ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट, पीएचडी डिग्रीधारक बेरोजगारों ने बेचे पकौड़े, दो हजार खर्च कर कमाए 930 रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
पीएम मोदी और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की युवाओं को पकौड़ा बेचने की नसीहत देने से स्थानीय बेरोजगार युवकों में आक्रोश है। सोशल मीडिया के साथ कुरुक्षेत्र के शिक्षित बेरोजगार युवाओं ने भाजपा की लचर कार्यप्रणाली को पकौड़े बेचकर धिक्कारा और अपनी नाराजगी जाहिर की। शनिवार को इनसो के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जसविंद्र खैरा के नेतृत्व में पुराने बस अड्डे के निकट ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट और पीएचडी डिग्रीधारकों ने पकौड़े बेचकर सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की। इस दौरान करीब 150 लोगों ने युवाओं के पकौड़ों का स्वाद चखा। इसमें युवाओं ने करीब दो हजार रुपये खर्च कर महज 930 रुपये ही कमाए।
इस अलग तरह के विरोध प्रदर्शन के दौरान खैरा ने दावा किया कि कई भाजपाई उनकी स्टाल के पास से आंख चुराकर गुजरते रहे, जबकि कुछ कांग्रेसियों ने पकौड़े खरीदने में दिलचस्पी दिखाई। युवाओं के समर्थन में इनेलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा पकौड़े खरीदने पहुंचे। उन्होंने केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए 200 रुपये के पकौड़े खरीदे। अरोड़ा ने कहा कि भाजपा सरकार पढ़े-लिखे युवाओं को रोजगार देने में नाकाम सिद्ध होकर केवल बातें बना रही है। गो-गीता, सरस्वती, गंगा, राम मंदिर आदि विषयों में उलझाकर सरकार ने जनता का ध्यान मुख्य मुद्दों से भटकाया है। युवा अब भाजपा की असली नीयत जान चुके हैं। वर्तमान में पढ़ा-लिखा युवा रोजगार की तलाश में दर-दर की ठोकरें खा रहा है। देश के मुखिया नरेंद्र मोदी पकौड़े बनाने के कार्य को युवाओं के लिए रोजगार बता रहे हैं। यह धिक्कारने लायक है। इस अवसर पर उपाध्यक्ष योगेश शर्मा, महिला राष्ट्रीय संयोजिका मंजु जाखड़, जिला चेयरमैन विशाल मुकीमपुरा, प्रदेश संयुक्त सचिव सारथ तिवारी, राजन कतलारी, पवन, अमित वत्स, सिंपल बांगर, सुदेश मोरवाल, गुरमीत हुंदल आदि मौजूद रहे।
युवाओं को पता चल गया कि कितना है फायदा : खैरा
इनसो वरिष्ठ उपाध्यक्ष जसविंद्र खैरा ने कहा कि युवाओं को नौकरी नहीं दी जा रही, लेकिन कार्यक्रमों के नाम पर ग्रांट बांटी जा रही है। पूछा कि युवाओं ने शिक्षा क्या पकौड़े तलने के लिए ली थी। मां-बाप ने खून-पसीने की कमाई से अपने बच्चों को ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट और पीएचडी क्या पकौड़े बिकवाने के लिए दिलाई थी। लगभग 50 पढ़े-लिखे युवाओं ने दो हजार रुपये का बेसन, तेल, गोभी, आलू, प्याज, मिर्च-मसाला आदि खरीदकर दुकान सजाई और सुबह 9 बजे से 3 बजे तक कुल 930 रुपए की कमाई की। उन्होंने कहा कि अगर पढ़े-लिखे युवा 2000 रुपए खर्च कर 930 रुपए कमाते हैं तो इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पकौड़ा रोजगार में कितना फायदा है। भाजपा राज में युवाओं का भविष्य सचमुच अंधकार में है। इनेलो ने युवाओं को नौकरी देने के मामले में बाजी मारी है।