कुरुक्षेत्र में रंग उत्सव का समापन
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। कलाकार जब मन में कुछ ठानकर चलते हैं तो समाज को एक नई सीख देने का कार्य करते हैं। ऐसे में न्यू उत्थान थियेटर ग्रुप के कलाकारों द्वारा कला के प्रति दिखाया जा रहा समर्पण वास्तव में सराहनीय है। डीसी ने डा. एसएस फुलिया ने बतौर मुख्य अतिथि ये विचार रखे। मौका था उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला और मल्टी आर्ट कल्चरल सेंटर के सहयोग से न्यू उत्थान थियेटर ग्रुप द्वारा आयोजित रंग उत्सव का। उत्सव के समापन पर डीसी ने सभी कलाकारों को प्रोत्साहित किया। गौरतलब है कि यूटीजी द्वारा तीन दिवसीय रंग उत्सव का आयोजन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में किया गया। नाटक से पूर्व उत्थान थियेटर ग्रुप के अध्यक्ष नीरज सेठी, विकास शर्मा, नरेश सगवाल तथा शिवकुमार किरमिच ने डीसी का आभार जताया। मंच संचालन डा. मोहित गुप्ता ने किया। वहीं रंग उत्सव में सहयोगी श्री सनातन विद्यापीठ ट्रस्ट के अध्यक्ष सलिंद्रपराशर, विकास गोयल, शुभकर्मण चेरीटेबल टस्ट एवं अन्य सहयोगियों को भी आयोजकों ने सम्मानित किया।उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र द्वारा आयोजित उत्सव में विकास शर्मा के लेखन और निर्देशन में तैयार नाटक अंतिम फैसला में दिखाया गया कि किस प्रकार पति-पत्नी में मनमुटाव होने पर जिंदगी नीरस होने लगती है। नाटक में माध्वी और मोहन प्यार के बंधन में बंधकर शादी कर लेते हैं, लेकिन काम की व्यवस्तता के कारण मोहन माध्वी को समय नहीं दे पाता और दोनों के बीच दूरियां पैदा हो जाती हैं। मोहन का बर्ताव माध्वी के लिए बहुत ही चिड़चिड़ा हो जाता है। मोहन की बेटी के कारण दोनों के बीच कहासूनी हो जाती है और मोहन माध्वी पर हाथ उठा देता है। तब से दोनों घर में होते हुए भी अकेलापन महसूस करते हैं। जिदगीं के आखिरी पड़ाव पर पहुंचकर मोहन को एहसास होता है कि उसने अपनी पत्नी को पत्नी का दर्जा कभी दिया ही नहीं। अब वह माध्वी को सारी खुशवियां देगा। इस प्रकार अंतिम फैसला दोनों के दांपत्य जीवन को सुखी बना देता है। मोहन का किरदार साजन कालड़ा ने निभाया तो माध्वी बनी पारुल कौशिक। दीपक जांगड़ा, मनीष डोगरा, अनूप, नितिन गुप्ता, निकेता शर्मा, कुलदीप शर्मा, आकाश तथा चंचल शर्मा ने भी सहयोग दिया। मुख्य अतिथि ने कलाकारों को सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रबुद्ध रंगकर्मी सहित बड़ी संख्या में कलाप्रेमियों ने कलाकारों का हौंसला बढ़ाया। रंग उत्सव के दौरान यूटीजी के कलाकारों द्वारा तैयार रंगदीर्घा भी आकर्षण का केंद्र रही। प्रदेश के सभी रंगकर्मियों के चित्रों ने लोगों को आकर्षित किया तो नाट्य क्षेत्र के नौ रस ने भी मन मोहा। मुख्य अतिथि डा.फुलिया ने रंगदीर्घा की खूब प्रशंसा की।
रंग उत्सव में टैलेंट हंट ने मचाया तहलका
तीन दिन से चल रहे रंग उत्सव में प्रत्येक दिन नाटक मंचन से पूर्व टैलंट हंट में कलाकारों ने काबिलेतारीफ प्रतिभा दिखाई। उत्सव समापन पर सिद्धार्थ, काजल शर्मा, राजीव और चमन इत्यादि कलाकारों ने गायकी एवं नृत्य से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।