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देशभक्ति से लेकर सामाजिक सदभाव का संदेश दे रहे जेल में बंद कैदी

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अमर उजाला ब्यूरो
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कुरुक्षेत्र।
सामान्य से लेकर संगीन अपराध तक करने के आरोपों के चलते प्रदेेश की विभिन्न जेलों के बंदी व कैदी जेलों में रहते हुए भी अपने हुनर से देशभक्ति का संदेश दे रहे है। अनेकों बंदी और कैदी स्कूली स्तर से लेकर उच्च शिक्षा भी हासिल कर रहे हैं, वहीं अपनी कला के हुनर को भी संवारने में जुटे हैं। ऐसे ही अनेक बंदी और कैदियों की कला को अंतर राष्ट्रीय गीता जयंती समारोह में क्राफ्ट मेले में प्रदर्शित किया गया है।
कुरुक्षेत्र, करनाल, अंबाला, यमुनानगर, गुरुग्राम, सिरसा, सोनीपत सहित अन्य जेलों के बंदियों और कैदियों द्वारा हाथ की दस्तकारी से पेंटिंग, मूर्तियां, मूढ़े से लेकर घरों में सामान्य तौर पर प्रयोग होने वाली अनेकों वस्तुएं बनाई हुई हैं। कई कैदियों ने देशभक्ति की प्रेरणा देते हुए तिरंगा ही तैयार किया तो कई ने अपने धर्म से विपरीत दूसरे धर्म के गुरुओं की पेंटिंग और मूर्तियां भी तैयार की हैं। यहां तक कि यमुनानगर जेल में बंद कैदियों द्वारा गुलाब जल, एलोविरा जूस, एलोविरा जेल और तुलसी रस भी तैयार किया गया है, जो आम जीवन में हर किसी के लिए कारगर साबित हो सकता है। स्टॉल पर तैनात वार्ड रूपेश कुमार व मुकेश कुमार का कहना है कि यहां अभी 10 जेलों के बंदियों और कैदियों द्वारा ही तैयार की गई वस्तुएं स्टॉल पर रखी गई हैं।
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जेल में पेंटिंग का मास्टर बना अमित
किसी मामले के चलते परिवार सहित कुरुक्षेत्र जेल में 20 वर्ष की सजा काट रहा गांव सराय सुखी निवासी अमित कला में अपना हुनर साबित करते हुए पेंटिंग का मास्टर साबित हो गया है। गीता जयंती महोत्सव में प्रदेश भर की जेलों की ओर से संयुक्त रूप से लगाए गए कैदी और बंदियों द्वारा तैयार सामान के स्टॉल पर अमित की पेंटिंग दर्शकों को अपनी ओर खींच रही है। उन्होंने गुरुनानक से लेकर अनेकों महापुरुषों की आकर्षक पेंटिंग बनाई है।
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20 बंदी व कैदियों का ग्रुप सीख रहा कला का हुनर
कुरुक्षेत्र जेल में वर्तमान समय में ही 20 बंदी और कैदियों का ग्रुप कला का हुनर सीख रहा है। डेपुटेशन पर जेल में विभिन्न कला सिखाने वाले नीलोखेड़ी स्थित गुरु ब्रह्मानंद पॉलिटेक्निक के इंस्ट्रक्टर बलबीर और रामफल का कहना है कि बंदी और कैदियों में विभिन्न कलाएं सीखने के लिए बेहद उत्सुकता है।
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