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विधायक की मध्यस्थता के बाद 22 वें दिन खत्म हुई कुंटिया की हड़ताल

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कोर्ट केस वापस होंगे, नहीं कटेगा वेतन, पर बगैर टेस्ट नहीं होगी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की प्रमोशन
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फोटो नंबर-5 व 49,50
- पहले मानी मांगों पर ही विधायक की मध्यस्थता के बाद 22वें दिन खत्म हुई कुंटिया की हड़ताल
- मगर नहीं होगा बगैर टेस्ट पास किये चतुर्थ श्रेणी कर्मियों का प्रमोशन
- यूजीसी की गाइड लाइन से ही होगी एआर डीआर की प्रमोशन
- संगठित कुंटिया के सामने पहली बार अडिग रहा केयू प्रशासन
- जिन मांगों पर पहले केयू प्रशासन सहमत था आज उन्हीं के साथ खुली हड़ताल
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। केयू गैर शिक्षक कर्मचारी संघ (कुंटिया) की हड़ताल विधायक की मध्यस्थता से कुछ मानी-अनमानी मांगों के साथ 22 वें दिन समाप्त हो गई। यह पहली बार हुआ जब कुंटिया के समक्ष केयू प्रशासन नहीं झुका। जिन मांगों और समस्याओं को केयू प्रशासन पहले ही विचार कर हल करने की बात कर रहा था, अब भी उन्हीं पर सहमति के बाद हड़ताल खत्म हुई है।
केयू प्रशासन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की प्रमोशन बगैर टेस्ट पास करने और असिस्टेंट रजिस्ट्रार और डिप्टी रजिस्ट्रार जैसे पदों पर एमएम योग्यता वालों को ही तवज्जो देने पर अड़ा रहा। वीसी डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा पहले ही दिन से ही इस बात पर अड़े थे और अन्य मांगें जल्द पूरी कराने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद कुंटिया 22 दिनों तक हड़ताल पर रही। जिसके चलते न सिर्फ विश्वविद्यालय का कामकाज प्रभावित रहा, बल्कि विद्यार्थियों को कई तरह की समस्याएं झेलनी पड़ीं। अब केयू परिसर में 29 अगस्त से चल रही हड़ताल को छोड़ 1350 गैर शिक्षक कर्मचारी बुधवार से ड्यूटी पर लौट चुके हैं।
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विधायक ने एक बजे कुंटिया ऑफिस पहुंच कर दिया आश्वासन
विधायक सुभाष सुधा ने बुधवार दोपहर करीब 1 बजे कुंटिया कार्यालय में पहुंचकर कर्मचारियों को उनकी जायज मांगें पूरी कराने का आश्वासन दिया। विधायक ने कहा कि जिन कुंटिया नेताओं पर कोर्ट केस हो चुका है, उन सभी कोर्ट केस का जल्द समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि सीएम से वार्ता कर सातवें वेतन आयोग के तहत करीब 35 करोड़ रुपये का एरियर भी जल्द जारी कर दिया जाएगा। वहीं स्टाफ रेशियो का रूका हुआ पेशा भी सभी गैर शिक्षक कर्मचारियों को जल्द उनके खातों में डाल दिया जाएगा और किसी भी कर्मचारी का नो वर्क नो पे के तहत वेतन में कटौती नहीं होगी। अब अन्य मांगों को लेकर शुक्रवार को विधायक की मध्यस्थता में कुंटिया और केेयू प्रशासन की वार्ता होगी।

योग्यता को नहीं किया जाएगा दरकिनार
केयू प्रवक्ता के मुताबिक यूनिवर्सिटी प्रशासन ने दो टूक शब्दों में कहा कि योग्यता को दरकिनार कर किसी भी कर्मचारी को प्रमोशन व लाभ नहीं मिलेगा। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को प्रमोशन के लिए टाइप टेस्ट पास करना अनिवार्य होगा। एआर और डीआर की प्रमोशन के लिए यूजीसी द्वारा निर्धारित योग्यता के अनुसार ही भविष्य में प्रमोशन होगी। केयू प्रशासन ने कहा कि कर्मचारियों की सभी मांगों को प्रशासन ने हमेशा गंभीरता से लिया है, व जायज मांगो को हमेशा पूरा किया है।

तीन माह तक अपनी सीट पर दो घंटे करना होगा अतिरिक्त काम
हड़ताल के चलते केयू में बाधित हुए कार्य को अगले तीन सप्ताह तक दो घंटे अतिरिक्त काम करके गैर शिक्षक कर्मचारियों को निपटाना पड़ेगा। नो वर्क नो पे के आदेशों का पालन भी हो और कुंटिया की बात भी रहे, इसका फार्मूला केयू प्रशासन कर्मचारियों को दो घंटे अतिरिक्त ड्यूटी करने के लिए दिया है। कुंटिया द्वारा दो घंटे की अतिरिक्त ड्यूटी करने का प्रस्ताव स्वीकार करने के बाद ही केयू प्रशासन ने हड़ताल के दिनों को अर्जित अवकाश में मर्ज करने और वेतन ना काटने पर राजी हुआ। अब कर्मचारियों को अगले तीन नाह तक यूनिवर्सिटी में सुबह 8 बजे से सायं 6 बजे तक अपनी सीट पर लंबित कार्यो को जल्द से जल्द पूरा करना होगा।
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शुक्रवार को विधायक की मध्यस्थता में होगी केयू प्रशासन से वार्ता
कुंटिया सहसचिव रविंद्र तोमर ने कहा कि स्थानीय विधायक सुभाष सुधा ने सातवें वेतन का एरियर, स्टाफ रेशो का एरियर सहित अन्य मांगों को पूरा कराने का आश्वासन दिया है। शुक्रवार को विधायक की मौजूदगी में केयू प्रशासन से वार्ता होगी। इस वार्ता से केयू प्रशासन से उन्होंने उम्मीद है कि अन्य मांगों पर भी सहमति बने।

ये पहली बार हुआ केयू में
- कुंटिया की अनिश्चितकालीन हड़ताल के बावजूद केयू प्रशासन अडिग रहा।
- 37 कर्मचारी नेताओं के खिलाफ कोर्ट केस हुआ।
- पहली बार नो वर्क नो पे के आदेश के बाद केयू प्रशासन ने वेतन से राशि काट कर भुगतान किया
- केयू प्रशासन और कुंटिया के बीच चले विवाद में पहली बार किसी राजनीतिक व्यक्ति का सीधा हस्तक्षेप दिखा
- कुंटिया के इतिहास का जवाब केयू प्रशासन
- पहली बार हड़ताल में शामिल केयू के 52 एआर और डीआर को नोटिस दिया गया।
- प्रदर्शन शुरू होने से आखिरी दिन तक विडियोग्राफी हुई।
- पूरे आंदोलन में खास बात ये भी रही कि कुंटिया के सभी धड़े पहले की तरह एकजुट होकर संघर्षरत रहे।
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