फोटो नंबर-10 व 11
300 बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता रहे हड़ताल पर, 150 गर्भवती महिलाओं व 35 नौनिहालों का टीकाकरण अटका
- सिविल अस्पताल में अपनी मांगों के लिए 16 अगस्त से क्रमिक अनशन पर है एएनएम कार्यकर्ता अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। जिलेभर के करीब 300 बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता (एएनएम) शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देकर क्रमिक अनशन एवं हड़ताल पर बैठे। इसके चलते प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व सामुदायिक केंद्रों सहित जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं पर विपरीत असर रहा। जिला सिविल अस्पताल में रोजाना करीब 150 गर्भवती महिलाओं सहित करीब 35 नौनिहालों का टीकाकरण होता है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित प्रथामिक केंद्रों में रोजाना 10 से 12 गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच की जाती है, लेकिन एएनएम कार्यकर्ताओं की हड़ताल के चलते इनसे संबंधित अन्य स्वास्थ्य सेवाएं भी पिछले तीन दिनों से प्रभावित रहीं। बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता एसोसिएशन के ऐलान पर वीरवार से कार्यकर्ता हड़ताल पर बैठे हैं, जो शनिवार को समाप्त हो जाएगी। शनिवार को चार महिलाओं सहित पांच एएनएम क्रमिक अनशन पर बैठे। इनमें जिला प्रधान सुभाषवती, राज्य कार्यकारिणी सदस्य प्रवीन कुमारी, निर्माला भारद्वाज, विजय बाला, फूलकली व मनोज धीमान क्रमिक अनशन पर बैठे। वहीं जिलेभर की एएनएम, एलएचवी, एचआई एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों ने धरने में बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस तीन दिवसीय क्रमिक अनशन व धरना प्रदर्शन से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व सामुदायिक केंद्रों सहित जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं पर विपरीत असर देखने को मिला। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मच्छरजनित बीमारियों की जानकारी, सुझाव, शिकायत और बचाव के लिए चलाया गया डोर-टू-डोर अभियान भी पूरी तरह से प्रभावित रहा। वहीं सरकार द्वारा चलाई गई गर्भवती महिलाओं का मासिक चैकअप, खान-पान एवं उनका टीकाकरण जैसी सेवाएं समय पर नहीं मिल पा रही।
धरने का नेतृत्व कर रहीं जिला प्रधान सुुुभाषवती ने कहा कि एएनएम एसोसिएशन पिछले लंबे समय से अपनी मांगों को लागू कराने को लेकर संघर्ष कर रही है। यदि सरकार अभी भी कोई सकारात्मक रवैया नहीं अपनाती है और मांगों का नोटिफिकेशन जारी नहीं करती, तो एसोसिएशन 27 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करेंगी। जनसंघर्ष मंच की उपाध्यक्ष ऊषा रानी ने एएनएम को समर्थन दिया। इस मौके पर कर्ण सिंह, डॉ. सुदेश कुमार, कुलदीप, संजय शर्मा, धमेंद्र, सुमन बाला, रानी, रेखा, सुमित्रा, संजय, सुदेश, निर्माला देेवी, बिमलेश, सविता,ज्योति, कुुसुम, नीलम, सुरजीत कौर, राजरानी, कमला, मेघा, सुमन, अन्नू व राजवंती सहित अन्य एएनएम मौजूद रहेे।
ये हैं प्रमुख मांगें-
- एमपीएचडब्ल्यू, एमपीएचएस व एसएमआई के पदों को तकनीकी घोषित किया जाएगा। - 2400 की जगह पर 4200 का ग्रेड पे दिया जाए और सातवें वेतन आयोग के लेवल 6 में रखा जाए। - एमपीएचडब्ल्यू पुरुष को एमपीएचडब्ल्यू महिला के समान वर्दी भत्ता दिया जाए। - एमपीएचडब्ल्यू व एमपीएचएस को एफटीए एक हजार रुपये से 2 हजार रुपये तक दिया जाए। - आरसीएच परियोजना के तहत कार्यरत एमपीएचडब्ल्यू (महिला) को 2 वर्ष के सेवाकाल के उपरांत नियमित करने की पॉलिसी बनाई जाए, उनको एफटीए व वर्दी भत्ता दिया जाए और नियमित न होने तक समान काम-समान वेतन दिया जाए।
- नियमानुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व उप स्वास्थ्य केंद्रों में एमपीएचएस और एमपीएचडब्ल्यू महिला-पुरुष का पद सृजित किया जाए।