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बैकफुट पर सरकार, मिलर्स की मानीं मांगें, हड़ताल खत्म, अनाज मंडियों में शुरू हुई धान खरीद
- मिलर्स की हड़ताल के चलते धान खरीद न होने पर भड़के किसान
- इस्माईलाबाद में नेशनल हाईवे तो पिपली मंडी के बाहर यमुनानगर रोड किया जाम
- कुरुक्षेत्र मंडी के समक्ष भी केडीबी रोड किया जाम
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र/पिपली। राइस मिलों में छापेमारी व ठेके के मिलों पर बैंक गारंटी वापस लेने की मांग को लेकर मिलर्स की हड़ताल के आगे आखिकार सरकार बैकफुट पर आ गई है। अब मिलों में न स्टॉक जांच के नाम पर छापेमारी होगी और न ही ठेके के मिल पर पांच फीसदी बैंक गारंटी देनी होगी। यही नहीं करनाल के ब्लैक लिस्ट किए गए एक राइस मिल को भी खोल दिया गया है।
ये तीनों मांगें पूरी होते ही हरियाणा मिलर्स एसोसिएशन ने हड़ताल खत्म करने का भी ऐलान कर दिया, जिसके बाद अनाज मंडियों में धान खरीद शुरू हुई और किसानों से लेकर मजदूरों ने भी राहत की सांस ली। वहीं इससे पहले हड़ताल के चलते खरीद बंद रहने से जिला भर में किसानों में रोष गहराया रहा और कई जगहों पर किसान सड़कों पर भी उतर आए। कुरुक्षेत्र नई अनाज मंडी, पिपली, शाहाबाद व इस्माईलाबाद में किसानों ने सड़कों पर उतरकर रोष जताया। इस दौरान रोड पर जाम लगा रहा जिसमें सैकड़ों वाहन भी फंसे रहे।
एक घंटे का समय लेकर गायब हो गए अधिकारी तो भड़के किसानों ने किया रोड जाम
धान खरीद बंद होने के चलते रविवार सुबह करीब 11 बजे भाकियू पूर्व प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी के नेतृत्व में किसान एकत्रित हुए और मार्केट कमेटी कार्यालय पर रोष जताया। एसडीएम अनिल यादव, सीटीएम संयम गर्ग व तहसीलदार भी पहुंचे। उन्होंने किसानों को एक घंटे तक खरीद करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद किसान शांत हो गए। हालांकि खरीद एंजेसी व अधिकारियों ने एक- दो ढेरी पर जाकर औपचारिकता की, लेकिन कुछ देर बाद ये अधिकारी किसानों को मंडी में कहीं पर भी नहीं मिले, जिससे वे भड़क गए और मंडी के बाहर केडीबी रोड जाम कर दिया। करीब एक घंटा तक जाम लगा कर किसानों ने जमकर नारेबाजी भी की। इसके बाद डीएफएससी नरेंद्र सिंह सहरावत भी पहुंचे और उन्होंने उसी समय खरीद शुरू कराई तो किसान शांत हुए। इस दौरान जिलाध्यक्ष कृष्ण कलाल माजरा, यमुनानगर जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना, बाबू राम, चमेल सिंह, बलिंद्र बगथला, अवतार सिंह सहित अन्य किसान शामिल रहे। वहीं रविवार को पहले से ही खरीद कार्य बंद रहने के चलते किसी एजेंसी ने खरीद नहीं दिखाई। वहीं पिपली मंडी में पहुंचे किसानों ने भी धान खरीद न होने पर कुरुक्षेत्र- यमुनानगर रोड जाम कर दिया, जिसके बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा। करीब एक घंटा तक रोड जाम रहने के बाद जब मिलर्स की हड़ताल खत्म हुई और खरीद शुरू हुई तो किसान शांत हुए और जाम खोला।
सोमवार से नहीं आने दी जाएगी कोई परेशानी : सिंगला
हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष ज्वैल सिंगला ने बताया कि करनाल स्थित निजी पैलेस में विधायक सुभाष सुधा की अगुवाई में खाद्य एवं पूर्ति राज्यमंत्री कर्ण देव कांबोज के साथ मांगों को लेकर बैठक हुई। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री से विचार-विर्मश किया और सभी मांगों को स्वीकार करने का आश्वासन दिया। अब न किसी मिल पर छापेमारी होगी और न ठेके वाले मिलों के लिए पांच फीसदी बैंक गारंटी देनी होगी। करनाल का ब्लैक लिस्ट किया राइस मिल भी खोल दिया गया है, जिसके चलते हड़ताल खत्म कर दी गई। सोमवार से खरीद कार्य सुचारु होगा और कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
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किसानों का गुस्सा फुटा, हाईवे जाम कर सरकार व प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी
इस्माईलाबाद। अनाजमंडी में धान की सरकारी खरीद न होने से परेशान किसानों ने अनाजमंडी के सामने नेशनल हाईवे को जाम कर सरकार व प्रशासन के खिलाफ जम कर नारे बाजी की। जाम की सूचना मिलते ही मार्केट कमेटी सचिव रामकुमार दहिया व थाना प्रभारी सतीश कुमार भी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे तथा किसानों को समझाने का प्रयत्न किया लेकिन किसान धान खरीद शुरू करने पर अड़े रहे। जाम के चलते हाईवे पर दोनों साइड वाहनों की लंबी लंबी लाईने लग गई, जिसके चलते राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। किसान लज्जा राम, हरमिंद्र सिंह, शीशा सिंह, जसवीर सिंह, अशोक, पंकज, मनोहर सिंह आदि ने बताया कि शनिवार से धान खरीद बंद होने के कारण मंडियों में धान के अंबार लग गए है। करीब साढ़े 12 बजे से तीन बजे तक हाईवे जाम रखा और बाद में मिलर्स की हड़ताल खत्म होने पर खरीद शुरू हुई तो किसान शांत हुए।
जाम के चलते हाईवे पर लगीं लंबी कतारें
खरीद न होने से परेशान किसानों द्वारा हाईवे जाम करने से हाईवे के दोनों तरफ वाहनों की लंबी लंबी कतारे लग गई। जिससे यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। हालांकि जाम ने खुलने पर प्रशासन ने यातायात को गांव ठसका मीरांजी से वाय खेडी होकर शुरू करवा दिया जिससे यात्रियों ने राहत की सांस ली।
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किसानों का 35 हजार क्विंटल धान खरीदा
लाडवा। कस्टम मिलर्स की हडताल समाप्त होने से किसानों के साथ आढतियों ने भी राहत की सांस ली। रविवार शाम चार बजे कस्टम मिलर्स धान की खरीद करने के लिए अनाजमंडी में आए और उन्होंने सरकारी एजैंसियों के लिए धान की खरीद का काम शुरू कर दिया। दो दिन से खाली बैठे हजारों मजदूर काम पर जुट गए। लाडवा अनाजमंडी में शनिवार व रविवार को करीब पैंतीस हजार क्विंटल परमल धान बिक्री के इंतजार में पडा हुआ था ,जिसे रविवार शाम खरीद लिया गया।
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धान खरीद की मांग को लेकर भाकियू ने मंडी के गेट जड़ा ताला
शाहाबाद। धान खरीद की मांग को लेकर रविवार को किसानों ने करीब दोपहर साढ़े 12 बजे अनाज मंडी के दोनों गेटों पर ताला जड़ दिया और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी कर गेट से बाहर कर दिया। बड़ी संख्या में किसान मंडी गेट के अंदर धरने पर ही बैठे रहे। इसके बाद तीन घंटे बाद किसानों ने चेतावनी दी कि अगर आधे घंटे में धान की खरीद शुरू नहीं हुई तो किसान लाडवा रोड जाम कर देंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन को पूरी तरह से यहां से खदेड़ दिया जाएगा इसलिए प्रशासन अपनी तैयार कर लें। इसके बाद डयूटी मेजिस्ट्रेट तहसीलदार दिनेश ढिल्लों ने खरीद शुुरू करने की पुष्टि की। धान खरीद शुरू होने के निर्णय के बाद ही किसानों ने मंडी के दोनों गेट खोले। किसानों का नेतृत्व कर रहे जसबीर मामूमाजरा ने कहा कि राईस मिलर्स बिहार का चावल लाकर यहां के किसानों के जाली नाम से सरकार को बेचते हैं और पैसा वसूल करते हैं। जोकि किसानों के साथ सरासर अन्याय है। वहीं मंडी के गेट बंद रहने के कारण दोनों ओर सैंकड़ों की सं या में धान से लदे ट्रेक्टर-ट्राली, ट्रक व अन्य वाहनों की कतारें लग गई।