भावांतर योजना को किसानों ने नहीं दिया भाव, मात्र 350 ने कराया रजिस्ट्रेशन
अमर उजाला ब्यूरो
लाडवा।
प्रदेश सरकार की किसानों के लिए भावांतर भरपाई योजना को क्षेत्र के किसानों ने कोई ज्यादा भाव नहीं दिया है। मार्केट कमेटी में भावांतर भरपाई योजना के रजिस्ट्रेशन के अंतिम दिन दोपहर तक केवल 350 किसानों ने ही अपना रजिस्ट्रेशन कराया था। कमेटी के नोटिफाइड एरिया में कुल 63 गांव हैं। इनमें बड़ी संख्या में किसान आलू, टमाटर, फूलगोभी और प्याज की खेती करते हैं।
योजना के तहत टमाटर और प्याज की फसल के लिए 15 फरवरी तक किसानों के रजिस्ट्रेशन किए जाने थे। मार्केट कमेटी के सचिव जसबीर सिंह का कहना है कि 15 फरवरी की दोपहर तक कमेटी के पास केवल 40 गांवों के 350 किसानों ने ही अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। कुछ के आवेदन अभी जारी हैं। इससे शाम तक 40-50 अन्य रजिस्ट्रेशन हो सकते हैं। किसानों का कहना है कि सरकार की योजना तो बढ़िया है, लेकिन इसमें तकनीकी तौर पर दो खामियां हैं। इससे किसान इस योजना की ओर ज्यादा आकर्षित नहीं हो पा रहे। किसान लखबीर सिंह, बलबीर सिंह, जयकुमार, संदीप कुमार, सतनाम सिंह, राजकुमार, रमेश कुमार, श्योराम, सूरता राम, रामेश्वर सैनी आदि ने कहा कि रजिस्ट्रेशन के लिए फसल वाले खेत का खसरा नंबर, किला नंबर आदि जानकारी देनी होती है। इसे लेने के लिए किसानों के पास पटवारी के अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं है। पटवारी से कागजात लेने के लिए बहुत ज्यादा भागदौड़ करने के बावजूद कई बार काम नहीं हो पाता। योजना में फसल बेचकर मिलने वाले जे फार्म की अनिवार्य शर्त को दूसरी बड़ी कमी बताया गया। टमाटर की खेती करने वाले किसान अपनी फसल का 90 फीसदी हिस्सा दिल्ली, देहरादून या राजस्थान की मंडियों में बेचते हैं। किसानों के अनुसार सरकार प्रत्येक सब्जी मंडी में बड़े थोक व्यापारियों एवं बड़ी प्रोसेसिंग कंपनियों को फसल खरीद के लिए अनुबंधित करे, जिससे किसानों को फसल का सही दाम मिल सकेगा।
योजना का लाभ केवल पंजीकृत किसान को
भावांतर भरपाई योजना में रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसान ही इस योजना का लाभ लेने के पात्र हो सकते हैं। इस योजना में सरकार ने प्याज की बिक्री अवधि अप्रैल-मई और टमाटर की बिक्री अवधि अप्रैल से 15 जून तक के लिए किसानों का रजिस्ट्रेशन शुरू किया था। प्याज के काश्तकारों का रजिस्ट्रेशन 20 दिसंबर और टमाटर का रजिस्ट्रेशन 15 दिसंबर से शुरू किया था।