अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। जाट धर्मशाला की नई कार्यकारिणी को मान्यता देने की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे 71वर्षीय हैबतपुर वासी बुजुर्ग किताब सिंह श्योराण ने आज से पानी त्यागेंने का एलान कर दिया है। इसके अलावा जाट समुदाय के लोग गांव कन्नौ वासी चंदाराम, दनौदा कलां वासी विजयपाल नैन व गांव सेरधा वासी अमला ढुल का आमरण अनशन दूसरे दिन भी जारी रहा। हालांकि आमरण अनशन पर बैठे जाट समुदाय के लोगों का स्वास्थ्य बुधवार शाम तक ठीक रहा,लेकिन समुदाय के लोगों ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन इनकी ओर अनदेखी कर रहा है।
अनशन पर बैठे लोगों के स्वास्थ्य की जांच करने के लिए कोई स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई चिकित्सक नहीं पहुंचा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आमरण अनशन के दौरान कोई अनहोनी हुई तो विधायक सुभाष सुधा, प्रदेश सरकार, जिला फर्म एवं सोसायटी के रजिस्ट्रार, उपायुक्त डॉ एसएस फुलिया सहित एसडीएम अनिल यादव इसके जिम्मेदार होंगे। इस दौरान नवनियुक्त कार्यकारिणी के प्रधान कर्मवीर घराड़सी, गंगा राज करोड़ा, कृष्ण श्योकंद, शमशेर ढुल, राजेंद्र हथीरा सहित अन्य समाज के लोग उपस्थित रहे।
नई कार्यकारिणी को मान्यता देने की मांग को लेकर यह आमरण अनशन तब तक जारी रहेगा जब तक नई कमेटी को मान्यता नहीं मिलती। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार व स्थानीय विधायक सुभाष सुधा के दबाव के चलते प्रशासन ने यह मामला गंभीरता से नहीं लिया। गौरतलब है कि 20 जुलाई को कर्मबीर घराड़सी के नेतृत्व में नई कार्यकारिणी का गठन किया गया था। इसके बाद धर्मशाला की चौधर को लेकर उनके व अंग्रेज सिंह गुट के बीच विवाद चला हुआ है। जहां कर्मबीर गुट आमरण अनशन पर बैठा है तो वहीं अंग्रेज सिंह द्वारा धर्मशाला खाली कराने को लेकर प्रशासन को दिया गया दो दिन का अल्टीमेटम पूरा हो चुका है।
सभी गांव से पांच-पांच लोग होंगे इकट्ठा: अंग्रेज सिंह
पुरानी कमेटी के प्रधान अंग्रेज सिंह ने बताया कि धर्मशाला खाली कराने को लेकर प्रशासन को दिया गया दो दिन का अल्टीमेटम पूरा हो चुका है। प्रशासन ने अभी तक धर्मशाला को खाली नहीं कराया। इसकी को लेकर समुदाय के सभी गांव से पांच-पांच लोगों को बुलाया गया है। वीरवार को लघु सचिवालय इकट्ठा होकर एसपी व डीसी से मुलाकात करेंगे, जिसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वे प्रशासन की कार्य प्रणाली से संतुष्ट नहीं हुए तो वे सड़कों पर उतरेंगे और धर्मशाला से समाज के धन के किए जा रहे दुरुपयोग का हिसाब प्रशासन से लिया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगीं।