अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। अप्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव का विरोध कर रहे छात्र संगठनों के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने जमकर लाठीचार्ज किया और कइयों को हिरासत में लेने के साथ 150 के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इधर शुक्रवार रात को एबीवीपी को छोड़कर अन्य तमाम छात्र संगठनों की बैठक हुई। इसमें शनिवार को कुलपति कार्यालय के बाहर काले कपड़े पहनकर विरोध प्रदर्शन करने और नामांकन भरने वाले छात्रों के नामांकन वापस कराने का ऐलान किया गया। शुक्रवार को अप्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव के विरोध में इनसो, एनएसयूआई, एसएफआई, डसफी, असवा, आईसा व दिशा सहित अन्य छात्र संगठन लामबंद हुए थे। इन्होंने केयू थर्ड गेट पर ताला जड़कर करीब दो घंटे तक प्रदर्शन किया। यहां छात्र नेता सुबह ही थर्ड गेट पर पहुंचे और केयू प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान विद्यार्थियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। केयू के विद्यार्थियों सहित अन्य लोगों ने दीवार फांदकर परिसर में प्रवेश करना पड़ा। हालांकि स्थिति की गंभीरता की सूचना मिली तो पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र पाल मौके पर पहुंच गए। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्र नेताओं को समझाने का प्रयास किया। बावजूद इसके प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे इनसो के उप राष्ट्रीय अध्यक्ष जसविंद्र खैरा, एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष दिव्यांशु बुद्धिराजा व एसएफआई प्रदेशाध्यक्ष शहनवाज के आदेशानुसार सैकड़ों छात्र संगठन कार्यकर्ताओं ने कैथल-कुरुक्षेत्र मार्ग पर जाम लगाने पहुंच गए। इस स्थिति को नियंत्रण करने के लिए पुलिस ने ताबड़तोड़ लाठीचार्ज कर छात्र नेताओं सहित कार्यकर्ताओं को कैथल-कुरुक्षेत्र मार्ग से खदेड़ दिया। यहां तक की कई प्रदर्शनकारी लाठियों के प्रहार से बचने के लिए केयू थर्ड गेट पर स्थित दुकानों में जा घुसे, लेकिन पुलिस ने इन्हें बाहर निकाल कर इनके ऊपर ताबड़तोड़ लाठियां भांजी। पुलिस ने इनसो राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जसविंद्र खैरा, एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष दिव्यांशु बुद्धिराजा, एसएफआई प्रदेशाध्यक्ष शहनवाज सहित सैंकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के दौरान खैरा ने कहा कि पुलिस ने जिस बर्बरता का परिचय दिया है, उससे छात्र आंदोलन और तेज होगा। पुलिस खैरा सहित अन्य कई छात्र नेताओं पर लाठियां बरसाते हुए खींच कर गाड़ी तक लेकर आई और इन्हें गाड़ियों में भर प्रदर्शन स्थल से ले जाया गया।
केयू प्रशासन व पुलिस अधिकारियों की हुई बैठक
लाठीचार्ज के बाद छात्र संघ चुनाव को लेकर कुलपति कार्यालय में वीसी प्रो. कैलाश चंद्र शर्मा, कुलसचिव डॉ. नीता खन्ना, उपायुक्त डॉ. एसएस फुलिया, डीआरओ चांदी राम, एसपी सुरेंद्र पाल सिंह, डीएसपी गुरमेल सिंह, डीएसपी तान्या सिंह सहित अन्य अधिकारियों की करीब आधे घंटे तक बैठक हुई।
केयू में खुफिया तंत्र सहित सादी वर्दी में पुलिस तैनात
केयू परिसर में छात्र संघ चुनाव को लेकर प्रशासन ने खुफिया तंत्र को और बढ़ा दिया है। इसके अलावा अब सादी वर्दी में पुलिस कर्मी सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए रखेंगे। विभागीय जानकारी के अनुसार डीएसपी गुरमेल सिंह, केयूके थाना एसएचओ छोटू राम, एसएचओ झांसा राकेश कुमार, सहित 50 पुलिस कर्मी केयू परिसर में तैनात रहेंगे।
12 छात्र नेताओं सहित सैकड़ों विद्यार्थियों पर मामला दर्ज
पुलिस ने केयू में होने वाले छात्र संघ चुनाव में बाधा डालने, धारा 144 का उल्लंघन करने, केयू का थर्ड गेट बंद करने, यूनिवर्सिटी परिसर के सामने जाम लगाने एवं ड्यूटी में बाधा डालने के विरोध में छात्र नेता इनसो राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जसविंद्र खैरा, एसएफआई प्रदेशाध्यक्ष शहनवाज, एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष दिव्यांशु बुद्धिराजा, तरसेम, विजेंद्र रंगा, संदीप डरोलिया, दिलबाग पाई, योगेश, राजेश चोसाला, इनसो से मंजू जाखड़, एसएफआई से सुमन व हरमनप्रीत सहित सैकड़ों विद्यार्थियों पर धारा 147, 149, 186, 188 व 341 के तहत मामला दर्ज कर लिया। समाचार लिखे जाने तक सभी छात्र नेता पुलिस की हिरासत में थे।
केयू पर लगाया भेदभाव का आरोप
केयू के बीपीएसओ, केयूवीएम, एचएसएफ, एमपीएसए, एनएसओ, जीबीएसए व सीएसयूपी सहित अन्य छात्र संगठनों ने केयू प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि केयू प्रशासन भेदभाव कर सिर्फ एबीवीपी को विजय बनाना चाहती है। केयू प्रशासन द्वारा विभिन्न विभागों में बनाए गए सीआर को दबाव बनाया गया है। उनका कहना है कि प्रशासन द्वारा चुनाव का नामांकन भरने के लिए नोटिफिकेशन सुबह करीब 8 बजे जारी किया गया।। ताकि एबीवीपी के अलावा अन्य कोई छात्र संगठन चुनाव के लिए नामांकन न कर सकें।