कुंटिया के साढ़े 6 घंटे कामकाज ठप रखने से झुका केयू प्रशासन
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र । कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में कुंटिया ने सोमवार को भी अपनी मांगों को लेकर पूरी तरह से हड़ताल की। सुबह से ही शुरू हुई पूरे दिन के लिए हड़ताल से कामकाज ठप हो गया। विभिन्न कार्यों को लेकर दूर-दूर से आए व कैंपस के हजारों विद्यार्थियों को निराश होकर लौटना पड़ा। कर्मचारियों के तीखे तेवर को देख केयू प्रशासन झुक गया और जहां कई मांगें मानी तो वहीं कई मांगे जल्द पूरी करने का आश्वासन दिया जबकि कर्मचारियों ने 31 मार्च तक का अल्टीमेटम दे दिया है। इसके बाद हड़ताल स्थगित की तो वहीं ये भी चेतावनी दी गई कि तय किए गए समय तक मांगे पूरी नहीं की गई तो आंदोलन ओर भी सख्त कर दिया जाएगा। कुंटिया प्रधान राम कुमार गुर्जर की अध्यक्षता में कर्मचारी जहां 6 मार्च से हर रोज दो घंटे की हड़ताल करते रहे तो वहीं सोमवार को भी सुबह से ही कर्मचारी पूरे दिन के लिए हड़ताल पर उतर आए। कर्मचारियों ने जहां धरना देकर जमकर नारेबाजी की तो वहीं विभिन्न विभागों व शाखाओं में कार्यालय खाली पड़े रहे तो कई कार्यालयों पर ताले भी लटके रहे। पहले दी गई चेतावनी व नो वर्क नो पे की कार्रवाई का कर्मचारियों पर असर न दिखा तो केयू प्रशासन ने कर्मचारियों को बातचीत के लिए बुलाया। कुंटिया के प्रतिनिधिमंडल व केयू रजिस्ट्रार एवं प्रशासनिक कमेटी के बीच करीब 11 बजे से लेकर साढ़े 12 बजे तक वार्ता हुई, जिसमें कई मांगों को आज ही तो बाकी को जल्द करने का आश्वासन दिया। इसके बाद कुंटिया कार्यकारिणी की बैठक हुई, जिसके उपरांत धरने पर बैठे कर्मचारियों को पूरे मामले से अवगत कराया गया। इसके बाद कर्मचारी सहमत हुआ और दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे काम पर लौटे।
आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का लिया सहारा
स्थाई कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने के बाद केयू प्रशासन की सांसे फूल गई और करीब 740 आउट सोर्सिंग कर्मचारियों से ठप हुए काम को गति देने का प्रयास किया गया, इसके बावजूद काम नहीं हो पाया। केयू प्रशासन ने उस समय राहत की सांस ली जब हड़ताल पर उतरे कर्मचारी काम पर लौटने को राजी हुए।
ये मांगे हुई पूरी
कुंटिया पदाधिकारियों के अनुसार वर्ष 2011 के बाद लगे कर्मचारियों का चिल्ड्रन अलाउंस, लाइब्रेरी की पोस्टे डाउन ग्रेड होने का मामला, एलटीसी व कई अन्य मांगे केयू की इसी की बैठक में शामिल की जाएंगी, जहां इन पर चर्चा की जाएगी। यहीं नहीं हड़ताल के चलते ही एआर व डीआर की प्रमोशन, चतुर्थ श्रेणी की क्लर्क पद पर प्रमोशन में टाइप टेस्ट में छूट, एरियर सहित अन्य कई मांगें सोमवार को पूरा करने के आदेश भी जारी किए गए।
प्रशासन कर्मचारियों की मांगों को लेकर गंभीर : प्रवक्ता
केयू प्रवक्ता डॉ अशोक शर्मा का कहना है कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर प्रशासन पहले से ही गंभीर है। सोमवार को कई मांगों पर सहमति बनी है तो कई मांगों को जल्द पूरा करने के प्रयास किए जाएंगे। पहले भी अनेकों मांगें पूरी की जा चुकी है।
भुगतना पड़ सकता हैं विद्यार्थियों को खामियाजा
2 अप्रैल से स्नातकों की वार्षिक परीक्षा शुरू हो रही है । अगर हड़ताल के कारण समय रहते विद्यार्थियों का रोल नंबर नहीं पहुंच पाया तो उसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ सकता हैं । वही हड़ताल के कारण वार्षिक परीक्षा देेने वाले छात्रों को साल भी ड्राप करना पड़ सकता है ।
रजिस्ट्रेशन ठीक करवाने के लिए आया था, नहीं हुआ : गौरव
नारायणगढ़ निवासी गौरव कुमार ने बताया कि केयू प्रशासन की लापरवाही के कारण एमएम फिलॉसफी क्लास की डीएमसी में रजिस्ट्रेशन नंबर गलत हो गया था, जिसको ठीक करवाने के लिए विश्वविद्यालय में आया था, लेकिन यहां आकर देखा कि यहां अनिश्चितकालीन हड़ताल चल रही है ।
बीकॉम का री अपीयर का फार्म जमा करवाना था : मनोज
कैथल निवासी मनोज कुमार ने बताया कि बीकॉम री अपीयर का फार्म जमा करवाने के लिए आया था, लेकिन फार्म जमा नहीं हो सका। हालांकि री अपीयर के पेपर की ओबीसी की फीस तो कटवा दी थी, लेकिन हड़ताल की वजह से फार्म नहीं जमा हो सका।
डिग्री लेने के लिए आया था, लेकिन नहीं मिल सकी : विकास
जींद निवासी विकास कुमार ने बताया कि वह बीकॉम की डिग्री लेने के लिए आया था, मगर यहां हड़ताल की वजह से खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। यहां आकर पता चला कि पिछले कई दिनों से कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर चल रहे हैं।