अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
आस्था का प्रतीक कही जाने वाली नदी मृत पक्षियों का अड्डा बनती जा रही है। विगत दिनों एक पोल्ट्री फार्म से मृत दर्जनों मुर्गियों को इस नदी के पानी में बहा दिया गया। इसके साथ ही दर्जनों अन्य मृत पक्षी भी इसके पानी में बहकर आए। गांव खेड़ी मारकंडा के समीप जलकुंभी से अटी इस नदी में अटके इन सभी पक्षियों से क्षेत्र में दुर्गंध फैलने लगी तो मामले का खुलासा हुआ, जिससे क्षेत्रों के लोगों के साथ-साथ सिंचाई विभाग में भी हड़कंप सा मच गया।
नदी में ऐसे पक्षी फेंके जाने से इसकी पवित्रता के साथ-साथ लोगों की आस्था को भी ठेस पहुंच रही है। ऐसे में सरकार के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को भी धक्का लग रहा है तो वहीं प्रशासन की अनदेखी भी उजागर हो रही है। नदी में मुर्गी फेंकने का मामला उजागर हुआ तो वीरवार को आनन-फानन में सिंचाई विभाग के एसडीओ जितेंद्र कुमार मुखिजा, जेई गुरचरण सिंह व अन्य कर्मियों की टीम व गांव के सरपंच अंग्रेज सिंह भी मौके पर पहुंचे और नदी से इन सभी पक्षियों को निकाल जमीन में दबाया गया। जहां से इन पक्षियों को निकालकर कुत्ते लोगों के घरों में भी घुस रहे है। इन पक्षियों से क्षेत्र में दुर्गंध फैल गई है, जिससे अब बीमारी फैलने की भी आशंका बन गई है।
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सेक्टरों के गंदे पानी से गंदा नाला बनी नदी : अंग्रेज सिंह
खेड़ी मारकंडा के सरपंच अंग्रेज सिंह का कहना है कि जहां सिंचाई विभाग ने आरोपी पोल्ट्री फार्म संचालक को कड़ी चेतावनी दी है वहीं उन्होंने भी उन्हें दोबारा से ऐसा किए जाने पर कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। सरपंच ने बताया कि इस नदी में ऐसे पक्षी फेंके जाने के अलावा सेक्टरों से गंदा पानी भी इसमें छोड़ा जा रहा है और यह नदी महज गंदे नाले के समान बनकर रह गई है, जिससे हर समय दुर्गंध फैलती रहती है और इसके आसपास के लोगों का रहना तक दूभर हो चुका है।
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कुछ दिनों पहले हटाई गई थी मीट की दुकानें
नदी के समीप ही कुछ दिनों पहले सिरसला रोड पर स्थित दर्जनों मीट की अस्थायी दुकानों को भी प्रशासन ने हटवा दिया था। इन दुकानों से मुर्गियों आदी के कटे हुए अंगों को इस नदी में फेंके जाने का मामला अमर उजाला ने उजागर किया था, जिसके बाद प्रशासन ने इस पर तत्काल कार्रवाई की थी।
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यहां तो रहना हो गया दुश्वार : जयभगवान
कालोनीवासी जयभगवान, संदीप, सूरजभान, रजनी, सरिता आदि का कहना है कि इस नदी में जहां हर समय गंदा पानी बहने लगा है वहीं गत दिवस से इसमें फेंकी गई मुर्गियों व बहकर आए दूसरे मृत पक्षियों के चलते पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैल गई है और अब यहां रहना भी दुश्वार हो गया है। दुर्गंध इतनी है कि यहां बीमारी फैलने की आशंका है। प्रशासन को इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
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जमीन में दबवाई सभी मृत मुर्गी व दूसरे पक्षी : गुरचरण
मौके पर पहुंचे सिंचाई विभाग के जेई गुरचरण का कहना है कि कॉलोनी के लोगों ने नदी में दर्जनों मृत मुर्गियों के फेंके जाने और इससे दुर्गंध फैलने की सूचना दी थी, जिस पर एसडीओ सहित पूरी टीम पहुुंची और सभी पक्षियों को नदी से निकलवा कर जमीन में दबवा दिया गया है। पूरे मामले को विभाग के उच्चाधिकारियों केे संज्ञान में दे दिया है।