अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। न शिक्षा सत्र निर्धारित समय से शुरू और संपन्न हो रहा, न समय पर परीक्षा और न ही समय पर परीक्षा के परिणाम ही आ रहे हैं। ऐसे हालात का सामना प्रदेश के श्री कृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज सहित प्रदेश के 12 आयुर्वेदिक कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे भावी चिकित्सकों को करना पड़ रहा है, जिन्हें न केवल एक वर्ष की चपत कोर्स पूरा करने के दौरान लग रही है और उन्हें पोस्ट ग्रेजुएट में दाखिले से वंचित रहना पड़ रहा है बल्कि उन्हें एमबीबीएस में प्रवेश के लिए ऑल इंडिया स्तर पर आयोजित होने वाली परीक्षा में ही शामिल होने का मौका नहीं मिल रहा है। विशेष तौर पर बीएमएस की फाइनल ईयर में पढ़ाई कर रहे प्रदेश भर के हजारों विद्यार्थियों की इस गंभीर समस्या के समाधान को लेकर न आयुष विभाग ही गंभीर है और न ही संबंधित विश्वविद्यालय ही इसके लिए अपनी व्यवस्था में आज तक सुधार कर पाया है।
विद्यार्थियों की मानें तो वे पिछले चार वर्षों से पीटी बीडी शर्मा यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस, रोहतक व सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिकल में तालमेल के अभाव का खामियाजा भुगत रहे हैं। श्री कृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज कुरुक्षेत्र में पढ़ाई कर रहे करीब 250 विद्यार्थियों से लेकर यमुनानगर के भी सैकड़ों विद्यार्थी इस समस्या को लेकर अनेकों बार सड़कों पर भी उतर चुके है तो वहीं कॉलेज प्रशासन के मार्फत संबंधित विश्वविद्यालय को भी ज्ञापन पत्र भेज अपना रोष जताते हुए समय पर सत्र शुरू कर समय पर परीक्षा के आयोजन व परिणाम की मांग कर चुके हैं, इसके बावजूद आज भी ये भावी चिकित्सक अव्यवस्था को झेल रहे हैं।
दिसंबर की बजाए अप्रैल में हुई परीक्षा, परिणाम आज तक नहीं
निर्धारित शेड्यूल अनुसार बीएमएस फाइनल ईयर की परीक्षा दिसंबर माह में करवानी होती है, जो इस बार भी अप्रैल माह में ही कराई गई, जिनका आज तक भी रिजल्ट नहीं आया है। विद्यार्थियों के अनुसार यही स्थिति हर वर्ष रहती है, जिसके चलते पूरे कोर्स के दौरान उन्हें कम से कम एक वर्ष की चपत लग रही है।
नहीं हो पाती इंटर्नशिप पूरी तो एमबीबीएस की परीक्षा भी नहीं दे पाते
कॉलेज के विद्यार्थियों का कहना है कि समय पर परीक्षा परिणाम नहीं मिल पाते, जिसके चलते उनकी इंटर्नशिप भी समय पर पूरी नहीं होती, लेकिन तब तक ऑल इंडिया स्तर की एमबीबीएस के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन हो जाता है। इस बार यह परीक्षा मई माह में हुई और इसमें भी वे शामिल होने से वंचित रह गए।
हजारों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किया जा रहा खिलवाड़ : डॉ अशोक
हरियाणा गर्वनमेंट आयुर्वेदिक कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक राणा का कहना है कि सरकार की अनदेखी व पीटी बीडी शर्मा यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस की अव्यवस्था के चलते प्रदेश भर के आयुर्वेदिक कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे हजारों विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। आज तक न शिक्षा सत्र समय पर शुरू किया जा सका और न ही परीक्षा समय पर ली जाती है, जिसके चलते उनके परीणाम भी समय पर नहीं मिल पाते, जिससे विद्यार्थियों का एक वर्ष खराब हो जाता है तो वे उच्च परीक्षाओं से भी वंचित रह जाते है। सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस भेजी टीम
आयुष विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों की उक्त समस्या को दूर करने के लिए कवायद शुरू कर दी है। पिछले माह ही यूनिवर्सिटी की ओर से विशेष टीम पीटी बीडी शर्मा यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस भेजी गई तो इससे पहले कॉलेज प्राचार्य डॉ. उषा दत्त ने भी अनेकों बार पत्र लिखे हैं।
रोहतक यूनिवर्सिटी के वीसी को भेजा पत्र, जल्द व्यवस्था दुरुस्त होने की उम्मीद : बलदेव
आयुष विश्वविद्यालय के वीसी डॉ बलदेव धीमान का कहना है कि पिछले कई वर्षों से व्यवस्था बेहतर नहीं है। छात्रों के दाखिले से लेकर परीक्षा व परिणाम में भी देरी हो रही है। इस बेहद गंभीर समस्या को दूर करने के लिए उन्होंने बीडी शर्मा यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस रोहतक के वीसी को पत्र लिखा है तो दो सदस्यीय एक टीम भी भेजी गई। व्यवस्था जल्द दुरुस्त होने की उम्मीद है।