अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी गैर शिक्षक कर्मचारी संघ रविवार को हाईपावर कमेटी से हुई बातचीत में संतुष्ट नहीं हुआ और उसने सोमवार को भी 1410 कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया है। यह बार बार हड़ताल उस यूनिवर्सिटी में होती हैं,जिसके संचालन पर रोजाना एक करोड़ रुपये खर्च होता है।
आर्थिक संकट में घिरी हरियाणा की एकमात्र ए प्लस ग्रेड विद्यालय केयू पर हड़ताल यूनिवर्सिटी का ठप्पा लग चुका है। हर तीसरे महीने कर्मचारियों की हड़ताल से परेशान विद्यार्थी भी इसे टीचिंग नहीं, बल्कि नॉन टीचिंग यूनिवर्सिटी की उपाधि देने लगे हैं। अब केयू जुड़े विद्यार्थी और दूसरे लोग आठ जनवरी को फिर से हड़ताल की पीड़ा सहने के लिए विवश होंगे। इस बार हड़ताल का सिलसिला साल 2018 के पहले सप्ताह में ही शुरू हो चुका है।
बता दें कि देश के महज 12 ए प्लस ग्रेड वाले विश्वविद्यालों की सूची में शुमार केयू को यह सम्मान हाल ही में मिला है। मगर, आर्थिक संकट की चपेट में आए हरियाणा की इस ए प्लस ग्रेड यूनिवर्सिटी की कमर धन के अभाव के साथ इस कारण भी टूट रही है, क्योंकि सरकार और स्टाफ जानकर भी इन पूरे हालात से अनजान बना हुआ है। टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ को सातवें वेतन आयोग का एरियर देने के लिए केयू को करीब 80 करोड़ रुपये की आवश्यकता है, तो पिछली सरकार छठे वेतन आयोग का करीब 106 करोड़ रुपये एरियर खुद देने की बजाय केयू के खाते से डालकर ठेंगा दिखा चुकी है। बता दें छठे वेतन आयोग का जो एरियर राज्य सरकार को देना था, वो हुड्डा सरकार ने केयू के खाते से दिलाया था। इसकी वजह से केयू पर 106 करोड़ का आर्थिक बोझ पड़ा था। अब सातवें वेतन आयोग देने की बारी आ चुकी है। मौजूद सरकार की ओर से बजट मिलने का इंतजार हो रहा है, लेकिन राज्य सरकार से फिलहाल आश्वासन तो मिल रहे हैं, लेकिन खाते में पैसा नहीं आया है।
एक नजर में केयू
325 एकड़ में फैली है यूनिवर्सिटी
396 रेगुलर शिक्षक, 300 अस्थाई शिक्षक
1410 नॉनटींचिग स्थाई, जबकि 711 अस्थाई
13,500 विद्यार्थी हैं कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में
265 कॉलेज जुड़े हैं कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से
368 करोड़ केयू का सालाना बजट
50 प्रतिशत पद केयू में खाली पड़े हैं
182 करोड़ टीचिंग व नान टीचिंग की सैलरी पैंशन पर खर्च
नान टीचिंग स्टाफ का बकाया है आठ करोड़
केयू के गैर शिक्षक कर्मचारी सातवें वेतन आयोग के अलावा नान टीचिंग स्टाफ रेशो का बकाया 8 करोड़ एरियर की डिमांड कर रहे हैं,जबकि केवल सातवें वेतन आयोग का ही अगर एरियर जोड़ा जाए तो वह टीचिंग और नान टीचिंग कुल एरियर करीब 80 करोड़ रुपये बनता है।
अब केयू के पास 365 में से रह गए 265 कॉलेज
केयू को हरियाणा मदर यूनिवर्सिटी का सम्मान प्राप्त है। लेकिन, पिछले वर्षों में ऐसे हालात कई बार बने, जब इस यूनिवर्सिटी की आर्थिक स्थिति पर एक एक कर कई कॉलेज निकलते चले गए। वर्तमान में भी पंचकूला को पीयू चंडीगढ़ से जोड़ने की तैयारी चल रही है। हिसार और पानीपत पहले जा चुके हैं। इस समय केयू के पास 365 कॉलेजों में से कुरुक्षेत्र के अलावा कैथल, करनाल यमुनानगर और अंबाला के कुल 265 कॉलेज बचे हैं।
ये रीजनल सेंटर केयू के पैसों से बने यूनिवर्सिटी
एमडीयू रोहतक, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी हिसार, रणवीर सिंह यूनिवर्सिटी जींद, चौ. देवीलाल यूनिवर्सिटी सिरसा पहले केयू के रीजनल सेंटर रहे। इन्हें बाद में कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी की विशेष मदद और करोड़ों रुपये के अनुदान से सींच कर यूनिवर्सिटी के रूप में खड़ा किया गया। अब यही यूनिवर्सिटी आर्थिक संकट में घिरती जा रही है। इसकी मदद के लिए सरकार की ओर से पिछले वर्षों में कोई ठोस पहल नहीं हो सकी।
राज्यपाल के समक्ष उठ चुका है मुद्दा
केयू शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. संजीव शर्मा ने बताया कि दिसंबर 2018 में हरियाणा के सभी विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने सभी प्रदेश के कुलपतियों की बैठक बुलाई थी। यहां केयू के वीसी डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा ने बजट का मुद्दा रखते हुए बताया था कि बजट बहुत कम है, सैलरी देने में दिक्कत आ रही है। ऐसे में एरियर कैसे दिया जाएगा। इस बारे अवगत कराया था। तब राज्यपाल ने मुख्यमंत्री की मौजूदगी में आश्वासन दिया था कि फरवरी तक बजट में इजाफा किया जाएगा।
कुल बजट का 22 प्रतिशत दे रही है सरकार : कुटा
केयू का सालाना बजट कुल बजट 368 करोड़ है। इसमें से टीचिंग और नान टीचिंग 182 करोड़ सैलरी पेंशन पर खर्च होता है,लेकिन केयू को राज्य सरकार वेतन और पेंशन के लिये सिर्फ 43 करोड़ और प्लान के लिये 29 करोड़ देती है, जोकि कुल बजट का मात्र 22 प्रतिशत है। शिक्षक संघ का कहना है सरकार को तुरंत प्रभाव से बजट बढ़ाना चाहिये,क्योंकि इतने कम संसाधनों में भी केयू ने इस बार ए प्लस का ग्रेड हासिल कर हरियाणा को गौरवांवित किया है।
केयू के 1410 कर्मचारी आज रहेंगे हड़ताल पर
कुंटिया के साथ हाईपावर कमेटी की बातचीत विफल
केयू में चार दिन के अंतराल में दूसरी बार हड़तालको फेस करेंगे विद्यार्थी
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
हाईपावर कमेटी से करीब ढाई घंटे तक चली बातचीत फेल होने के बाद कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी गैर शिक्षक कर्मचारी संघ ने सोमवार को हड़ताल पर जाने का ऐलान किया। हालांकि, केयू अथारिटी द्वारा गठित हाईपावर कमेटी का कहना है कि इस बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई है। इसमें वित्त मामलों के अलावा डिमांड चार्टर के अन्य मुद्दों पर कुंटिया नेताओं ने सहमति जताई है। कुंटिया के प्रचार सचिव सतीश शर्मा ने कहा कि प्रधान रामकुमार गुर्जर ने बैठक विफल होने के बाद कुंटिया के अन्य नेताओं से अपील की है कि प्रेस में बयानबाजी कतई न करें। कुंटिया के महासचिव नीलकंठ शर्मा ने बताया कि केयू उनकी डिमांड को लेकर गंभीर नहीं है। यदि केयू प्रशासन ने कर्मचारियों का एरियर और प्रमोशन सहित अन्य डिमांड को पूरा नहीं किया तो अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। इधर, हाईपावर कमेटी के कंवीनर डॉ. श्याम कुमार ने बताया कि बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई है। केवल वित्त मामलों को लेकर अड़चन है। अन्य सभी मांगों पर पूरा करने के आश्वासन से कुंटिया नेताओं ने भी सहमति जताई है।