दिन भर छाए रहे बादल, लगातार होती रही बूंदाबांदी
- शीत लहर चलने से फिर बढ़ा ठंड का असर
- तेज बारिश की आशंका से किसानों की बढ़ी चिंता
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। शनिवार को एक बार फिर मौसम ने पलटी मारी। पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे। यही नहीं लगातार बूंदाबांदी भी होती रही। बूंदाबांदी के बीच शीत लहर चलने से तापमान में दो से तीन डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग द्वारा सोमवार तक मौसम का मिजाज इसी तरह रहने से किसान फसलों को लेकर आशंकित हैं।
शनिवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। इसके साथ ही हल्की बूंदाबांदी भी शुरू हुई। देर शाम तक बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रहा। रविवार व सोमवार को बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। बता दें कि 27 फरवरी को ही जिला भर में औस्तन 14.5 एएम बारिश हुई थी, जिसमें पिहोवा में सबसे अधिक 22 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। अभी इस बारिश से बनी ठंड से राहत भी नहीं मिल पाई थी कि शनिवार को फिर मौसम ने पल्टी मारी। दिन भर रुक-रुक कर हुई बूंदाबांदी देर सायं तक जारी रही। इसके साथ ही चलती रही शीत लहरों ने एकाएक ही ठंड बढ़ा दी और इसका असर बाजारों से लेकर सार्वजनिक स्थलों पर भी देेखने को मिला। वहीं अगले दो दिन ओर बारिश का मौसम रहने से ठंड बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं किसान राजेराम, महेंद्र, सुखलाल, रामकिश्न आदि का कहना है कि अब गेहूं की अधिकतर फसल में बालियां आ चुकी है और तेज बारिश या तेज हवाएं आई तो फसल गिर सकती है। इससे फसल में नुकसान होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। यहीं नहीं तेज बारिश हुई तो खेतों में पानी रुकने पर भी फसल खराब होगी। वहीं, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद का कहना है कि हल्की व बिना हवा बारिश हुई तो गेहूं की फसल में फायदा होगा। इससे अनाज की उत्पादकता बढ़ेगी, लेकिन तेज बारिश व हवाएं चली तो फसल गिरेगी , जिसमें नुकसान होगा। बारिश होने पर किसानों को अपनी फसल में पानी नहीं खड़ा होने देना चाहिए।
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आज और कल छाए रहेंगे बादल
अगले दो दिनों तक जिले में बारिश का मौसम जारी रहेगा। जबकि इसके बाद तीन दिन बादल छाए रहेंगे। इससे पहले 27 फरवरी को ही बारिश हुई थी तो इस माह में बारिश का चार बार मौसम बना, जिस दौरान कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हुई।