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20 साल बाद संघ चुनाव की घोषणा, विद्यार्थी संगठनों के लिए असमंजस भरी स्थिति

Thu, 23 Jun 2016 12:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरूक्षेत्र
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खुशी जताते विद्यार्थी - फोटो : Amar Ujala
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चुनावी वादे को पूरा करते हुए राज्य सरकार ने प्रदेश में छात्र संघ चुनाव बहाल करने की घोषणा कर दी है। हालांकि कैबिनेट में मंजूरी मिलने के बाद ही आगे की स्थिति साफ होगी, लेकिन घोषणा से छात्र संगठनों में हलचल बढ़ गई है। हालांकि कुछ छात्र संगठनों इसे असमंजस वाली स्थिति बताया है। अप्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली का प्रारूप क्या होगा यह तो बाद में पता चलेगा लेकिन फिलहाल छात्र नेताओं में से कुछ ने इसे राहत भरी खबर कहा है तो कुछ ने इसे गलत फैसला करार दिया है।
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एबीवीपी के प्रयासों से विद्यार्थियों मिला उनका हक : ठाकुर
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) छात्र संगठन ने हरियाणा भाजपा सरकार के फैसले पर पूर्ण सहमति जताई। एबीवीपी के विभाग संयोजक गौरव सैनी तथा जिला संयोजक हिमांशु ठाकुर ने कहा कि एबीवीपी ने हमेशा ही छात्र हितों की आवाज को बुलंद किया है। तत्कालीन मुख्यमंत्री बंसीलाल की सरकार द्वारा वर्ष 1996 से हरियाणा में छात्र संघ चुनाव बंद थे, तभी से संगठन ने चुनाव बहाल करने की लगातार मांग उठाई। सरकार ने एबीवीपी की मांग पूरा करके विद्यार्थियों को उनका हक प्रदान किया है। इससे प्रत्येक विद्यार्थी में खुशी की लहर है।

छात्र संघ चुनाव बहाल होने से विद्यार्थियों में जोश: भारद्वाज
भगवान परशुराम स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन (बीपीएसओ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामसरण भारद्वाज का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से छात्र संघ चुनाव बहाली को लेकर मेहनत कर रहे थे। सरकार के फैसले से उनमें काफी जोश है। बीपीएसओ ने सरकार के फैसले पर सहमत जताते हुए खुशी जाहिर की। संगठन ने केयू परिसर में इस बाबत बैठक करके अपने विचार रखे। भारद्वाज ने कहा कि छात्र संघ चुनाव से विद्यार्थियों को काफी फायदे होंगे। विद्यार्थियों की समस्याओं और उनके हितों की बातों को उठाने वाला कोई तो जरूर होना चाहिए। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि वे चुनाव के लिए तैयार हैं और अबकी बार बीपीएसओ जीत का परचम लहराएगी।   
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सरकार के फैसले से नहीं सहमत: एसएफआई
स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) छात्र संगठन के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र ने कहा कि वे हरियाणा सरकार के इस फैसले से बिल्कुल भी सहमत नहीं हैं। क्योंकि जिस अप्रत्यक्ष रूप से छात्र संघ चुनाव बहाल किए गए हैं, उससे विद्यार्थी न तो एसी और न ही ईसी में पार्टीसीपेट कर पाते। इसका असर चुनाव पर भी पड़ता है। चुनाव सही नहीं हो पाता।

अप्रत्यक्ष चुनाव किस ढंग से पूरे कराए जाएंगे: खैरा
इनसो के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जसविंदर खैरा ने कहा कि हरियाणा प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव की बहाली इनसो की जीत है। हरियाणा सरकार ने इनसो की मांग को पूरा किया, इसके लिए प्रदेश सरकार का आभार। लेकिन, सरकार यह स्पष्ट करे कि यह अप्रत्यक्ष चुनाव किस ढंग से पूरे कराए जाएंगे। सरकार की यह मंशा कहीं विद्यार्थी हितों के लिए कुठाराघात न साबित हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 20 वर्ष बाद छात्र संघ चुनाव होंगे, जिसके लिए इनसो पूरी तरह तैयार है।
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