अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में पर्यटकों से गुलजार रहा क्राफ्ट और सरस मेला
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में क्राफ्ट और सरस मेले का तीसरा दिन पर्यटकों से गुलजार रहा। दूरदराज के क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने मेले के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का खूब आनंद लिया। इस अवसर पर एनजेडसीसी के लोक कलाकारों जमकर धमाल मचाया। इनमें उत्तराखंड के लोक कलाकारों ने छोलियां लोक नृत्य प्रस्तुत कर पर्यटकों को बांधे रखा। इस बार अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में आने वाले पर्यटक मस्ती के साथ झूमते नजर आए। इस छोलियां लोक नृत्य के अलावा पंजाब के गिद्दे और हिमाचल प्रदेश के कुल्लू नाटी के कलाकारों ने भी अपने-अपने प्रदेश के लोकनृत्य प्रस्तुत कर क्राफ्ट और सरस मेले में खरीददारी करने वाले पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित कर लिया।
क्राफ्ट और सरस मेले के तीसरे दिन सबसे पहले उत्तराखंड से आए कलाकारों ने लोक नृत्य की प्रस्तुती देने के लिए मंच पर वाद्य यंत्रों पर थाप लगाई तो पर्यटक वहां एकत्रित हो गए। सभी ने इसेक बाद छोलियां लोक नृत्य की प्रस्तुती दी। इस प्रस्तुती के साथ ही पंजाब के गिद्दे और हिमाचल प्रदेश के कुल्लू नाटी के लोक कलाकारों ने भी पर्यटकों को अपनी कला के मोहपाश में बांध कर रखा। उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला की तरफ से कुरुक्षेत्र उत्सव में पहुंचे कलाकारों ने सुबह और शाम के समय रंग जमाया। महोत्सव के तीसरे दिन हरियाणा के बंब रसिया, राजस्थान के बाजीगरों और बहरुपियों ने भी पर्यटकों का मनोरंजन किया। एनजेडसीसी के अधिकारी भूपेंद्र सिंह, राधेश्याम, राजेश बस्सी आदि ने बताया कि इस उत्सव में तीन दिसंबर तक अलग-अलग चरणों में 11 से ज्यादा प्रदेशों के 300 से ज्यादा लोक कलाकार प्रस्तुति देंगे। उन्होंने कहा कि ये कलाकार ज्योतिसर पिहोवा और जींद के पांडु पिंडारा में भी प्रस्तुती देंगे। उपायुक्त सुमेधा कटारिया ने कहा कि महोत्सव में पर्यटकों और श्रृद्धालुओं के मनोरंजन के लिए विभिन्न प्रदेशों के कलाकारों को एनजेडसीसी के माध्यम से आमंत्रित किया गया हैं।
पर्यटकों को पसंद आ रहे गोहाना के जलेब
गांव गोसाना से ताऊ बलजीत की देशी घी वाली जलेबियों का अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में पर्यटक और शहरवासी बेसब्री से इंतजार करते हैं। इस महोत्सव में पर्यटकों की चाहत को पूरा करने के लिए ताऊ बलजीत ने ब्रह्मसरोवर के तट पर चार स्टाल लगाए हैं। 40 सालों से जलेबी बनाने का काम करने वाले सोनीपत के गांव गोसाना निवासी ताऊ बलजीत ने बातचीत करते हुए बताया कि पिछले 7 सालों से कुरुक्षेत्र गीता महोत्सव में पर्यटकों के स्वाद को बढ़ाने के लिए गोहाना की प्रसिद्ध जलेबियों को लेकर आ रहे हैं। इस बार एक नहीं महोत्सव में चार स्टॉल पर देशी घी की जलेबियां हैं। इस वर्ष एक किलो जलेबी का दाम 240 रुपए है। एक जलेबी का वजन 250 ग्राम हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें और उनके बेटे बिजेंद्र, विजय और भाई बलबीर को गीता महोत्सव का बेसब्री से इंतजार रहता हैं।
छाया है कश्मीर का कहवा
कश्मीर की वादियों से पर्यटकों के स्वाद को बढ़ाने के लिए बारामूला निवासी मुमताज मकबूल विशेष काहवा लेकर आई हैं। क्राफ्ट मेले में स्टॉल नंबर 133 में पर्यटकों के लिए विशेष कहवा रखा गया हैं। मुमताज मकबूल ने बताया वर्ष 2008 से अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में पहुंच रही हैं। इस वर्ष काहवा के साथ-साथ ड्राई-फ्रूट भी लेकर आई हैं। महोत्सव में आने वाले पर्यटकों के लिए एक कप कहवा का दाम 30 रुपये रखा गया है।