खेतों में पराली जलाने पर प्रतिबंध को लेकर प्रशासन ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। जिसके चलते अब खेतों में अधिकारियों की टीमें पराली जलाने वाले किसानों की पहचान कर मौके पर चालान करने लगी है। जिला कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा शनिवार को नायब तहसीलदार बलविंद्र पूनिया, कृषि विभाग के नोडल अधिकारी पुष्पेंद्र सिंह, ब्लॉक कृषि अधिकारी विरेंद्र कुमार, हल्का पटवारी प्रवीन व रामपाल तथा बाबैन पुलिसकर्मी जसविंद्र सिंह व देवेंद्र सहोता की टीम गठित कर खंड के गांव सुनारियों, फालसंडा, मंगौली रांगडान, बीड मंगौली, मंगौली जाटान, संघौर व रामशरण माजरा में शाम के समय छापेमारी की और खेतों में फानों में आग लगा रहे नौ किसानों के चालान कर 22500 रुपये का जुर्माना लगाया। कृषि अधिकारी विरेंद्र ने खेतों में सरेआम धान के फानों में आग लगा रहे कुछ किसानों को टीम के साथ रंगे हाथ पकड़ा और मौके पर ही जुर्माना किया। वहीं नायब तहसीलदार बलविंद्र पूनिया ने आग लगा रहे किसानों को कडी चेतावनी देते हुए कहा कि धान के अवशेषों में आग लगाकर पर्यावरण दूषित करना और खेत के मित्र कीटों को नष्ट करना खेत की उवर्रता शक्ति को कम करना तो है ही साथ में फानों में आग लगाना दंडनीय अपराध भी है, जिसके लिए दो एकड़ तक 2500 रूपये, पांच एकड़ तक पांच हजार रूपये व इससे अधिक की भूमि के अवशेषों में आग लगाने पर 15 हजार रूपये जुर्माना राशि सरकार की ओर से निर्धारित की है।