बेटियों की सुरक्षा के लिए गांव में महिलाओं ने बनाई कमेटी
- सर्वजातीय सर्वखाप महापंचायत की महिला विंग ने कुरुक्षेत्र से की पहल
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। बेटियों के साथ आए दिन हो रहे दुराचार के मामले रोकने में पुलिस व सरकार की नाकामी के बाद अब महिलाओं ने अपनी सुरक्षा का बीड़ा खुद ही उठाया है। इसके लिए गांव स्तर पर महिलाओं की कमेटियों का गठन किया जाएगा। इसकी शुरुआत मंगलवार को कुरुक्षेत्र की लक्ष्मण कॉलोनी से की गई है।
यह पहल सर्वजातीय सर्वखाप महापंचायत की महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष दहिया के नेतृत्व में हुई। उन्होंने लक्ष्मण कॉलोनी में महिलाओं से विचार-विमर्श किया। इसके बाद एक कमेटी का गठन किया गया। इसमें राजरानी को प्रधान बनाया गया तो नरेशो, प्रोमिला, मोनिका, मुन्नी, कोमल, बबीता, ममता, सुनीता, बाला, किरण, सुदेश, कमलेश, सोनिया, राज, अनारकली, प्रवीण, कृष्णा और सोनिया देवी को सदस्य के तौर पर शामिल किया गया। डॉ. संतोष दहिया ने कहा कि महिलाओं के साथ हो रही घटनाओं से हरियाणा लगातार शर्मसार हो रहा है। प्रदेश का हर नागरिक अपने आप को असहाय सा महसूस कर रहा है। और इन घटनाओं को कैसे रोका जाए इस पर बहस छिड़ गई है। इसलिए अपनी सुरक्षा के लिए महिलाओं ने यह पहल की है। उन्होंने बहुत ही दुखी मन से कहा कि रेवाड़ी गैंगरेप का मामला अभी सुलझा भी नहीं था कि आज रोहतक से एक चार साल की बच्ची से दरिंदगी का मामला सामने आया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में कोई भी जगह बच्चियों के लिए सुरक्षित नहीं बची है। पुलिस प्रशासन और सरकार की नाकामी को देखते हुए अब बच्चियों की सुरक्षा के लिए खुद महिलाओं को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि द्रौपदी के चीरहरण पर महाभारत हुआ था, लेकिन आज लगातार बच्चियों का चीरहरण हो रहा है और सरकार और प्रशासन चुप बैठे हैं।
मोबाइल नंबर किया जाएगा जारी, कोई भी बेटी कर सकेगी संपर्क
डॉ. संतोष दहिया के अनुसार, अगले माह तक कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, यमुनानगर सहित आसपास के जिलों के गांवों में महिलाओं की कमेटी का गठन कर दिया जाएगा। इसके साथ ही पूरे प्रदेश के लिए एक मोबाइल नंबर सार्वजनिक किया जाएगा। इस मोबाइल नंबर पर छेड़छाड़ जैसी किसी भी घटना से प्रताड़ित बेटी संपर्क कर सूचना दे सकेगी। इसके साथ ही संबंधित क्षेत्र के पुलिस थाने में वहां की कमेटी पहुंचेगी और संबंधित युवकों के माता-पिता को भी इससे अवगत कराया जाएगा। जरूरत पड़ी तो कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। कमेटी अपने-अपने गांव की बेटियों व महिलाओं से लगातार संपर्क में रहेगी। हर माह समीक्षा भी की जाएगी।