फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसान और बैंक यूनियन आमने - सामने, बैंक मैनेजर पर हमले के मामले ने पकड़ा तूल

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। तीन जुलाई को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की गांव उमरी स्थित शाखा में मैनेजर पर हमलाकर जख्मी करने के मामले में बैंकर्स यूनियन और भाकियू आमने सामने है। इधर घायल बैंक मैनेजर हमले के दौरान कान का पर्दा फटने की वजह से पीजीआई रोहतक में दाखिल है। मंगलवार प्रेस कॉंफेंस कर बैंक कर्मचारी यूनियन ने जहां बुधवार को जिला के 200 से अधिक बैंक शाखाओं के कर्मचारियों के सड़क पर उतर कर प्रदर्शन का ऐलान किया है, वहीं पुलिस को अल्टीमेटम दिया है कि इसके बाद 24 घंटे का समय है, अगर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया तो अगले दिन से देशभर में बैंक बंद का ऐलान भी हो सकता है। वहीं आरोपी हमलावर के समर्थन में भाकियू के बैनर तले उमरी स्थित बैंक का घेराव किया गया।इस दौरान बैंक का कामकाज ठप रहा। भाकियू ने बैंक मैनेजर व अन्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मंगलवार को यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन ने एक होटल में पत्रकारवार्ता कर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर हड़ताल का अल्टीमेटम दे दिया। सुबह बैंक खुला ही था तो भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह मथाना, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी की अध्यक्षता में कुरुक्षेत्र, करनाल व यमुनानगर के पदाधिकारी व गांव समानी व आसपास के गांवों से किसान पहुंच गए। उन्होंने नारेबाजी करते हुए बैंक के बाहर धरना शुरू कर दिया। यह देख बैंक कर्मी बैंक बंद कर वहां से निकलने लगे तो किसानों ने उन्हें वहीं रोक लिया। मामले की सूचना मिलने पर एलडीएम हरि सिंह गुमरा के अलावा डीएसपी गुरमेल समेत भारी संख्या में पहुंचे पुलिस बल पहुंचा। किसान रोष जताते रहे और अधिकारी बैंक के बाहर कई घंटे तक खड़े रहे, लेकिन किसानों द्वारा बातचीत करने पर राजी होने के बाद करीब डेढ़ बजे बैंक के ताले खोले गए और उक्त अधिकारी, मारपीट का आरोपी किसान गांव समानी वासी दलजीत सिंह, महिला सरपंच के पति रामपाल सहित किसान यूनियन पदाधिकारी मामले को लेकर बैंक में करीब एक घंटा तक बातचीत करते रहे , लेकिन कोई समाधान नहीं हो पाया। वहीं धरने में जिला प्रधान कृष्ण कुमार कलाल माजरा, यमुनानगर के जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना, बलकार सिंह, चमेल सिंह, करनाल से चरण सिंह सहित अन्य बड़ी संख्या में किसान शामिल रहे।
विज्ञापन


हम बातचीत के लिए लेकिन कर्मचारी भागने लगे : चढूनी
भाकियू नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने बताया कि सुबह वे बैंक अधिकारी व कर्मचारियों से बातचीत के लिए आए थे, लेकिन उन्हें देख बैंक कर्मी ताला लगा भागने लगे, जिन्हें वहीं बैंक के बाहर रोक लिया गया। उन्होंने बताया कि एलडीएम का रवैया भी किसानों के प्रति सही नहीं था जबकि किसानों ने सामान्य रूप से बैंक घेराव किया। वार्ता में कोई हल नहीं निकला और अब फिर से मीटिंग होगी, जिसमें किसान, बैंक कर्मी व प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद होंगे।

ये था मामला
बताया जा रहा है कि गांव समानी वासी दलजीत का बैंक में दो खाते हैं। उन्होंने कार के लिए लोन लिया हुआ था। बैंक ने बचत खाते से बिना सूचना दिए ही तीन बार में 46 हजार रुपये इस खाते से लोन के भुगतान के रूप में एडजेस्ट कर दिए। खाते से पैसे काटे जाने पर वह बैंक पहुंचा तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, जिसके बाद अंबाला में एक बैंक में तैनात उनका बेटा सरजैंट भी वहां पहुंचा और मामले की जानकारी लेने के दौरान बहस हो गई, जो मारपीट में बदल गई।
विज्ञापन


मैनेजर पीजीआई में उपचाराधीन
तीन जून को उक्त बैंक शाखा के मैनेजर सुनील कुुमार पर हमले की सूचना पुलिस के पास पहुंची थी। उन्हें एलएनजेपी सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया था, जहां से उन्हें पीजीआई रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि अभी वे पीजीआई में ही उपचाराधीन है और उनके कान का पर्दा फटा हुआ है। तो वहीं किसानों की मानें तो बैंक मैनेजर व अन्य कर्मियों ने किसान पिता-पुत्र पर हमला किया है और फिर दोनों ओर से मारपीट हुई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें