अमर उजाला ब्यूरो
शाहाबाद।
शाहाबाद पुलिस द्वारा भारतीय किसान यूनियन के नेताओं और अन्य किसानों के खिलाफ मामला दर्ज करने के मामले में भारतीय किसान यूनियन का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। धरने पर बैठे प्रदर्शनकारी सरकार विरोधी नारेबाजी कर रहे थे।
पत्रकारों से बातचीत में गुरनाम सिंह चढूनी ने बताया कि 8 जून को मंडी परिसर में किसानों की पंचायत बुलाई गई है, जिसमें बातचीत के बाद प्रशासन व पुलिस के खिलाफ किसान प्रदर्शन करते हुए थाने में पहुंचेंगे और सामूहिक गिरफ्तारियां देंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस व प्रशासन ने किसानों को धोखा दिया है। उन्होंने आज प्रदेश सरकार व भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष से सीधा प्रश्न किया है कि किसानों के शाहाबाद में सूरजमुखी खरीद के प्रश्न पर चल रहे आंदोलन के प्रति वह मौन क्यों हैं। उन्होंने कहा कि किसान हितैषी होने का सदा राग अलापने वाले व दावा करने वाले इन नेताओं ने क्या किसानों को हरियाणा पुलिस व सिविल प्रशासन के रहम पर छोड़ दिया है कि इस समस्या का समाधान निकालना मानो सरकार या भाजपा का दायित्व नहीं अपितु पुलिस प्रशासन व सिविल प्रशासन का दायित्व हो। उन्होंने कहा कि आंदोलन की जरूरत क्यों पड़ी, यह स्थिति क्यों बनी, सरकार को इसकी तह में जाना होगा और निष्कर्ष पर पहुंचना होगा कि इसके लिए कौन जिम्मेवार है। सवाल यह भी है कि क्या किसान खामोश रहकर अन्याय व मनमानी सहन करते रहें और उनकी फसल औने-पौने दामों पर बिकती रहे। उन्होंने भाजपा के किसान संगठनों से भी भाकियू आंदोलन में खुलकर साथ आने की अपील की है अगर वह सूरजमुखी उत्पादकों की मांगों को जायज समझते हैं। इस अवसर पर भाकियू के प्रेस प्रवक्ता राकेश बैंस, जसबीर सिंह मामूमाजरा, सतपाल सिंह पाडलू, सुखचैन सिंह, हरबंस सिंह, बलदेव सिंह, खजान सिंह, अमरजीत व जरनैल सिंह आदि किसान मौजूद थे।