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पराली जलाई तो लगेगा 5 से 25 हजार तक जुर्माना, पिछले सीजन में 30 किसानों पर लगाया गया जुर्माना

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अमर उजाला ब्यूरो
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पिहोवा । उपमंडल अधिकारी पूजा चांवरिया ने कहा कि जमीन की उपजाऊ क्षमता लगातार कमजोर होती जा रही है। यह सब पर्यावरण प्रदूषण की देन है। इस प्रदूषण के कारण ओजोन परत पर भी सीधा प्रभाव पड़ता है। पिछले वर्ष पराली जलाने की वजह से धुंए से दिल्ली में भी सांस लेना मुश्किल हो गया था। किसानों को इस संबंध में जागरूक किया जाना अत्यंत आवश्यक है। एसडीएम सोमवार को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की बैठक में बोल रही थी। उन्होंने कहा कि गत वर्ष पराली जलाने वाले 30 किसानों को जुर्माना लगाया गया एवं उनके चालान किए गए। पहली बार अवशेष जलाते पकड़े जाने वाले किसान पर पांच हजार रुपये जुर्माना होगा। दूसरी बार पकड़े जाने पर यह राशि दस हजार से 25 हजार रुपये तक होगी। उन्होंने बताया कि पिहोवा उपमंडल के सभी गांवों के पटवारी एवं ग्राम सचिवों की डयूटियां लगाई गई हैं, जो प्रत्येक दो गांवों को कवर करेंगे। ये पटवारी और ग्राम सचिव पराली जलाने की घटना को कृषि अधिकारी के समक्ष रिपोर्ट करेंगे। उन्होंने बताया कि आगामी 18 सितंबर को इस संबंध में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि गत वर्ष जितने भी जुर्माना एवं चलान किए गए, उन्हें 18 सितंबर की बैठक में प्रस्तुत किया जाए। सभी सरपंचों को भी इस बैठक में आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारी को कहा कि वे बिजली विभाग के जेई को भी साथ रखें, ताकि कोई किसान यह न कह सके कि बिजली तारों की स्पार्किंग से आग लगी है। तहसीलदार चेतना चौधरी ने कहा कि जिन-जिन पटवारियों व ग्राम सचिवों को दो-दो गांवों में डयूटी लगाई है, वे उन गांवों का नाम सहित ब्यौरा दें। उन्होंने बताया कि एसडीएम इस कार्यकी नोडल अधिकारी रहेंगी।
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फसल अवशेष यूरिया के साथ जमीन में ही मिलाएं तो बढ़गी उपजाऊ शक्ति : कर्मचंद
कृषि उप निदेशक डॉ. कर्मचंद ने बताया कि किसान कृषि अवशेष या पराली जलाने की बजाय उसे हैरो या कल्टीवेटर से गुदाई करके उस पर केवल आधा कट्टा युरिया का डाल कर उसे जमीन में ही मिला लें। इससे भूमि की उपजाऊ शक्ति बढ़ेगी एवं उपज की गुणवत्ता भी बढ़ेगी। पिहोवा उपमंडल में 25 कस्टमर हायर सेंटर स्थापित किए गए हैं, जिन पर किसानों की 20 से 80 प्रतिशत की सब्सिडी दी गई है। अगर कोई किसान कस्टमर हायर सेंटर स्थापित करना चाहते हैं, तो वे 9 आदमियों की समिति बनाकर ऑनलाईन विभाग के पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। आनलाईन उनके आवेदन का निपटारा होने पर उनकी सब्सिडी संबधित को पहुंच जाएगी और वे अपने उपकरण ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि पिहोव उपमंडल में 17 जागरुक शिविर लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि 25 सितंबर से धान की कटाई शुरू होगी और पूरे अक्तूबर तक चलेगी।
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