कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से नहीं ले रहा केयू प्रशासन : गुर्जर
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का गैर-शिक्षक कर्मचारी संघ अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आया। कर्मचारियों ने हड़ताल करते हुए जमकर रोष व्यक्त किया। हड़ताल के चलते विश्वविद्यालय के अधिकतर कार्यालय खाली पड़े रहे तो कई कार्यालयों पर ताले लटके रहे। इससे विभिन्न कार्यो को लेकर पहुंचे हजारों विद्यार्थियों को परेेेशानी का सामना करना पड़ा। कुंटिया के बैनर तले सुबह ही सैकड़ों कर्मचारी प्रशासनिक ब्लॉक के सामने विजय ग्राउंड में एकत्रित हो गए। वहां एक सभा का आयोजन किया। सभा को संबोधित करते हुए कुंटिया प्रधान राम कुमार गुर्जर ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की। कहा कि केयू प्रशासन कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से नहीं ले रहा।
उन्होंने कहा कि जब तक विश्वविद्यालय प्रशासन कर्मचारियों की महत्वपूर्ण समस्याओं और मांगो का कोई हल नही निकालता, तब तक कुंटिया की हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को लगभग तीन महीने का समय दिया जा चुका है, लेकिन प्रशासन को कर्मचारियों की समस्याओं से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कर्मचारियों की समस्याओं के प्रति विश्वविद्यालय प्रशासन के नकारात्मक रवैये की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कुंटिया कार्यकारणी से विश्वविद्यालय प्रशासन के व्यवहार की भी आलोचना की । उन्होंने कहा कि प्रशासन नही चाहता कि विश्वविद्यालय में शांति रहे। कुंटिया को जानबूझ कर संघर्ष में धकेला जा रहा है। अब कुंटिया की विश्वविद्यालय प्रशासन से आर-पार की लड़ाई होगी। उन्होंने सभी कर्मचारियों से आह्वान किया कि इन तीन अवकाश के दिनों में कोई भी कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं आएगा, न ही ओवर टाइम करेगा। कुंटिया महासचिव नीलकंठ शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को कुंटिया के इतिहास का बारीकी से अध्ययन कर लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुंटिया का अपना एक इतिहास रहा है। कुंटिया ने जब-जब कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष किया है, तो उसे विजय ही मिली है। इस बार भी कुंटिया अपना इतिहास दोहराने जा रही है।
ये है मुख्य मांगें हैं कर्मचारियों की
कुंटिया महासचिव ने बताया कि कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों में मुख्य रूप से कर्मचारियों को स्टाफ रेशो और सातवें वेतन आयोग के एरियर का भुगतान, एलटीसी एवं शिक्षा भत्ता, प्रशासनिक अधिकारी, सहायक कुलसचिव, उप-कुलसचिव की प्रमोशन, 37 क्लर्कों का कंफर्मेशन, एसएफएस कर्मचारियों को मेडिकल सुविधा और कार्पस फंड निर्धारित करना, असिस्टेंट लाइब्रेरियन की पोस्टों को डाउनग्रेड करना, हाउस बिल्डिंग लोन, साइंस फैक्लटी में प्रमोशन (जहां पर पोस्ट खाली हैं) एसएफएस कर्मचारियों को एलटीसी एवं बच्चों का शिक्षा भत्ता, एसएफएस कर्मचारियों का टाईप टेस्ट माफ करना, एसएफएस क्लर्कों की सहायकों में पदोन्नति स्टाफ रेशो अनुसार करना आदि शामिल हैं।
इन्होंने भी किया संबोधित
हड़ताल के दौरान सभा को कुंटिया के सेवानिवृत्त पूर्व प्रधान डॉ बाबूराम गुप्ता, पूर्व प्रधान सुनील कक्कड, पूर्व महासाचिव भारत भूषण, राम करण शर्मा, राम लाल एवं राम फल, कृष्ण पांडे, विजय गौड़, डॉ. जीतसिंह शेर, रामेश्वर सैनी आदि कुंटिया नेताओं ने संबोधित किया।
दाखिले के लिए चाहिए माईग्रेशन सर्टीफिकेट : गुलशन
कैथल के आरकेएसडी कॉलेज के छात्र रहे गुलशन कुमार ने बताया कि पहले कुरुक्षेत्र विश्वविाद्यालय के अधीन पढ़ाई करता था। अब दूसरी यूनिवर्सिटी में दाखिला लेना है। इसके लिए माईग्रेशन सर्टीफिकेट लेने आया था, लेकिन यहां आकर देखा कि सभी कर्मचारी हडताल पर बैठे हैं। उसे सर्टिफिकेट लिए बिना ही लौटना पड़ रहा है।
कालका से डिग्री लेने आया, लगे मिले ताले : अनिल
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय मे एमकॉम की डिग्री लेने आए कालका निवासी अनिल कुमार ने बताया कि वह इसके लिए कोहरे और कड़ी ठंड के बावजूद अल सुबह कालका से रवाना हुआ था। यहां आकर देखा कि यहां पर अनिश्चितकालीन हड़ताल चल रही है। इसकी वजह से खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। सभी बिल्डिंगों में ताले लगे हुए हैं।
नौकरी ज्वॉइन करने के लिए जरूरत है डिग्री की : आकाश
यमुनानगर निवासी आकाश गोयल ने बताया कि स्कूल में टीचिंग की नौकरी के लिए चयन हुआ है। इसके लिए उसे डिग्री की जरूरत पड़ी है। वह आज यहां डिग्री लेने पहुंचा तो पता चला कि कर्मचारी हड़ताल पर है। इससे उसे बड़ी परेशानी उठानी पड़ी है। अब बिना डिग्री लिए ही लौटना पड़ रहा है।
फार्म जमा करवाएं या नही
गन्नौर निवासी मोहित, संजय, नंदकिशोर, मनीष कुमार ने बताया कि ठंड के मौसम में अपना एमएससी मैथ का फार्म जमा करवाने आए थे। यहां आकर देखा तो हड़ताल है। आवेदन फार्म अटेस्ट नहीं हैञ। इसके कारण रोल नंबर पहुंचने में समस्या हो सकती है। केवल फार्म अटेस्ट करवाने के लिए सोमवार को आना पड़ेेगा।