पार्षदों बोले, नहीं सुनते ठेकेदार
मंत्री ने कहा, रद्द कर दो ठेका
अमर उजाला ब्यूरो
शाहाबाद। नगर पालिका परिसर में विकास कार्यों की समीक्षा को लेकर हुई बैठक में राज्यमंत्री कृष्ण बेदी उस समय भड़क गए जब पार्षदों ने कहा कि ठेकेदार मनमानी करते हैं। उनके कहने का भी उन पर कोई असर नहीं होता, इसीलिए ही विकास कार्य सही व समय पर नहीं हो पा रहे है। राज्यमंत्री ने ठेकेदारों को जमकर लताड़ ंलगाई और नगर पालिका प्रशासन को निर्देश दिए कि जिन ठेकेदारों ने टेंडर लेने के 60 दिन के अंदर काम नहीं शुरू किया है उनका ठेका तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया जाए।
उन्होंने कहा कि अब हर विकास कार्य की जांच वह स्वयं करेंग। यदि कहीं गड़बड़ी नजर आई तो तत्काल उस गली एवं सड़क का सैंपल भरवाया जाएगा। बैठक में सभी पार्षद ठेकेदारों के काम से नाखुश नजर आए। राज्यमंत्री ने कहा कि अभी भी नगर पालिका के पास 25 करोड़ की रकम शेष है। आने वाले एक सप्ताह में करीब साढ़े सात करोड़ की अतिरिक्त राशि नपा के पास आएगी। इसके अलावा नगर पालिका की अपनी भी 9 से 10 लाख मासिक इनकम है, लेकिन फिर भी विकास कार्यों के प्रति ढुलमुल रवैया बेहद लापरवाही का नतीजा है। साढ़े 6 करोड़ की लागत से बन रहे बरसाती नाली के निर्माण पर अधिकारियों ने डेहा कॉलोनी के बड़े हिस्से को बाधक बताया। इस पर राज्यमंत्री ने एक कमेटी का गठन किया और कहा कि यह कमेटी डेहा कॉलोनीवासियों को समझाए। सरकारी जमीन के जिस हिस्से पर अवैध अतिक्रमण है उसे वह स्वयं हटा लें। नहीं हटाया तो मजबूरन प्रशासन को यह कार्रवाई करनी पड़ेगी।
इस अवसर पर नपा प्रधान बलदेव राज चावला, कर्णराज सिंह तूर, जोगेंद्र रत्ता, कमल शर्मा एडवोकेट, संदीप गाबा, मुल्खराज गुंबर, त्रिलोचन हांडा, टेकचंद शर्मा, नीटू राणा तथा साहिल कुमार सहित अन्य मौजूद रहे
ठेकेदार सही काम नहीं करेंगे तो प्रधान से मांगूगा त्याग पत्र : बेदी
ठेकेदारों की कार्यशैली से नाखुश राज्यमंत्री ने यहां तक कह दिया कि अगर अब ठेकेदारों ने सही ढंग से काम नहीं किया तो वह प्रधान से भी त्याग पत्र मांग लेंगे। इसलिए नपा प्रधान व सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने दायित्व का निर्वाह ढंग से करें। राज्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जो ठेकेदार सरकार द्वारा दिए जा रहे रेट से कम में टेंडर लगाता है तो उसका टेंडर पास न किया जाए।
करोड़ों के टेंडर लेकर बैठे हैं, काम करते नहीं
पार्षद प्रवीन गुप्ता ने कहा कि ठेकेदारा करोड़ों रुपये के टेंडर लेकर बैठे हैं, लेकिन 2-4 लाख के टेंडर को कुछ समझते नहीं। जब उन्हें काम के लिए कहो तो बोलते हैं कि आखिरी वर्ष में आपके वार्ड का काम कराया जाएगा, ताकि चुनावों के समय जीत आसान हो। वहीं पार्षद पवन छाबड़ा ने कहा कि डेढ़ वर्ष के उनके कार्यकाल में उनके वार्ड में एक भी विकास कार्य नहीं शुरू हुआ, जबकि कागजों में कई लाखों के टेंडर पास हो चुके हैं।