अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने और किसान को कर्जा मुक्त किए जाने की मांग को लेकर बुधवार को कुरुक्षेत्र सहित पांच जिलों के किसान भड़क उठे और सैकड़ों किसानों ने गिरफ्तारियां दी। उन्हें हरियाणा रोडवेज की आठ बसों में भरकर यमुनानगर के जगाधरी स्थित जेल ले जाया गया।
भारतीय किसान यूनियन के बैनर के नीचे किए आंदोलन को लेकर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए तो वहीं जिला व पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद रहा तो वहीं एडीसी व एसपी खुद पूरे मामले की निगरानी करते रहे। इससे पहले किसानों ने पिपली अनाज मंडी में एक सभा का आयोजन किया, जहां हजारों किसान काली पट्टियां बांधकर एकत्रित हुए।
सभा में भाकियू नेता एवं राष्ट्रीय किसान महासंघ राष्ट्रीय कार्यकारिणी कोर कमेटी सदस्य गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि आज पूरे देश भर का किसान वर्तमान सरकार की नीतियों से त्रस्त है और जेल जाने को तैयार है। अब किसानों ने आरपार की लड़ाई छेड़ दी है जो मांगें पूरी होने तक जारी रहेगी तो वहीं जेल भरो आंदोलन भी 15 अगस्त तक जारी रहेगा। किसानों का यह आंदोलन अब जोर पकड़ चुका है, जिससे सरकार के पसीने छूटने लगे है और यही कारण है कि अब प्रदेश सरकार ने मंत्रियों की एक कमेटी गठित की है जो प्रदेश के हर कौने में पहुंच किसानों को समझाने व अपनी सरकार की नीतियों से अवगत करवाने का कार्य करेगी, लेकिन भाकियू इन मंत्रियों की कमेटी को हर जगह काले झंडे दिखाएगी और उनसे एक ही सवाल पूछा जाएगा कि किसानों के लिए किए गए वादों में से कौन सा वादा पूरा किया। चढूनी ने कहा कि इस आंदोलन को देख अब किसान आत्महत्या के लिए मजबूर नहीं होगा बल्कि सरकार के साथ लड़कर अपना हक लेगा और आज से यह शुरूआत कर दी गई है। किसानों को किसानों के दूसरे संगठन के प्रदेशाध्यक्ष पाला राम गोड़, भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष चमेल सिंह, सचिव हरपाल सिंह, मीडिया प्रभारी राकेश बैंस, अंबाला मंडल प्रधान बलकार सिंह, कुरुक्षेत्र जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार, यमुनानगर जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना, करनाल जिलाध्यक्ष अजय राणा, अंबाला जिलाध्यक्ष रूप राम व कैथल के जिलाध्यक्ष जगबीर प्यौदा सहित अन्य किसानों ने भी संबोधित किया। उधर गिरफ्तारी देने से पहले पत्रकारों से बातचीत में चढूनी ने कहा कि आज से देश भर में 62 किसान संगठनों ने यह आंदोलन शुरू किया है और 15 अगस्त तक गिरफ्तारियां देने का सिलसिला जारी रहेगा। किसानों की बड़ी मांगे सिर्फ स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू कर 50 फीसदी लाभ सहित फसल मूल्य दिया जाना व किसानों को कर्ज मुक्त किया जाना है।
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अनाज मंडी की हुई किलेबंदी
किसान आंदोलन को लेकर पुलिस प्रशासन ने पिपली अनाज मंडी की किलेबंदी कर दी। मंडी के एक मुख्य गेट को छोड़ अन्य सभी गेट बंद कर दिए गए तो वहीं जगह-जगह बैरिकेट भी लगाए गए। आसपास के पांच जिलों की पुलिस फोर्स अनाज मंडी के आसपास पूरे बंदोबस्त के साथ तैनात रही तो वहीं सभी पुलिस अधिकारी वरिष्ठ अधिकारियों को पल-पल की जानकारी देते रहे। वहीं आंदोलन को लेकर कुुरुक्षेत्र डिपो की 20 बसों को सभा स्थल के समीप ही खड़ा कर दिया गया, लेकिन जब किसानों ने गिरफ्तारी दी तो महज 8 बसें ही भर पाई।
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छह ड्यूटी मजिस्ट्रेट रहे तैनात
पिपली अनाज मंडी में हुई किसान सभा व गिरफ्तारी के दौरान एसपी व एडीसी खुद निगरानी पर रहे तो वही छह ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी तैनात रहे। इनमें एसडीएम नरेंद्र पाल, थानेसर नायब तहसीलदार परमिंद्र सिंह, नायब तहसीलदार कृष्ण कुमार, लाडवा नायब तहसीलदार हरिश कालड़ा, बाबैन नायब तहसीलदार साहब सिंह, शाहाबाद तहसीलदार तरूण कुमार, डीडीपीओ प्रताप सिंह आदि शामिल रहे। एडीसी पार्थ गुप्ता व एसपी अभिषेक गर्ग ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि किसानों का आंदोलन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन प्रशासन ने अपने स्तर पर हर स्थिति से निपटने के लिए पुख्ता प्रबंधन किए हुए थे। आठ बसों में करीब 300 से अधिक किसानों ने गिरफ्तारी दी है। ------------------
खाना, चाय आदि का रहा पूरा प्रबंध
किसानों के सभा व गिरफ्तारी स्थल पर पिपली अनाज मंडी में खाने से लेकर चाय व पानी का भी पूरा प्रबंध किया गया। किसानों ने पहले चाय पी तो बाद में सभा का आयोजन किया। इसके उपरांत खाना खाया, जिसके साथ ही गिरफ्तारी देने का सिलसिला शुरू हो गया। --------------------
किसान बोले, हमें आजादी कब
किसानों ने गिरफ्तारी देने के साथ-साथ सरकार से पूछा कि आज के दिन से महात्मा गांधी ने अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन चलाया था और भारत को आजादी मिली, लेकिन किसान को आजादी कब मिलेगी। यह श्लोगन लिखी काली पट्टियां भी सभी किसानों ने अपने सिर व बाजूओं पर बांधे रखी।
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मोबाइल व कृपाण ले जाने पर पाबंदी
किसान सभा के दौरान ही डीएसपी जगदीश राय ने मंच से कहा कि गिरफ्तारी देने वाले किसान अपने साथ जेल में मोबाइल, बड़ी कृपाण व पर्स भी नहीं ले जा सकेंगे। इसके बाद सिख किसानों के लिए तत्काल ही छोटी कृपाण मंगवाई गई तो वहीं सभा स्थल पर ही सभी किसानों ने मोबाइल व पर्स भी जमा करवा दिए।