फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रेल मालगाड़ियों की सुरक्षा के लिये यूआईईटी में तैयार होगी सेंसिंग डिवाइस

विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो नंबर -24 व 25
विज्ञापन


मालगाड़ी के कंटेनरों की सुरक्षा के लिए होगा अब हाईटेक ताला
- कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूआईआईटी तैयार कर रहा एडवांस डिवाइस
- अगले तीन माह के भीतर डिवाइस तैयार करने का किया गया दावा
राजेश शांडिल्य
कुरुक्षेत्र। यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नॉलाजी (यूआईईटी) मालगाड़ियों के वैगन और कंटेनरों की सुरक्षा के लिए एडवांस डिवाइस बनाएगा। इंटरनेट आफ थिंग्स (आईओटी) के जरिये मालगाड़ियों से ढोने वाली वस्तुओं की सुरक्षा को ज्यादा महफूज रखा जा सकेगा। स्टेशन पर खड़ी अथवा ट्रैक पर दौड़ रही वैगन और कंटेनरों में किसी तरह की छेड़छाड़ की दशा में डिवाइस में लगा सेंसर कंट्रोल रूम को मैसेज भेजेगा। इसके साथ ही उस स्थान की वीडियो भी सेंसर के जरिए कंट्रोल रूम को मिलेगा। इस डिवाइस की मदद से बोगियों में किसी तरह की छेड़खानी करने वाले की तत्काल पहचान हो सकेगी। इसके अलावा समय रहते ही आरोपी को दबोचा भी जा सकेगा।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नॉलाजी के डायरेक्टर डॉ.सीसी त्रिपाठी ने अमर उजाला से बातचीत में ये जानकारी दी। उन्होंने दावा किया कि उनका संस्थान तीन माह के भीतर यह खास लॉक सिस्टम कर लेगा। फिलहाल, इस तकनीक का प्रयोग आयात-निर्यात के लिये उपयोग किये जाने वाले कंटेनरों में इस्तेमाल किया जा रहा है। वो भी विश्वविद्यालय के यूआईआईटी द्वारा निर्मित है। हालांकि उसके मुकाबले रेलवे की मालगाड़ियों के लिए बनने वाला रिमोट सेंसर काफी एडवांस तकनीक वाला है। फिलहाल रेलवे मालगाड़ियों में इस्तेमाल होने वाले वैगनों और कंटेनरों की सुरक्षा के लिए सिर्फ एक सील का उपयोग करता है। एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने वाले कंटेनरों और बोगियों के ठहराव वाले स्थलों पर सिर्फ इसी सील को चेक किया जाता है,अगर सील टूटी हो तो आरपीआएफ द्वारा यह सूचना दर्ज कर कार्रवाई करने की प्रक्रिया होती है।
विज्ञापन

बाक्स
वारदात की स्थिति में कैद हो जाएगी फोटो
----------------------------------------------------
इस डिवाइस के लगने के बाद सेंसर के जरिए वैगन और कंटेनर में किसी तरह की छेड़छाड़ के बारे में कंट्रोल रूम को जानकारी मिल जाएगी। यही नहीं, डिवाइस में लगे छोटे से कैमरे की वजह से उस स्थान की फोटो भी कंट्रोल रूम के पास पहुंच जाएगा। ऐसे में चोरी करने अथवा छेड़छाड़ करने की कोशिश करने वाले अपराधी की फोटो भी कंट्रोल रूम में कैद होगी। वैसे पूर्व में संस्थान ने कंटेनरों के लिए बनाई गई डिवाइस की मदद से यह पता चलता था कि उसमें क्या वस्तु भरी हुई है जबकि इस एडवांस में सामान की उपलब्धता के अलावा यह सुरक्षा के तत्व पर भी विशेष फोकस किया गया है।
विज्ञापन


आईओटी का है यह सेंसिंग डिवाइस
-यह सुरक्षा कवच इंटरनेट आफ थिंग्स (आईओटी) का सेंसिंग डिवाइस है। आईओटी वो प्रणाली हैं, जो सीधे इंटरनेट से जुड़कर लोगों को फायदा पहुंचाने का सशक्त माध्यम के तौर पर इस्तेमाल हो रही हैं। यह डिवाइस इस तकनीक के जरिये सामग्री को एक जगह से दूसरी ले जाने के बीच सुरक्षा प्रबंधों को पुख्ता बनाती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें