महाशिवरात्रि आज, 100 साल में प्रदोष व्रत, महाशिवरात्रि और त्रयोदशी का बन रहा संयोग
अमर उजाला ब्यूरो
पिहोवा।
शिवरात्रि पर मंगलवार को सौ साल बाद प्रदोष व्रत, महाशिवरात्रि और त्रयोदशी तीनों का विशेष योग बन रहा है। इसमें भगवान शिव की पूजा अर्चना करने से हर मनोकामना पूर्ण होगी। संगमेश्वर धाम अरुणाय में महाशिवरात्रि पर लगने वाले मेले में लाखों श्रद्धालु पहुंचेंगे। इसके लिए व्यवस्था की जा रही हैं। महंत विश्वनाथ गिरी ने बताया कि सौ साल बाद आज प्रदोष व्रत, शिवरात्रि और त्रयोदशी का विशेष संयोग बन रहा है। यह संयोग मंगलवार देर रात 10:34 मिनट तक रहेगा। इसी काल में भगवान शिव को जल चढ़ाने से सभी मनोकामनाएं पूरी होगी।
उन्होंने बताया कि बुधवार को भी त्रयोदशी सुबह 8:04 बजे तक रहेगी। उस वक्त भी भगवान शिव को जल चढ़ाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि मंगलवार अर्द्ध रात्रि को भस्म से भगवान शिव की आरती की जाएगी। शिवरात्रि पर मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं के लिए ध्यान कक्ष बनाया गया है।
नारियल और गुड़ की भेली चढ़ाने की परंपरा
महंत विश्वनाथ गिरी ने बताया कि भगवान शिव पर नारियल और गुड़ की भेली चढ़ाने की परंपरा है। जिन श्रद्धालुओं की मनोकामना पूर्ण हो जाती है, वे भगवान शिव को नारियल और गुड़ की भेली चढ़ाते है। उन्होंने बताया मंदिर से कुछ दूरी पर एक टीले पर दुर्वासा ऋषि का मंदिर है। मान्यता है कि उन्होंने यहां 88 हजार वर्ष तक तप किया था। यह टीला उसी की राख से बना हुआ है। भगवान शिव की पूजा अर्चना के बाद दुर्वासा ऋषि के दर्शन करने चाहिए।
एलसीडी पर कर सकेंगे शिवलिंग के दर्शन
मेले की कार्यक्रमों को एक साथ एलसीडी पर देखने के साथ शिवलिंग के दर्शन भी कर सकेंगे। महंत विश्वनाथ गिरी ने बताया कि मंदिर में खड़े त्रिशूल पर सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है। यह करीब आधा किलोमीटर क्षेत्र पर नजर रख सकता है। इससे श्रद्धालु एलसीडी पर एक बार में पूरे मेले के साथ ही शिवलिंग के दर्शन भी कर सकेंगे।
50 से ज्यादा संस्थाएं करेंगी भंडारा
महाशिवरात्रि पर अरुणाय में दो लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। शिवरात्रि पर 50 से ज्यादा संस्थाएं भंडारा लगाएंगी। इसके लिए संस्थाओं के सदस्य कई दिन पहले अरुणाय धाम पहुंच गए हैं। मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए लंगर लगेगा। यह भाप से तैयार होगा।