30 हजार क्विंटल सूरजमुखी खरीद का नोटिफिकेशन जारी
प्रशासन के आश्वासन पर किसानों का धरना समाप्त और खरीद शुरू
- एसडीएम ने अपनी जिम्मेवारी पर जेल में बंद किसानों के दिए रिहाई के ऑर्डर
अमर उजाला ब्यूरो
शाहबाद। किसानों के जेल भरो आंदोलन ने किसानों की जीत पर मुहर लगा दी है। मंगलवार को सरकार ने शाहाबाद क्षेत्र के किसानों की 30 हजार क्विंटल सूरजमुखी की खरीद का पत्र जारी कर दिया। यह माना जा रहा है कि राज्यमंत्री कृष्ण बेदी ने क्षेत्र की इस समस्या को मुख्यमंत्री के पास रखा। इस पर प्रदेश सरकार ने 30 हजार क्विंटल फसल खरीद का पत्र जारी किया है।
भाकियू के प्रेस प्रवक्ता राकेश बैंस ने बताया कि अब शाहाबाद की मंडी में हैफेड की ओर से पेंडिंग साढ़े 8 हजार क्विंटल और प्रदेश सरकार की ओर से 30 हजार 250 क्विंटल फसल की खरीद होगी। इस तरह कुल 58 हजार 500 क्विंटल फसल की खरीद की जाएगी। फसल खरीद का पत्र जारी होने के बाद एसडीएम ने अपनी जिम्मेदारी पर जेल में बंद किसानों के रिहाई के आर्डर दे दिए हैं और शाम तक भाकियू नेता गुरनाम सिंह सहित सभी किसान जेल से बाहर आ गए। वहीं मंगलवार को भी किसान अनाज मंडी में धरने पर बैठे और किसी भी किसान ने अपनी फसल नहीं बेची।
भाकियू प्रवक्ता राकेश बैंस ने कहा कि खरीद के पत्र से कुछ नहीं होगा प्रशासन को आकर इस बात की पुष्टि करनी होगी। काफी प्रतीक्षा करने के बाद जब प्रशासनिक अधिकारी धरने पर नहीं पहुंचा तो 11 किसान अपने साथियों के साथ प्रदर्शन करते हुए थाने में गिरफ्तारी देने के लिए पहुंचे। थाने में एसडीएम सतबीर कुंडू , डीएसपी जगदीश राय, डीएम हैफेड देवेंद्र राय, थाना प्रभारी अजैब सिंह मौजूद थे। उन्होंने किसानों को बातचीत के लिए बुलाया। उन्होंनेे किसानों को फसल खरीद के लिए जारी किए गए पत्र के बारे में पुष्टि की तब जाकर किसानों ने सरकार के इस निर्णय पर सहमति जताते हुए धरने को समाप्त कर दिया। एसडीएम ने जेल में बंद किसानों के रिहाई के कागज पूरे करवाकर भेज दिए।
इससे पूर्व मंगलवार को किसानों के धरने में कांग्रेस के युवा प्रदेशाध्यक्ष हरप्रीत चीमा, अम्बाला प्रधान सिमरन तेजा, पूर्व सरपंच कर्मा जोगी खेड़ा, अजय काजल, शिवाम चढूनी, जगमोहन सेठी, दीपक कक्कड़, सुनीता नेहरा सहित अनेक कांग्रेसी धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों को संबोधित किया। हरप्रीत चीमा ने कहा कि सरकार किसानों से अन्याय कर रही है। सरकार को किसानों से बातचीत करके उनकी मांगे माननी चाहिए।
24 किसानों ने करवाई जमानत
सोमवार शाम को जेल में बंद 24 किसानों की प्रदेश प्रवक्ता ने जमानत करवा ली। उधर शाहाबाद क्षेत्र के अनेक सरपंचों व किसानों ने राज्यमंत्री से भेंट कर सूरजमुखी की 50 प्रतिशत खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने की गुहार लगाई थी। इनमें सर्वजीत सिंह कलसानी, बख्शीश सिंह नलवी, बलकार सिंह रायपुरमाजरा, सिमरन झरौली, बूटा सिंह, अमरजीत झरौली और गुरबख्श सिंह भी शामिल हैं। राज्यमंत्री ने सभी को आश्वासन दिया था कि सोमवार सायं तक खरीद का आदेश जारी हो जाएगा।
फोटो समाचार-25,26
किसानों की एकजुटता हुई जीत : गुरनाम
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र-शाहाबाद।
हरियाणा सरकार की ओर से सूरजमुखी की 30 हजार क्विंटल खरीद की घोषणा करने के बाद जेल में बंद किसानों ने जेल से रिहाई ली। जेल से रिहा होने के बाद किसानों ने भाकियू नेता गुरनाम सिंह चढूनी को फूलों से लाद दिया। किसानों ने कहा कि गुरनाम सिंह के अटल फैसले और दूरदर्शी सोच की बदौलत ही इतनी बड़ी जीत किसानों की झोली में आई है।
प्रेस प्रवक्ता राकेश बैंस ने कहा कि आपात स्थिति के समय गुरनाम सिंह एक कमांडर की तरह मोर्चा संभालते हैं और निडरता से आगे होकर हर कुर्बानी के लिए तैयार रहते हैं। जेल से रिहा होने के बाद पत्रकारों से बातचीत में भाकियू नेता गुरनाम सिंह ने कहा कि यह किसी एक की नहीं बल्कि किसानों की एकजुटता की जीत हुई है। गुरनाम सिंह ने बताया कि सरकार के किसानों के पक्ष में फैसले के बाद जेल में आमरण अनशन पर बैठे दोनों किसानों का अनशन जूस पिला कर तोड़ा गया। वहीं जेल से रिहा होने के बड़ी संख्या में किसान कुरुक्षेत्र जेल पहुंचे और गुरनाम सिंह चढूनी का भव्य अभिनंदन किया। किसान भाकियू नेता को डोल की थाप पर कुरुक्षेत्र से शाहाबाद लेकर आए। इस अवसर पर राकेश बैंस, अर्जुन सिंह भिंडर, कर्म सिंह मथाना, गुरचरण सिंह चीमा, बलदेव सिंह झरौली, जसबीर सिंह मामूमाजरा, तेजपाल जंधेड़ी आदि रहे।