सर्वे टीम के सामने भी होती रही सफाई, पार्षद गंदे शौचालय के फोटो लेकर पहुंच गए
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
स्वच्छता अभियान के लिए मंगलवार को शहर में पहुंची केंद्र की सर्वे टीम सफाई का जायजा लेने के साथ ही लोगों से फीडबैक लेती रही, तो दूसरी तरफ दिन भर शहर में सफाई चलती रही। करीब 415 सफाई कर्मचारी सुबह सात बजे से ही इस अभियान में जुट गए। टीम से कुछ लोग बोले शहर स्वच्छ है तो कुछ ने कहा औसतन सफाई व्यवस्था और सुविधाएं सही हैं। कुछ ने कहा कि अभी स्वच्छ शहर बनाने के लिए अधिक कार्य करने की आवश्यकता है। बहुत से लोगों ने स्वच्छता के प्रति असंतोष जाहिर किया। दो सदस्यीय टीम ने स्वच्छता व्यवस्था को लेकर नप का रिकॉर्ड भी खंगाला। इस दौरान कुछ पार्षद गंदगी के फोटो लेकर टीम के पास पहुंच गए।
हालांकि, टीम ने लोगों द्वारा दी गई प्रतिक्रिया का खुलासा नहीं किया। लेकिन, टीम के बाद कई लोगों से अमर उजाला ने पूछताछ की तो उन्होंने यह स्पष्ट किया। सीनियर एसेसर सागर ग्रोवर और जूनियर एसेसर छिंद्रपाल की टीम सुबह करीब साढ़े नौ बजे ही नगर परिषद कार्यालय पहुंच गई। यहां दिन भर सागर ग्रोवर ने नगर परिषद की सफाई व्यवस्था का रिकॉर्ड चेक किया। छिंद्रपाल सिंह फील्ड में गए। उन्होंने दिन भर लोगों से शहर में स्वच्छता और जनसुविधाओं का फीडबैक लिया। इस दौरान उनके साथ नगर परिषद के चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर रूप रविंद्र बिश्नोई भी मौजूद रहे।
वार्ड अनुसार जांची सफाई कर्मियों की संख्या और सुविधाएं
सर्वे टीम के सीनियर एसेसर सागर ग्रोवर ने दिन भर नगर परिषद की सफाई व्यवस्था का रिकॉर्ड खंगाला। वार्ड अनुसार कितने सफाई कर्मी लगाए गए और उन पर किन-किन अधिकारियों ने निगरानी की है, यह जानने के साथ ही सफाई कर्मियों को क्या-क्या सुविधाएं दी जा रही है, सफाई व्यवस्था में किन सुविधाओं की कमी है, सफाई व्यवस्था पर खर्च किए जा रहे बजट का ब्योरा भी लिया। इससे संबंधित सभी रिकॉर्ड की जांच की तो रिपोर्ट भी तैयार की।
यहां पहुंची सर्वे टीम
सर्वे टीम के सदस्य नगर परिषद के बाद नए बस अडड्े पर पहुंची, जहां शौचालयों की जांच की। हालांकि यहां शौचालयों में सफाई व्यवस्था व सुविधा दुरूस्त पाई गई। इसके बाद टीम सदस्य ने यात्रियों से बस अडडे पर जनसुविधाओं से लेकर बस सुविधाओं तक की जानकारी हासिल की। करीब एक घंटा भर यहां यात्रियों व कर्मचारियों से फीडबैक लेने के उपरांत टीम सदस्य जिला सचिवालय पहुंचे, जहां पर एनआईसी के अधीन कार्यरत कर्मियों के साथ-साथ आम लोगों से भी जानकारी ली। इसी दौरान तहसील कार्यालय में भी जनसुविधाओं को लेकर लोगों के बातचीत की गई। इसके बाद भी यह टीम शहर के कई दूसरे क्षेत्रों में भी पहुंची और लोगों से जनसुविधाओं से लेकर सफाई व्यवस्था के प्रति भी फीडबैक ली।
एक दिन पहले ही विधायक ने भी लिया था जायजा
नया बस अड्डा, रेलवे स्टेशन, सब्जी मंडी, अनाज मंडी सहित कई क्षेत्रों का विधायक सुभाष सुधा ने भी सर्वे से एक दिन पहले ही जायजा लिया था। कई जगहों पर गंदगी पाए जाने पर अधिकारियों को फटकार भी लगाई थी। इसके चलते बस अड्डे को सुबह से ही चकाचक बना दिया गया तो सर्वे टीम के निरीक्षण के दौरान भी सफाई कर्मी जुटे रहे।
98 स्थाई तो 317 अस्थाई सफाई कर्मचारी
सर्वे टीम के समक्ष नगर परिषद अधिकारियों ने बताया कि उनके पास 98 स्थाई तो 317 अस्थाई सफाई कर्मचारी हैं। घर-घर से कूड़ा उठाने वाले 81 डंपर है, सात ट्रैक्टर और दो जेसीबी मशीनें हैं। शहर में करीब 60 बड़े डस्टबीन रखे हुए हैं। करीब एक वर्ष पहले एक हजार छोटे कूड़ेदान भी शहर में रखवाए गए हैं। इसके बाद 400 नीले और हरे रंग के छोटे कूड़ेदान भी रखवाए हैं। लोगों में स्वच्छता को लेकर नुक्कड़ नाटक और अन्य कार्यक्रमों से जागरूकता फैलाई जा रही है।
सेक्टर 13 की फोटो लेकर पहुंचे नप कार्यालय
पिछले 10 दिनों से शहर में ताबड़तोड़ सफाई अभियान चलाया जा रहा है। विधायक खुद भी सफाई व्यवस्था का जायजा ले चुके हैं। इसके बावजूद कई क्षेत्र बदहाल रहे। सर्वे टीम आने के बाद सेक्टर-13 के सामुदायिक केंद्र के शौचालयों की बदहाल हालत के फोटो मोबाइल में लेकर पार्षद प्रतिनिधि नप कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों को दिखाया। अधिकारियों ने तत्काल ही वहां कर्मचारी भेेजे जाने के निर्देश दिए।
पिछले वर्ष रहा था 463वां स्थान
वर्ष 2016 में हुए स्वच्छता सर्वे में शहर का 463वां स्थान रहा, जबकि 2017 में 253वां स्थान रहा। इस बार फिर स्वच्छ शहरों की श्रेणी में आने के लिए भरसक प्रयास किए गए हैं। नगर परिषद और प्रशासनिक अधिकारी इसमें सफल होने की पूरी उम्मीद भी जता रहे है।
और भी टीमें लेंगी स्वच्छता का जायजा : डीसी
डीसी सुमेधा कटारिया का कहना है कि स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए अभी एक ही टीम पहुंची है। 14 मार्च तक सर्वेक्षण चलना है। एक-दो टीमें और भी यहां जायजा लेने के लिए आएंगी। ये टीमें अपने अनुसार सर्वे करेंगी। इसकी रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को भेजी जाती है।