गांव मथाना में डंपिंग प्वाइंट को लेकर विवाद
ग्रामीण भूख हड़ताल पर बैठे, जेल जाने और गांव छोड़ने की दी चेतावनी
28 से नहीं डलने देंगे कचरा, 26 को विधायक आवास पर पहुंचेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। गांव मथाना में डंपिंग प्वाइंट के विरोध में ग्रामीणों ने भाकियू पदाधिकारियों के साथ भूख हड़ताल शुरू कर दी। 28 अगस्त से यहां कचरा न डालने देने का भी ऐलान कर दिया। इसके लिए जेल जाने से लेकर गांव से पलायन तक की भी चेतावनी दी है।
भूख हड़ताल व धरने की अध्यक्षता भाकियू के महासचिव स्वामी इंद्र ने की जबकि प्रवीण मथाना, सुरेश कुमार, शेर सिंह, पवन कुमार व रणधीर सिंह भूख हड़ताल पर बैठे तो अन्य लोग भी भारी संख्या में धरने में शामिल हुए। प्रवीण मथाना ने कहा कि 26 अगस्त को वे विधायक सुभाष सुधा व नगर परिष्द चेयरमैन उमा सुधा के घर पर पहुंचेंगे। वे रोष जताने के साथ ही उक्त डंपिंग प्वाइंट पर कचरा डालने से बंद करने की अपील करेंगे। इसके साथ ही सवाल किया जाएगा कि गांव मथाना व अन्य गांवों ने क्या गुनाह किया है कि जिस गंदगी से शहर को मुक्त किया जा रहा है वह वहां डाली जा रही है, जिससे बीमारियां फैल रही हैं। यहां डेढ़ वर्ष से कचरा डाला जा रहा है, जिससे गांववासियों का जीवन नरक बन चुका है, लेकिन अब इसे सहन नहीं किया जाएगा और आरपार की लड़ाई होगी। यहां 28 अगस्त से किसी भी स्तर पर कचरा नहीं डालने दिया जाएगा, जिसके लिए वे लाठियां खाने से लेकर जेल जाने व गांव से पलायन करने को भी तैयार हैं। उन्होंने कहा कि अब तक उनका आंदोलन शांतिपूर्ण चलता रहा है, लेकिन प्रशासन उन्हें उकसा रहा है। पुलिस बल के जोर पर कचरा डाला जा रहा है। केंद्र व प्रदेश सरकार एक ओर स्वच्छता अभियान चलाए हुए है तो वहीं गांव मथाना में शहर का कचरा डालकर इस अभियान को भी धता बताया जा रहा है। इस कचरे से क्षेत्र की भूमि, वायु व जल जहरीला होता जा रहा है, जिससे बीमारी फैलने लगी है। इस दौरान जिया लाल, मेवा राम, सुलतान सिंह, दीपक बतान, रणधीर सिंह, श्रीचंद, मदन पाल नंबरदार, कलीराम, रामपाल, गुलशन कुमार सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे।