अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। कड़ाके की ठंड जबरदस्त ठंड और कोहरे के बावजूद मौनी अमावस्या पर धार्मिक नगरी में डेढ़ लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। जिसकी वजह से पूरे शहर में कई स्थानों पर जगह-जगह जाम लग गया। इस दौरान ब्रह्म सरोवर व ज्योतिसर में स्नानार्थियों की भारी भीड़ रही। वहीं घाट पर फिसलने की वजह से एक बुजुर्ग तीर्थ यात्री सरोवर के गहरे पानी में डूब गया। जिसे वहां मौजूद लोगों ने बाहर निकाला। परिजनों ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसकी हालत गंभीर है। वहीं, केडीबी ने इस तरह की घटना की जानकारी से इंकार किया।
मौनी अमावस्या के मौके पर सोमवार को तीर्थ नगरी में प्रदेश भर से तीर्थयात्रियों को तांता उमड़ पड़ा। इतनी ज्यादा संख्या में आए तीर्थयात्रियों के आने से कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड और जिला प्रशासन के इंतजाम की पोल खुल गई। ब्रह्मसरोवर परिसर में स्नान करने पहुंचे थानेसर के चक्रवर्ती मोहल्ला निवासी मनमोहन चुघ सरोवर में डूब गए। वहां मौजूद श्रद्घालुओं एवं पर्यटन पुलिस की सहायता से उनको बाहर निकाला गया। हालांकि पेट में ज्यादा पानी जाने के कारण उनकी हालात गंभीर रही। जिसके चलते उनको तत्काल एनएनजेपी अस्पताल ले जाया गया। जहां उनको पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। वहीं सूचना पर पहुंचे परिजनों ने चुघ को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उनको आईसीयू में रखा गया है। इस बीच केडीबी के सीईओ संयम गर्ग ने कहा कि ब्रह्मसरोवर एवं सन्निहित सरोवर पर लगभग डेढ़ लाख लोग उमड़े। घाट पर फिसलने से व्यक्ति को पीजीआई रेफर करने की कोई जानकारी नहीं है। बेहतर देखरेख करके घाटों से काई एवं चिकनाई को हटा दिया गया था, लेकिन यदि फिर भी कोई कमी रही है तो वे अधिकारियों से बात करके जरूरी निर्देश देंगे।
रेलवे स्टेशन से लेकर ब्रह्मसरोवर तक बने तमाम चौक पर काफी संख्या में आए श्रद्घालुओं के चलते जाम की स्थिति बनी रही। ऐसे हालातों से काबू पाने के लिए दिनभर ट्रैफिक पुलिस के जवान व्यवस्था बनाने में लगे रहे। भगवान परशुराम चौक, अहिल्याबाई चौक, शूरसैन चौक, मीरी-पीरी चौक, देवीलाल चौक, महाराणा प्रताप चौक, पैनोरमा मोड़, अर्जुन चौक सहित अंबेडकर चौक एवं विश्वकर्मा चौक भी वाहनों की थोड़ी-थोड़ी देर बाद लंबी कतारें लगती रहीं। इस कारण सरकारी एवं निजी बसों में सवार होने वाली दूर-दराज की संगत काफी झल्लाती नजर आई। ट्रैफिक पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए बच्चों एवं सामान को बसों तक पहुंचाने में मदद की। हालांकि इस दौरान अन्य छोटे-बड़े वाहनों के गंततव्य तक पहुंचने में देरी हुई और इसी कारण कई वाहन चालकों ने संपर्क रास्तों से निकलने में भलाई समझी।
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यहां रहा श्रद्धालुओं का जमावड़ा
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हरियाणा ब्राह्मण धर्मशाला एवं छात्रावास, गीता भवन ट्रस्ट, गीता धाम, श्री जयराम विद्यापीठ, जाट धर्मशाला, श्री ब्रह्मपुरी अन्नक्षेत्र आश्रम परिसर में लोगों का काफी जमावड़ा रहा। स्नान-दान के बाद श्रद्घालुओं ने धर्मनगरी के दु:खभंजन महादेव मंदिर, ज्योतिसर तीर्थ, तिरुपति बालाजी मंदिर, लक्ष्मीनारायण मंदिर, स्थाणु तीर्थ, दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर, कालेश्वर महादेव मंदिर, शक्तिपीठ श्रीदेवीकूप मां भद्रकाली मंदिर में भी भक्तों ने दर्शन किए। इसके अलावा दूर-दराज से आए पर्यटकों ने धर्मनगरी के ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व समेटे विशेष स्थानों पर भ्रमण किया। गौशालाओं में भी आस्थावान लोगों ने तुलादान किया। महादेव गौशाला, जय बजरंगबली गौशाला, सनातन धर्म गौशाला, श्री श्याम गौशाला इत्यादि में महिलाओं एवं पुरुषों ने गौपूजन करके मासिक सहयोग दिया। इसके साथ ही गुरुद्वारा छठी पातशाही में भी आस्था का सैलाब नजर आया। पवित्र सरोवर में डुबकी लगाकर संगत ने दरबार में शीश नवाया। रेलवे रोड पर कई मार्केट एसोसिएशन सदस्यों द्वारा भी भंडारे दिए गए। सन्निहित सरोवर के निकट बने पितर स्थानों पर परिजनों ने पूजा-अर्चना की।
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फिसलन का कारण: घाटों के आसपास बिखरा भारी मात्रा में अन्न का अंश
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ब्रह्मसरोवर परिसर में पितरों के निमित्त पिंडदान कराने आए श्रद्घालुओं ने अन्न के अंश सीढ़ियों पर ही छोड़ दिए। इसको देखते हुए यहां फिसलन की स्थिति भी बनी रही। जो भी पानी में थोड़ा नीचे की तरफ सीढ़ियों पर पैर रखने का प्रयास करता, कदम डगमगाने के चलते असमंजस में आ जाता। इस दौरान ब्रह्मसरोवर एवं सन्निहित सरोवर क्षेत्र में आमजन के बीच ऐसी स्थिति चर्चा का विषय भी बनी रही। तीर्थ पुरोहित सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि आस्था के साथ पानी की सफाई रखने पर भी ध्यान देना चाहिए। इसके केडीबी प्रशासन को पानी के आसपास पिंडदान की गई सामग्री के विसर्जन के लिए विशेष व्यवस्था करनी चाहिए। साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए प्रबंध हों तो बेहतर होगा।
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सरोवर पर अनुष्ठान के दौरान पंडित विनोद शास्त्री ने बताया कि माघ मास की अमावस्या मौनी अमावस्या कहलाती है। यह सोमवार को होने के कारण सोमवती अमावस्या भी कहलाएगी। इस दिन दान करने का बड़ा महत्व है। पवित्र नदियों में स्नान का बहुत ही अधिक महत्व होता है। इसी तरह कुरुक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर एवं सन्निहित सरोवर में भी स्नान का विशेष महत्व है। इसके अलावा अन्न, वस्त्र, धन, गऊ, भूमि और स्वर्णदान का भी पुराणों में उल्लेख है। सोमवती अमावस्या के दिन स्वार्थ सिद्घी योग के चलते मकर राशि में चार ग्रह एकसाथ रहेंगे। इस लिहाज से दान करने पर अत्यधिक पुण्य की प्राप्ति होती है।
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विश्व धर्म एकता केंद्र एवं चेरीटेबल ट्रस्ट ने दिया भंडारा
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अर्जुन चौक के निकट गुरु बाबा बलवंत सिंह द्वारा स्थापित गुरुदेव आश्रम एवं श्री राधाकृष्ण मंदिर में विश्व धर्म एकता केंद्र एवं चेरीटेबल ट्रस्ट की चेयरपर्सन मंजीत कौर द्वारा विशाल भंडारा एवं यज्ञ आयोजित किया गया। इसमें हरियाणा सहित पंजाब की संगत ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इसी परंपरा में चनारथल रोड स्थित देवनारायण मंदिर में भी हवन, सत्संग एवं भंडारा दिया। जत्थेदार बलबीर सिंह लोहारा, दीपक पाठक, शेरपाल राणा, पंडित कांशी राम और रघुबीर सिंह कमोदा इत्यादि मौजूद रहे।
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घाट पर फिसलने से पानी में डूबा व्यक्ति, पीजीआई रेफर
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