अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि महाभारत कालीन कुरुक्षेत्र की 48 कोस की परिधि को पर्यटन हब बनाने के लिए कुुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, जींद और कैथल के सभी तीर्थों को विकसित किया जाएगा। इन तीर्थों की अभी तक आम लोगों को जानकारी नहीं है। इन तीर्थों पर अधिक से अधिक पर्यटक पहुंचे, इसके लिए राज्य सरकार ने 48 कोस के तीर्थों के लिए परिक्रमा तैयार की है। फिलहाल कुरुक्षेत्र के 14 तीर्थों की परिक्रमा के लिए सरकार ने ट्रायल पर बस सेवा शुरू की है। इन बसों में पर्यटक महज 50 रुपये का किराया देकर 14 तीर्थों की परिक्रमा कर पाएंगे।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल शनिवार को कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड कार्यालय से रोडवेज विभाग हरियाणा की दो बसों को तीर्थ परिक्रमा के लिए हरी झंडी दिखाने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इससे पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल, परिवहन मंत्री कृष्ण पंवार, विधायक सुभाष सुधा, उपायुक्त सुमेधा कटारिया, केडीबी मानद सचिव अशोक सुखीजा, सीईओ केडीबी पूजा चांवरिया ने इन बसों को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने कहा कि 48 कोस की परिक्रमा करने के लिए सरकार किफायती दरों पर यात्रा करवाएगी। इस योजना के तहत यात्री 50 रुपये में प्रतिदिन आठ घंटे में 14 तीर्थों की यात्रा कर पाएंगे। परिवहन मंत्री कृष्ण पंवार ने कहा कि मुख्यमंत्री के आदेशानुसार कुरुक्षेत्र के तीर्थों की परिक्रमा के लिए ट्रायल तौर पर बस सेवा शुरू की गई है और इसके लिए 50 रुपए किराया निर्धारित किया गया है। पूरे हरियाणा में नगर निगमों से मिलकर सिटी बस सेवा भी शुरू की गई है। प्रदेश के फरीदाबाद और गुरुग्राम में यह सेवा शुरू कर दी गई है। धीरे-धीरे अन्य शहरों में भी नगर निगमों और नगर परिषद को सिटी बस सेवा शुरू करने के जिम्मेदारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 125 मिनी बसों को चलाने पर विचार किया जा रहा है। जिन रूट पर 52 से कम सवारी बसों में बैठती है। उन जगहों पर मिनी बस सेवा शुरू की जाएगी। विधायक सुभाष सुधा ने कहा कि 17 नवंबर से तीन दिसंबर तक होने वाले मार्घशीर्ष शुक्ल पक्ष के अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव से एक महीने पहले शुरू होने वाली ये सुविधा कुरुक्षेत्र आने वाले यात्रियों और जन साधारण के लिए सहूलियत भरी होगी। कृष्णा सर्किट के अंतर्गत इन परिक्रमाओं को विशेष पर्यटक केंद्रों से संचालित किया जाएगा। इस मौके पर भाजपा के जिला अध्यक्ष धर्मबीर मिर्जापुर, जिप चेयरमैन गुरदयाल सुनहेड़ी आदि मौजूद थे।
पहले चरण में कुरुक्षेत्र के 14 तीर्थ
पहले चरण में ट्रायल के तौर पर कुरुक्षेत्र जिले में स्थित महाभारत कालीन 14 तीर्थों का परिक्रमा मार्ग चिह्नित किया गया है। इस परिक्रमा की बस सुबह नौ बजे नन्दा जी सदाचार स्थल, ब्रह्मसरोवर, कुरुक्षेत्र से शुरू होकर रन्तुक यक्ष बीड पिपली, अभिमन्यु का टीला अमीन, बाणगंगा दयालपुर, कुलतारण किरमच, काम्येश्वर कमोदा, शालिहोत्रा सारसा, सरस्वती पिहोवा, भूर्षरवा भौर सैयदां, ज्योतिसर, भीष्म कुण्ड नरकातारी, स्थाणेश्वर महादेव मंदिर , भद्रकाली, सन्निहित आदि होते हुए शाम आरती स्थल ब्रह्मसरोवर तक आएगी। इस तरह यात्री दिन भर तीर्थों के दर्शन करने के बाद शाम को ब्रह्मसरोवर की भव्य आरती का आनन्द ले पाएंगे।
सरकार करेगी सभी को विकसित
उन्होंने कहा कि कर्म भूमि कुरुक्षेत्र का महाभारत काल से बहुत महत्व है। इस पावन धरा पर गीता का उपदेश दिया गया। इस वजह से कुरुक्षेत्र को पूरे विश्व में जाना जाता है। कहा कि 48 कोस में आने वाले जिलों तक देश-विदेश के पर्यटक पहुंचे, इसके लिए सरकार की तरफ से सभी तीर्थ स्थलों को विकसित किया जाएगा। अभी तक इन तीर्थों का रख-रखाव स्थानीय लोगों करते रहे हैं। कुरुक्षेत्र के बाद अन्य जिलों के तीर्थ स्थलों की भी परिक्रमा की जाएगी। सीएम ने कहा कि कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड को तीर्थ परिक्रमा के लिए दो मिनी बस चलवाने के आदेश दिए हैं। फिलहाल, हरयिाणा रोडवेज की दो बसों के लिए यात्रियों को बुकिंग कराने की सुविधा दी जाएगी। इस बुकिंग के आधार पर ही अन्य बसें चलाने का निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन को आगे ले जाने के लिए कार्य कर रही है। इसके तहत ही राखी गढ़ी, दक्षिण हरियाणा, शैवालिक से नीचे के क्षेत्र में आदी बद्री, काला आम जैसे तीर्थ स्थलों को विकसित किया जाएगा।