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आयुर्वेदिक अस्पताल व छात्रावास के केयरटेकर नपे, आयुष महानिदेशक ने निरीक्षण के दौरान किया सस्पेंड - दोनों जगह हालात गंभीर मिलने पर अधिकारियों को फटकारा तो सोमवार को भी मचा रहा हड़कंप
- एक ही दिन में किया पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ छात्रावास का निरीक्षण, तैयार की रिपोर्ट
- अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी इकट्ठा की कुटेशन, वाटर प्योरिफायर भी होने लगे दुरुस्त
सेवा सिंह
कुरुक्षेत्र। श्री कृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल व छात्रावास में गहराई समस्याओं की गाज दोनों जगहों पर तैनात केयरटेकरों पर गिर गई है। दोनों को ही आयुष विभाग के महानिदेशक डॉ. साकेत कुमार ने न केवल सस्पेंड कर दिया है बल्कि कॉलेज व आयुष विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारियों को भी जमकर फटकार लगाई। वहीं सोमवार को इस कार्रवाई का असर भी हो गया।
श्री कृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज के विद्यार्थी अव्यवस्थाओं को लेकर 19 सितंबर से हड़ताल पर हैं। विभाग के महानिदेशक रविवार देर शाम यहां निरीक्षण पर पहुंचे। उन्होंने दोनों जगहों पर हालात देखे तो वे भौंचक्के रह गए और उन्होंने पूरे परिसर व हालात की वीडियो तक खुद बनाई। उन्होंने अस्पताल के केयरटेकर डिस्पेंसर रविंद्र कटारिया व छात्रावास के केयरटेकर बने लैब अटेंडेंट पवन कुमार को सस्पेंड कर दिया। कॉलेज प्राचार्या व विश्वविद्यालय प्रशासनिक अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। 29 सितंबर तक व्यवस्था सुधारने का अल्टिमेटम भी दिया। महानिदेशक की इस चेतावनी का असर उनके जाते ही दिखाई देने लगा और विश्वविद्यालय रजिस्ट्रार कृष्ण कुमार जाटियान अस्पताल के बाहर धरना दे रहे विद्यार्थियों के पास रत करीब साढ़े 8 बजे पहुंचे और उन्हें मनाने के भरसक प्रयास किए, लेकिन विद्यार्थियों ने दो टूक जवाब दिया कि समस्याओं का समाधान होगा तो आंदोलन भी खत्म होगा। उधर सस्पेंड किए गए केयरटेकर रविंद्र कटारिया व पवन कुमार का कहना है कि खामियां उनके स्तर पर नहीं रही हैं। उन्होंने खुद भरसक प्रयास किए, ताकि अधिक से अधिक सुविधा विद्यार्थियों को मिल सके।
एक ही दिन में अप्रूवल के लिए भेज दी कुटेशन
सोमवार को अधिकारियों में दिन भर हड़कंप मचा रहा तो। विश्वविद्यालय रजिस्ट्रार कृष्ण कुमार जाटियान, डॉ. अशोक राणा व पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों ने छात्रावास का घंटों बारीकी से निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की। अस्पताल व छात्रावास में कई नई सुविधाएं दिए जाने के लिए कुटेशन भी मंगवाई गई और अप्रूवल के लिए उच्चाधिकारियों को भी एक ही दिन में भेज भी दी गईं। कई माह से मरम्मत की बाट जोह रहे अस्पताल के वाटर प्योरिफायर भी दुरुस्त किए जाने लगे तो वहीं अधिकारियों में महानिदेशक के फिर से निरीक्षण करने के भय से अन्य कार्यों में भी तेजी दिखाई दी।
बुधवार को चार कॉलेजों के प्रिंसिपल पहुंचेंगे रोहतक
विद्यार्थियों की परीक्षा व परिणाम समय पर हों, इसके लिए महानिदेशक की फटकार के बाद कॉलेज व विश्वविद्यालय प्रशासन ने पीजीआईएमएस विश्वविद्यालय रोहतक के वीसी से मिलने का समय भी ले लिया है। हालांकि वीसी से मंगलवार को ही मिलने का समय तय करने की मांग की, लेकिन यह संभवन नहीं हो पाया। अब बुधवार को श्री कृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज कुरुक्षेत्र, गौड़ ब्राह्मण आयुर्वेदिक कॉलेज रोहतक, ताऊ देवीलाल आयुर्वेदिक कालेज जगाधरी व चरखी दादरी स्थित आयुर्वेदिक कॉलेज के प्राचार्या का संयुक्त प्रतिनिधिमंडल वीसी से मिलने रोहतक पहुंचेगा।
विद्यार्थी रोष जताने जिला सचिवालय पर पहुंचे तो डीआरओ बोले, छेड़छाड़ पर मारेें पत्थर
पांच दिनों से धरना दे रहे आयुर्वेदिक कॉलेज के विद्यार्थियों ने जहां अस्पताल के बाहर धरना दिया वहीं रोष जताने के लिए जिला सचिवालय पर पहुंचे और जमकर प्रदर्शन व नारेबाजी की। यहां उपायुक्त के न मिलने पर वे डीआरओ चांदी राम से मिले, जहां विद्यार्थियों को उन्होंने पढ़ाई करने की नसीहत दी। डॉ. अमित कुमार, भूपेंद्र सिंह सहित अन्य विद्यार्थियों ने आरोप लगाते हुए कहा कि डीआरओ ने मांगें पूरी कराने की बजाय उन्हें सलाह दी कि वे पढ़ाई करें। छात्राओं के साथ कोई छेड़छाड़ करता है तो उसे पत्थर मारो और छात्राएं यहीं नहीं है बल्कि अन्य कॉलेज में भी हैं। उन्होंने कहा कि कॉलेज में वाईफाई की जरूरत नहीं है तो जनरेटर भी अधिकारियों के ही काम आएगा। डीआरओ के ये जवाब सुनकर वे बाहर निकल आए और नारेबाजी की। वहीं उन्होंने नुक्कड़ नाटक कर भी अव्यवस्थाओं की पोल खोली।
इनसो अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला पहुंचे धरना स्थल पर
आयुर्वेदिक कॉलेज के समक्ष धरना दे रहे विद्यार्थियों को समर्थन देने के लिए इनसो अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला पहुंचे। उनके साथ प्रो. रणधीर चीका, वरिष्ठ उपप्रधान जसविंद्र खेहरा, जिलाध्यक्ष विशाल मुकिमपुरा, संजीव सिहाग सहित अन्य कार्यकर्ता व पदाधिकारी भी मौजूद रहे। चौटाला ने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को पढ़ाई की समुचित सुविधाएं देने में भी नाकाम साबित हुआ है और आज विद्यार्थी वर्ग में भारी रोष बना हुआ है।