेटरों द्वाा रोडवेज के बस पास अभी भी मान्य नहीं किए जा रहे हैं, ऐसे में स्कूल, कॉलेज व यूनिवरसिटी में पढ़ने वाले छात्र-छात्रों के लिए बसों में सफर करना बड़ी समस्या का सबब बना हुआ है। रूटों पर रोडवेज की बसें कम है तो छात्रों को मजबूरन प्राइवेट बसों में सफर करना पड़ता है। ऐसे में रोडवेज बस पास को प्राइवेट बसों में मान्य नहीं किया जा रहा। रोडवेज विभाग की मानें तो सभी बसों में ये पास मान्य हैं। रोडवेज द्वाा जिले में 22 हजार से ज्यादा जीरो बैलेंस के बस पास जारी है। इसके अलावा वृद्धजन व अन्य रियायती पास अलग है।
विज्ञापन

रोडवेज विभाग व प्राइवेट ऑपरेटरों के बीच टकराव की स्थिति

इस मुद्दे को लेकर प्राइवेट बस ऑपरेटरों और रोडवेज विभाग के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। प्राइवेट बस ऑपरेटरों ने सिविल कोर्ट के आदेश को भी चुनौती दी है। ऑपरेटरों का कहना है कि जब यह मामला उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है, तो सिविल कोर्ट इस पर फैसला कैसे सुना सकता है। प्राइवेट बस एसोसिएशन के जिला प्रधान सितेंद्र ने कहा कि रोडवेज द्वाा जारी रियायती और जीरो बैलेंस पास प्राइवेट बसों में मान्य नहीं हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मामला उच्चतम न्यायालय में चल रहा है। एसोसिएशन का कहना है कि जो भी आदेश न्यायालय से आएंगे, वही उन्हें स्वीकार होंगे।
आरटीओ को कई बार लिख चुके है पत्र : शेर सिंह

रोडवेज महाप्रबंधक शेर सिंह ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर बच्चों की रोजाना शिकायतें मिल रही हैं। विभाग की ओर से कई बार आरटीओ को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें